शादी के लिए लोन सरकारी योजना: कौन-सी योजनाएँ असली हैं और कितनी रकम मिलती है

सरकार शादी के लिए "लोन" नहीं देती — राज्य सरकारें अनुदान देती हैं, जो लौटाना नहीं पड़ता। जानिए किस राज्य में कितनी रकम मिलती है, कौन पात्र है, और "शादी लोन योजना" के नाम पर चल रही ठगी को कैसे पहचानें।

23 सितंबर 2026 9 मिनट का पाठ · जानकारी 23 सितंबर 2026 तक जाँची गई

एक नज़र में मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार की कोई "शादी लोन योजना" नहीं है। जो योजनाएँ चल रही हैं वे राज्य सरकारों के अनुदान (grant) हैं — यानी रकम लौटानी नहीं पड़ती।
  • उत्तर प्रदेश में शादी अनुदान ₹20,000, मध्य प्रदेश में कुल ₹55,000, हरियाणा में श्रेणी के अनुसार ₹31,000 से ₹71,000 और दिल्ली में ₹30,000 तक है।
  • तमिलनाडु में नकद सहायता के साथ 8 ग्राम 22 कैरेट का सोने का सिक्का भी दिया जाता है; स्नातक बेटियों के लिए रकम ₹50,000 हो जाती है।
  • सबसे बड़ी सहायता तेलंगाना की कल्याण लक्ष्मी / शादी मुबारक योजना में है — ₹1,00,116, हालाँकि यह योजना इस समय अदालती कार्यवाही के दायरे में है।
  • आवेदन की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है। UP सरकार के निर्देश-पत्र में साफ़ लिखा है कि पैसे माँगने वाले की शिकायत तुरंत ज़िलाधिकारी कार्यालय में करें।
  • बैंक का "मैरिज लोन" असल में पर्सनल लोन ही होता है — वह लौटाना पड़ता है और उस पर ब्याज लगता है। दोनों को एक समझना सबसे बड़ी ग़लती है।

"शादी के लिए लोन सरकारी योजना" — हर महीने हज़ारों लोग यही खोजते हैं। पर इस खोज का जवाब उससे अलग है जिसकी उम्मीद ज़्यादातर लोग करते हैं, और यही अंतर ठगों के काम आता है।

सीधी बात यह है: केंद्र सरकार की कोई शादी लोन योजना नहीं है। जो असली योजनाएँ चल रही हैं, वे राज्य सरकारों की अनुदान योजनाएँ हैं — एकमुश्त सहायता, जो लौटानी नहीं पड़ती। और जो "लोन" है, वह बैंक का पर्सनल लोन है, जिस पर ब्याज और EMI दोनों लगते हैं। इस लेख में दोनों की पूरी तस्वीर है, राज्यवार रकम के साथ।

क्या सरकार शादी के लिए लोन देती है?

नहीं — कम से कम उस रूप में नहीं जिस रूप में लोग सोचते हैं। सरकारी मदद तीन तरह की होती है, और इन्हें अलग-अलग समझना ज़रूरी है:

  • अनुदान (grant) — राज्य सरकार की एकमुश्त सहायता, जैसे UP की शादी अनुदान योजना या हरियाणा की विवाह शगुन योजना। यह लौटानी नहीं पड़ती।
  • बचत योजना — जैसे सुकन्या समृद्धि योजना। इसमें आप ख़ुद जमा करते हैं और ब्याज कमाते हैं; यह लोन नहीं है।
  • बैंक लोन — "मैरिज लोन" नाम से बिकने वाला पर्सनल लोन, जो पूरी तरह व्यावसायिक उधार है।

जब कोई वेबसाइट "शादी लोन योजना" के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस माँगे, तो यही तीनों का घालमेल करके आपको भ्रमित किया जा रहा है।

