लड़की की शादी के लिए सरकारी योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें

आवेदन ऑनलाइन है, नि:शुल्क है, और एक बार फ़ाइनल सबमिट करने के बाद उसमें सुधार नहीं हो सकता। जानिए किस पोर्टल पर, कब तक और किन दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करना है — और वे ग़लतियाँ जिनसे आवेदन रद्द हो जाता है।

23 सितंबर 2026 10 मिनट का पाठ · जानकारी 23 सितंबर 2026 तक जाँची गई

एक नज़र में मुख्य बातें

  • उत्तर प्रदेश में आवेदन विवाह की तारीख़ से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक ही स्वीकार होता है, और यह अवधि एक ही वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल–31 मार्च) के भीतर होनी चाहिए।
  • फ़ाइनल सबमिट के बाद आवेदन में कोई सुधार संभव नहीं है — नाम, खाता संख्या और IFSC सबमिट से पहले दो बार जाँच लें।
  • आवेदक और बेटी, दोनों का आधार आधारित e-KYC ज़रूरी है, इसलिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पास रखें।
  • बजट सीमा तक "पहले आओ, पहले पाओ" के सिद्धांत पर भुगतान होता है — पात्र होना ही काफ़ी नहीं, जल्दी आवेदन करना भी ज़रूरी है। विधवा और दिव्यांग आवेदकों को वरीयता मिलती है।
  • पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है। किसी एजेंट या "कर्मचारी" को पैसे देने की ज़रूरत नहीं — माँगे जाने पर ज़िलाधिकारी कार्यालय में शिकायत करें।

बेटी की शादी के लिए सरकारी अनुदान का आवेदन अब लगभग हर राज्य में ऑनलाइन है — और यही अच्छी ख़बर है, क्योंकि इसमें किसी बिचौलिए की ज़रूरत नहीं पड़ती। लेकिन ऑनलाइन होने का मतलब आसान होना नहीं है: आवेदन समय-सीमा से बँधा है, दस्तावेज़ों की पठनीयता मायने रखती है, और फ़ाइनल सबमिट के बाद सुधार का कोई विकल्प नहीं है।

इस लेख में उत्तर प्रदेश की शादी अनुदान योजना को उदाहरण बनाकर पूरी प्रक्रिया समझाई गई है, क्योंकि उसका निर्देश-पत्र सबसे विस्तृत है — और साथ में बाक़ी राज्यों के पोर्टल व समय-सीमाएँ भी दी गई हैं। सारी जानकारी सरकारी पोर्टल से 23 सितंबर 2026 को ली गई है।

शुरू करने से पहले: पाँच चीज़ें तैयार रखें

  1. आधार से लिंक मोबाइल नंबर — आवेदक और बेटी, दोनों का e-KYC आधार से होता है, और हर चरण पर OTP आता है। UP के निर्देश-पत्र में यह अनिवार्य बताया गया है।
  2. बैंक पासबुक का पहला पृष्ठ — जिसमें खाताधारक का नाम, बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड साफ़ पढ़े जा सकें।
  3. शादी का कार्ड या विवाह प्रमाण-पत्र — साफ़ स्कैन, धुँधला नहीं।
  4. आय प्रमाण-पत्र — e-District से ऑनलाइन बनवाया जा सकता है।
  5. जाति प्रमाण-पत्र — सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए ज़रूरी नहीं।

एक और ज़रूरी तैयारी: बैंक खाता आधार से सीड होना चाहिए, क्योंकि पैसा DBT से आता है। सीडिंग की स्थिति आप myaadhaar.uidai.gov.in पर जाँच सकते हैं; न हो तो बैंक में सहमति फ़ॉर्म भरकर करवा लें।

उत्तर प्रदेश: चरण-दर-चरण ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

  1. सही विभाग चुनें। पोर्टल shadianudan.upsdc.gov.in पर तीन रास्ते हैं — अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के लिए समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, और अनुसूचित जनजाति के लिए जनजाति विकास विभाग। ग़लत विभाग चुनने पर आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।
  2. आधार e-KYC पूरा करें। रजिस्ट्रेशन आधार प्रमाणीकरण और OTP से शुरू होता है। आवेदक और जिस बेटी की शादी के लिए आवेदन है, दोनों का e-KYC ज़रूरी है।
  3. आवेदन फ़ॉर्म भरें। बेटी और वर की जन्मतिथि, विवाह की तिथि, आय, जाति, निवास और बैंक विवरण दर्ज करें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें। दो अनिवार्य अपलोड हैं — शादी का प्रमाण-पत्र/कार्ड (पठनीय) और बैंक पासबुक का पहला पृष्ठ।
  5. सबमिट से पहले पूरी जाँच करें। निर्देश-पत्र के शब्दों में: "आवेदक आवेदन को अन्तिम रूप से सबमिट करने से पूर्व कोई भी प्रविष्टि में सुधार कर सकता है, किन्तु फाइनल सबमिट के उपरान्त आवेदन में किसी प्रकार का सुधार सम्भव नहीं होगा।"
  6. फ़ाइनल सबमिट करें और प्रिंट रखें। आवेदन संख्या नोट कर लें — स्थिति जाँचने और शिकायत, दोनों में यही काम आएगी।