राज्यवार विवाह सहायता योजनाएँ: कितनी रकम मिलती है

नीचे दी गई हर रकम सरकार के अपने पोर्टल या विभाग की वेबसाइट से 23 सितंबर 2026 को जाँची गई है।

राज्य योजना सहायता राशि किसे मिलती है
उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना ₹20,000 प्रति बेटी SC/ST/OBC/सामान्य, आय सीमा के भीतर
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ₹55,000 (₹49,000 बेटी + ₹6,000 आयोजक) सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह
हरियाणा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना ₹31,000 – ₹71,000 श्रेणी के अनुसार
दिल्ली ग़रीब विधवाओं की बेटियों व अनाथ बालिकाओं हेतु सहायता ₹30,000 विधवा की बेटी या अनाथ बालिका, आय ₹1 लाख तक
गुजरात कुंवरबाई नु मामेरु ₹12,000 (01/04/2021 के बाद के विवाह) SC, SEBC व आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार
कर्नाटक बिदाई (शादी भाग्य) ₹50,000 अल्पसंख्यक समुदाय, BPL कार्डधारक
तमिलनाडु विवाह सहायता योजनाएँ ₹25,000 + 8 ग्राम सोने का सिक्का; स्नातक होने पर ₹50,000 शैक्षिक योग्यता व श्रेणी के अनुसार
महाराष्ट्र कन्यादान योजना (SJSA) ₹20,000 प्रति जोड़ा अनुसूचित जाति/नवबौद्ध, सामूहिक विवाह
तेलंगाना कल्याण लक्ष्मी / शादी मुबारक ₹1,00,116 SC/ST/BC/EBC और अधिसूचित अल्पसंख्यक
पश्चिम बंगाल रूपश्री प्रकल्प ₹25,000 पहली शादी, पारिवारिक आय ₹1.5 लाख तक
झारखंड मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ₹30,000 पीला/गुलाबी/सफ़ेद राशन कार्डधारी परिवार
असम अरुंधति गोल्ड स्कीम ₹40,000 (सोना ख़रीदने हेतु नक़द) विशेष विवाह अधिनियम में पंजीकृत विवाह
ओडिशा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ₹51,000 (₹35,000 नक़द + सामग्री + आयोजन ख़र्च) सामूहिक विवाह के ज़रिए

तीन बातें जो अलग से समझनी ज़रूरी हैं

तेलंगाना की योजना अदालत में है। कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक को चुनौती देने वाली याचिका पर 12 अगस्त 2026 को एकल न्यायाधीश ने सात सरकारी आदेशों पर रोक लगा दी थी, जिससे भुगतान रुक गया। फिर 1 सितंबर 2026 को खंडपीठ ने उस रोक पर रोक लगाकर भुगतान फिर शुरू करने का रास्ता खोल दिया। योजनाएँ बंद नहीं हुई हैं, पर मुख्य मामला अभी लंबित है — आवेदन से पहले ताज़ा स्थिति देख लें।

नाम एक, योजना अलग। "कल्याण लक्ष्मी" तेलंगाना में ₹1,00,116 का अनुदान है, जबकि आंध्र प्रदेश में इसी नाम से जो योजना बताई जाती है वह स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बेटियों के लिए ब्याज सहित लोन है। आंध्र प्रदेश में 2024 के बाद योजनाओं का पुनर्गठन हुआ है और वहाँ की मौजूदा रकमें हम किसी सरकारी वेबसाइट से नहीं जाँच सके — इसलिए AP के पाठक अपने ज़िला समाज कल्याण कार्यालय या MPDO से ही पुष्टि करें।

ओडिशा और असम की स्थिति पर एक नोट। ओडिशा की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना फ़रवरी 2026 में शुरू हुई है और उसका विवरण अब तक विभाग की वेबसाइट पर नहीं आया — ₹51,000 का आँकड़ा अधिसूचित दिशानिर्देशों की मीडिया रिपोर्टिंग पर आधारित है, इसलिए आवेदन से पहले ब्लॉक कार्यालय से पुष्टि करें। असम की अरुंधति योजना को लेकर सरकार के ही दो पेज अलग बात कहते हैं — पंजीकरण विभाग का पेज इसे चालू दिखाता है, जबकि राज्य पोर्टल की एक पुरानी प्रविष्टि इसे "बंद" बताती है। आवेदन से पहले पंजीकरण कार्यालय से जाँच लें।