समय-सीमा का नियम, जो सबसे ज़्यादा लोगों को उलझाता है

UP में आवेदन विवाह की तिथि से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक स्वीकार्य है — लेकिन एक अतिरिक्त शर्त के साथ: यह अवधि एक ही वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के भीतर होनी चाहिए। इसका व्यावहारिक मतलब यह है कि मार्च में हुई शादी के लिए आपके पास 90 दिन नहीं, बहुत कम समय बचता है। निर्देश-पत्र यह भी कहता है कि बीते वित्तीय वर्ष की माँग अगले वर्ष में आगे नहीं बढ़ाई जाती।

ध्यान दें: कई ज़िला पेजों और समाचारों में "6 महीने" या "180 दिन" लिखा मिलता है। आधिकारिक पोर्टल और दोनों सरकारी PDF में 90+90 दिन ही लिखा है — उसी को सही मानें।

दूसरे राज्यों के पोर्टल और समय-सीमा

राज्य पोर्टल आवेदन की समय-सीमा
उत्तर प्रदेश shadianudan.upsdc.gov.in विवाह से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक, एक ही वित्तीय वर्ष में
हरियाणा saralharyana.gov.in विवाह से पहले (2 माह तक ज़िला कल्याण अधिकारी की मंज़ूरी) और विवाह के 3 माह बाद तक
गुजरात esamajkalyan.gujarat.gov.in विवाह की तिथि से 2 वर्ष के भीतर
दिल्ली edistrict.delhigovt.nic.in विवाह से कम से कम 60 दिन पहले या बाद
तमिलनाडु tnesevai.tn.gov.in या तालुक समाज कल्याण कार्यालय लगभग 40–45 दिन पहले (ज़िला कार्यालय से पुष्टि कर लें)
मध्य प्रदेश ग्राम/जनपद पंचायत या नगर निकाय में फ़ॉर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन की तिथि के अनुसार
तेलंगाना telanganaepass.cgg.gov.in विवाह के लगभग 3 माह के भीतर (ज़िला कार्यालय से पुष्टि करें)
पश्चिम बंगाल BDO या SDO कार्यालय से नि:शुल्क फ़ॉर्म विवाह से 30 से 60 दिन पहले
झारखंड ज़िला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय विवाह के एक वर्ष के भीतर
असम igr.assam.gov.in (अरुंधति पोर्टल) विशेष विवाह अधिनियम में पंजीकरण के बाद

तेलंगाना का फ़ॉर्म सबसे विस्तृत है। ePASS पोर्टल पर बेटी की SSC जानकारी, आधार, जाति और आय प्रमाण-पत्र के MeeSeva नंबर, वर का विवरण और विवाह पंजीकरण की जानकारी भरनी होती है। फ़ॉर्म पर ही साफ़ चेतावनी लिखी है कि दस्तावेज़ मूल प्रति से स्कैन किए जाएँ — फ़ोटोकॉपी का स्कैन लगाने पर आवेदन निरस्त हो सकता है। हेल्पलाइन: 040-23120311 / 040-23120312, कार्यदिवसों में सुबह 10:30 से शाम 5:30 तक।

पश्चिम बंगाल और झारखंड में आवेदन ऑफ़लाइन है। बंगाल में रूपश्री प्रकल्प का फ़ॉर्म BDO (ग्रामीण) या SDO (नगरपालिका क्षेत्र) कार्यालय से नि:शुल्क मिलता है, और आवेदन विवाह से 30 से 60 दिन पहले करना होता है। झारखंड में आवेदन ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा होता है, विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य है, और समय-सीमा विवाह के एक वर्ष के भीतर है।

हरियाणा में एक ख़ास बात: वहाँ रकम दो हिस्सों में मिलती है — कुछ विवाह से पहले और बाक़ी विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करने के बाद। यानी विवाह का पंजीकरण कराना ज़रूरी है। गुजरात में बैंक खाता बेटी के अपने नाम का चाहिए, और विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य दस्तावेज़ों में है। दिल्ली में आवेदन के साथ क्षेत्र के विधायक या सांसद की संस्तुति लगती है, और पाँच साल का दिल्ली निवास ज़रूरी है।

आवेदन रद्द होने के 10 आम कारण

ये सब सरकारी निर्देश-पत्रों से लिए गए हैं, न कि अनुमान से:

  1. समय-सीमा से बाहर आवेदन — 90+90 दिन की खिड़की से बाहर, या वित्तीय वर्ष की सीमा पार।
  2. उम्र पूरी न होना — विवाह की तिथि को बेटी 18 वर्ष से और वर 21 वर्ष से कम।
  3. पासबुक का पृष्ठ अस्पष्ट — नाम, खाता संख्या या IFSC न पढ़ा जा सके।
  4. e-KYC अधूरा — आवेदक या बेटी का आधार सत्यापन न होना, या आधार से मोबाइल लिंक न होना।
  5. खाता आधार से सीड न होना — DBT विफल हो जाती है।
  6. आय सीमा से ऊपर — UP में सामान्य/SC वर्ग के लिए शहरी ₹56,460 और ग्रामीण लगभग ₹46,080; पिछड़ा वर्ग के लिए ₹1,00,000।
  7. तीसरी बेटी के लिए आवेदन — एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों तक ही अनुदान।
  8. जाति प्रमाण-पत्र न होना या ग़लत विभाग में आवेदन — पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल अल्पसंख्यक जातियों के आवेदक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से पात्र नहीं हैं।
  9. शादी का प्रमाण अपठनीय या अपलोड न होना।
  10. फ़ाइनल सबमिट के बाद पकड़ी गई ग़लती — जिसे सुधारा नहीं जा सकता।

इनके अलावा एक और वजह है जो आपकी पात्रता से नहीं जुड़ी: बजट। निर्देश-पत्र कहता है कि भुगतान "प्रथम आगत प्रथम पावत" यानी पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर, बजट की सीमा तक होगा। विधवा और दिव्यांग आवेदकों को वरीयता दी जाती है। इसलिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में और विवाह की तिथि के जल्दी बाद आवेदन करना फ़ायदेमंद है।

फ़र्ज़ी वेबसाइट और "फीस" से बचाव

पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है — यह सरकार ख़ुद लिखती है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निर्देश-पत्र के शब्दों में: "इस प्रक्रिया में आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया के दौरान आवेदक को कोई भी शुल्क देय नहीं है।"

इसलिए:

  • .gov.in ही देखें। असली UP पोर्टल shadianudan.upsdc.gov.in है। दिल्ली पुलिस की साइबर सलाह चेताती है कि ठग असली पोर्टल जैसी दिखने वाली .in या .org वेबसाइटें बनाते हैं, और अशोक स्तंभ का लोगो लगा होना असली होने का प्रमाण नहीं है।
  • किसी को नक़द न दें। "फ़ाइल आगे बढ़वाने" या "मंज़ूरी दिलाने" के नाम पर माँगी गई रकम पूरी तरह अवैध है।
  • शिकायत कहाँ करें: ज़िलाधिकारी या ज़िला समाज कल्याण कार्यालय; समाज कल्याण कमांड सेंटर 14568; पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग 18001805131 या 0522-2288861।
  • पैसे चले जाएँ तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। फ़र्ज़ी वेबसाइट का पूरा URL दिखाता स्क्रीनशॉट साथ रखें।

आवेदन के बाद क्या होता है

आवेदन जमा होने के बाद ज़िला स्तर पर दस्तावेज़ों का सत्यापन होता है। सत्यापन पूरा होने और बजट उपलब्ध होने पर रकम सीधे बैंक खाते में DBT से आती है। कोई सार्वजनिक समय-सीमा तय नहीं है; महाराष्ट्र के वर्धा ज़िला पोर्टल पर लगभग एक महीने की प्रक्रिया बताई गई है।

इस बीच:

  • आवेदन संख्या संभालकर रखें और पोर्टल पर स्थिति देखते रहें।
  • बैंक खाता चालू रखें — बंद या निष्क्रिय खाते में DBT विफल हो जाएगी।
  • फ़ोन नंबर न बदलें, क्योंकि सूचनाएँ उसी पर आती हैं।

निष्कर्ष

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कठिन नहीं है, बशर्ते तीन बातें ध्यान में रहें: समय-सीमा (UP में 90+90 दिन, एक ही वित्तीय वर्ष में), दस्तावेज़ों की पठनीयता (ख़ासकर पासबुक का पृष्ठ), और फ़ाइनल सबमिट से पहले की जाँच, क्योंकि उसके बाद सुधार नहीं होता।