असम में शर्त अलग है। अरुंधति गोल्ड स्कीम की रकम तभी मिलती है जब विवाह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत पंजीकृत हो, और बेटी कम से कम हाई स्कूल (HSLC) पास हो। शुरुआत में यह रकम "एक तोला (10 ग्राम) सोने" के बराबर मानी गई थी, पर आज के सोने के भाव पर ₹40,000 में 10 ग्राम नहीं आते — इसे नक़द सहायता ही समझें, सोना नहीं।

दो ज़रूरी चेतावनियाँ। पहली, बिहार और राजस्थान की विवाह सहायता योजनाओं के जो आँकड़े इंटरनेट पर घूमते हैं (₹5,000, ₹31,000, ₹51,000 आदि), उनकी पुष्टि हम किसी चालू सरकारी वेबसाइट से नहीं कर सके — इसलिए हमने वे यहाँ नहीं दिए। इन राज्यों के पाठक अपने ज़िला सामाजिक कल्याण कार्यालय से सीधे पुष्टि करें। दूसरी, कई विभागीय पेज पुराने पड़े हैं: गुजरात के विभागीय पेज पर अब भी ₹10,000 लिखा है जबकि लाइव पोर्टल ₹12,000 दिखाता है।

किस योजना के लिए कौन पात्र है

हर राज्य की शर्तें अलग हैं, पर कुछ बातें लगभग सब जगह एक जैसी हैं:

  • उम्र: विवाह की तिथि को बेटी 18 वर्ष और वर 21 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए। UP का निर्देश-पत्र इसे स्पष्ट शब्दों में लिखता है।
  • बेटियों की संख्या: ज़्यादातर योजनाओं में एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों तक लाभ मिलता है।
  • आय सीमा: UP में सामान्य/SC वर्ग के लिए शहरी ₹56,460 और ग्रामीण लगभग ₹46,080 वार्षिक; पिछड़ा वर्ग के लिए ₹1,00,000। दिल्ली में ₹1,00,000। गुजरात के लाइव पोर्टल पर ₹6,00,000।
  • निवास: उसी राज्य का स्थायी निवासी होना ज़रूरी है; दिल्ली में तो पाँच साल का निवास माँगा जाता है।
  • श्रेणी: कुछ योजनाएँ सिर्फ़ SC/ST, अल्पसंख्यक या विधवा/अनाथ बेटियों के लिए हैं।

विशेष मामले भी हैं। तमिलनाडु में विधवा के पुनर्विवाह, अनाथ बेटियों और अंतरजातीय विवाह के लिए अलग योजनाएँ हैं, और स्नातक बेटी होने पर रकम दोगुनी होकर ₹50,000 हो जाती है। हरियाणा में खिलाड़ी महिलाओं के लिए अलग श्रेणी है, चाहे उनकी जाति या आय कुछ भी हो।

अनुदान बनाम बैंक लोन: फ़र्क़ साफ़ समझिए

सरकारी अनुदान बैंक का मैरिज/पर्सनल लोन
लौटाना पड़ता है? नहीं हाँ, EMI के साथ
ब्याज कोई नहीं बैंक के अनुसार, आमतौर पर 10% से ऊपर
रकम ₹12,000 से ₹71,000 तक आय के अनुसार लाखों में
कब मिलता है सत्यापन के बाद, अक्सर विवाह के आसपास मंज़ूरी के कुछ दिनों में
शर्तें आय, जाति, निवास, उम्र आय, क्रेडिट स्कोर, नौकरी
जोखिम कोई नहीं न चुकाने पर क्रेडिट स्कोर ख़राब, वसूली

व्यावहारिक सच यह है कि अनुदान की रकम पूरे विवाह का ख़र्च नहीं उठाती। समझदारी इसमें है कि अनुदान के लिए समय पर आवेदन कर दें, और बाक़ी ज़रूरत के लिए सबसे सस्ता उधार चुनें — जिसके विकल्प हमने लड़की की शादी के लिए लोन कैसे लें में विस्तार से लिखे हैं।

केंद्र की शादी शगुन योजना अब बंद है

अल्पसंख्यक बेटियों के लिए चलने वाली "शादी शगुन योजना" मौलाना आज़ाद एजुकेशन फ़ाउंडेशन के ज़रिए चलती थी। फ़ाउंडेशन को 7 फ़रवरी 2024 को बंद करने का आदेश हुआ, और 16 अप्रैल 2024 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसके ख़िलाफ़ याचिका ख़ारिज कर दी। फ़ाउंडेशन की वेबसाइट अब खुलती भी नहीं और योजना myscheme.gov.in पर भी सूचीबद्ध नहीं है।

इसका मतलब साफ़ है: जो वेबसाइट आज भी "शादी शगुन योजना" में रजिस्ट्रेशन कराने का दावा करे, वह भरोसे लायक नहीं है।

सुकन्या समृद्धि योजना: बचत है, लोन नहीं

सुकन्या समृद्धि योजना बेटी के नाम पर खोला जाने वाला बचत खाता है, जिस पर सरकार ब्याज देती है — जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही के लिए दर 8.2% है। कम से कम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना जमा किए जा सकते हैं, जमा 15 वर्ष तक होती है और खाता 21 वर्ष पर परिपक्व होता है।

शादी के लिए इसमें रास्ता एक ही है — बेटी के 18 वर्ष की होने पर समय से पहले खाता बंद करना, वह भी शादी से एक महीने पहले से तीन महीने बाद तक की अवधि में। (आंशिक निकासी की सुविधा योजना में उच्च शिक्षा के लिए दी गई है।)

पर एक बात साफ़ रहे: इस खाते पर लोन नहीं मिलता। जो लेख या वीडियो इसे "शादी के लिए सरकारी लोन" बताते हैं, वे ग़लत जानकारी दे रहे हैं। यह योजना तभी काम आती है जब बेटी छोटी उम्र से ही खाता खुला हो और उसमें नियमित जमा होता रहा हो।

"शादी लोन योजना" के नाम पर ठगी कैसे पहचानें

यह हिस्सा सबसे ज़रूरी है, क्योंकि इस विषय में ठगी बहुत आम है।

सबसे पक्का नियम, सरकार के अपने शब्दों में। उत्तर प्रदेश शादी अनुदान के आधिकारिक निर्देश-पत्र में लिखा है: "योजनान्तर्गत आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतया निःशुल्क है। यदि आवेदक से योजना धनराशि दिलाने के नाम पर कोई व्यक्ति/कर्मचारी किसी भी प्रकार की धनराशि की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल सम्बन्धित जिलाधिकारी/जिला समाज कल्याण कार्यालय को दें।"

इन संकेतों पर तुरंत रुक जाइए:

  • कोई भी फीस माँगी जाए — रजिस्ट्रेशन, वेरिफ़िकेशन, "अप्रूवल" या "फ़ाइल चार्ज" के नाम पर।
  • वेबसाइट का पता .gov.in पर ख़त्म न होता हो। दिल्ली पुलिस की साइबर सलाह में साफ़ लिखा है कि असली सरकारी साइटें .gov.in पर होती हैं, और अशोक स्तंभ या स्वच्छ भारत का लोगो लगा होना किसी साइट के असली होने का सबूत नहीं है।
  • "मंज़ूरी पत्र" भेजकर पैसे माँगे जाएँ। यह जाना-पहचाना तरीका है — PIB फ़ैक्ट चेक ने PM-KUSUM योजना के नाम पर ₹8,000 "रजिस्ट्रेशन फीस" माँगने वाले फ़र्ज़ी पत्रों की चेतावनी दी थी।
  • कोई "विभाग का कर्मचारी" बनकर गाँव में नक़द इकट्ठा करे। सितंबर 2026 में मुरादाबाद में ऐसा ही मामला दर्ज हुआ, जिसमें आवास और शादी अनुदान दिलाने के नाम पर लोगों से अग्रिम रकम ली गई।