और याद रखिए कि अनुदान की रकम शादी के पूरे ख़र्च के लिए काफ़ी नहीं होती। किस राज्य में कितनी सहायता मिलती है, यह हमने शादी के लिए लोन सरकारी योजना में बताया है, और बाक़ी ख़र्च के लिए सबसे सस्ते उधार के विकल्प लड़की की शादी के लिए लोन कैसे लें में।

शादी अनुदान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शादी अनुदान के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ — उत्तर प्रदेश के लिए shadianudan.upsdc.gov.in। वहाँ आधार आधारित रजिस्ट्रेशन करें, OTP से सत्यापन पूरा करें, फिर आवेदन फ़ॉर्म में बेटी और विवाह की जानकारी भरें, शादी का कार्ड या प्रमाण-पत्र और बैंक पासबुक का पहला पृष्ठ अपलोड करें, और सब जाँचने के बाद ही फ़ाइनल सबमिट करें।
आवेदन कब तक करना होता है?
उत्तर प्रदेश में विवाह की तिथि से 90 दिन पहले से 90 दिन बाद तक, और यह पूरी अवधि एक ही वित्तीय वर्ष में होनी चाहिए। हरियाणा में विवाह से पहले आवेदन किया जा सकता है और विवाह के 3 महीने बाद तक स्वीकार होता है। गुजरात में विवाह के 2 साल के भीतर। दिल्ली में विवाह से 60 दिन पहले या बाद।
ऑनलाइन आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
उत्तर प्रदेश में दो अनिवार्य अपलोड हैं — शादी का प्रमाण-पत्र या शादी का कार्ड (पठनीय), और बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति जिसमें खाताधारक का नाम, बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड साफ़ दिखे। इनके अलावा आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र (सामान्य वर्ग को छोड़कर) और आधार तैयार रखें।
क्या फ़ाइनल सबमिट के बाद आवेदन में सुधार हो सकता है?
नहीं। सरकारी निर्देश-पत्र में साफ़ लिखा है कि आवेदक फ़ाइनल सबमिट से पहले कोई भी प्रविष्टि सुधार सकता है, लेकिन फ़ाइनल सबमिट के बाद किसी प्रकार का सुधार संभव नहीं होगा। इसलिए नाम की वर्तनी, जन्मतिथि, खाता संख्या और IFSC कोड दस्तावेज़ों से मिलाकर ही सबमिट करें।
आवेदन करने के बाद पैसा कितने दिन में आता है?
कोई तय समय-सीमा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है। भुगतान सत्यापन के बाद DBT से सीधे बैंक खाते में आता है, और उत्तर प्रदेश में यह बजट की उपलब्धता पर निर्भर है — "प्रथम आगत प्रथम पावत" के सिद्धांत पर। महाराष्ट्र के वर्धा ज़िला पोर्टल पर प्रक्रिया लगभग एक महीने की बताई गई है।
आवेदन की स्थिति (स्टेटस) कैसे देखें?
उत्तर प्रदेश में पोर्टल पर "आवेदन की स्थिति" वाले विकल्प से आवेदन संख्या डालकर देखा जा सकता है। समस्या होने पर समाज कल्याण कमांड सेंटर 14568, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की टोल-फ़्री लाइन 18001805131, या अपने ज़िला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।
क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
नहीं। सरकारी निर्देश-पत्र के शब्दों में, आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया में आवेदक को कोई शुल्क देय नहीं है। कोई भी व्यक्ति पैसे माँगे तो तुरंत ज़िलाधिकारी कार्यालय में शिकायत करें, और ऑनलाइन ठगी होने पर 1930 या cybercrime.gov.in पर।

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जानकारी कहाँ से ली गई है

इस लेख की हर दर, राशि और शर्त बैंक या सरकार की अपनी आधिकारिक वेबसाइट से 23 सितंबर 2026 को जाँची गई है। जहाँ कोई आँकड़ा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, वहाँ हमने अनुमान लगाने के बजाय यही लिखा है कि वह उपलब्ध नहीं है। ब्याज दरें और योजनाएँ बदलती रहती हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

स्रोत

  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/
  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/pdf/Instructions.pdf
  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/pdf/SAY_AppFillInstruction.pdf
  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/ContactUs.aspx
  • https://sewa.haryana.gov.in/mukhya-mantri-vivah-shagun-yojna/
  • https://esamajkalyan.gujarat.gov.in/
  • https://edistrict.delhigovt.nic.in/
  • https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanLakshmi.do
  • https://igr.assam.gov.in/schemes/arundhati-gold-scheme
  • https://purbamedinipur.gov.in/scheme/rupashree-prakalpa/
  • https://cyber.delhipolice.gov.in/Fakegovtwebsite.html

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