ठगी हो जाए तो क्या करें: तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें — जितनी जल्दी शिकायत, रकम रुकवाने की संभावना उतनी ज़्यादा। फ़र्ज़ी वेबसाइट मिले तो पूरा URL दिखाते हुए स्क्रीनशॉट लेकर नज़दीकी थाने में शिकायत करें।

आवेदन कहाँ करें

हर राज्य का अपना पोर्टल है — किसी बिचौलिए की ज़रूरत नहीं:

  • उत्तर प्रदेश: shadianudan.upsdc.gov.in
  • हरियाणा: saralharyana.gov.in
  • गुजरात: esamajkalyan.gujarat.gov.in
  • दिल्ली: edistrict.delhigovt.nic.in
  • तमिलनाडु: tnesevai.tn.gov.in या तालुक समाज कल्याण कार्यालय
  • मध्य प्रदेश: ग्राम/जनपद पंचायत या नगर निकाय में आवेदन; सम्मेलन की जानकारी vivahportal.mp.gov.in पर
  • कर्नाटक (बिदाई): ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी; निदेशालय हेल्पलाइन 8277799990
  • महाराष्ट्र: ज़िला समाज कल्याण/महिला एवं बाल विकास कार्यालय

ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया, दस्तावेज़ों की सूची और आवेदन रद्द होने के आम कारण हमने अलग लेख में विस्तार से दिए हैं: लड़की की शादी के लिए सरकारी योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

निष्कर्ष

अगर आप बेटी की शादी के लिए सरकारी मदद खोज रहे हैं, तो सही शब्द "लोन" नहीं, "अनुदान" है — और वह आपके राज्य की योजना से ही मिलेगा, किसी केंद्रीय स्कीम से नहीं। रकम ₹12,000 से ₹71,000 के बीच है, आवेदन नि:शुल्क है, और पूरी प्रक्रिया सरकार के अपने पोर्टल पर होती है।

बाक़ी ख़र्च के लिए उधार लेना पड़े तो पहले सोने पर लोन या FD पर लोन जैसे सस्ते विकल्प देखिए, फिर बैंक का पर्सनल लोन। और सबसे ज़रूरी बात — अनुदान दिलाने के नाम पर किसी को एक रुपया भी मत दीजिए।

शादी के लिए सरकारी योजना — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सरकार शादी के लिए लोन देती है?
नहीं। केंद्र सरकार की कोई ऐसी योजना नहीं है जो शादी के लिए लोन देती हो। राज्य सरकारें ग़रीब परिवारों की बेटियों की शादी पर अनुदान देती हैं, जो एक बार मिलने वाली सहायता है और लौटानी नहीं पड़ती। "शादी लोन सरकारी योजना" नाम से जो वेबसाइटें रकम का वादा करती हैं, उनसे सावधान रहें।
उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना में कितने पैसे मिलते हैं?
आधिकारिक पोर्टल shadianudan.upsdc.gov.in के अनुसार प्रति बेटी की शादी पर ₹20,000 एकमुश्त दिए जाते हैं। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के लिए अनुदान मिल सकता है। आय सीमा सामान्य/अनुसूचित जाति वर्ग के लिए शहरी क्षेत्र में ₹56,460 और ग्रामीण क्षेत्र में लगभग ₹46,080 वार्षिक है, जबकि पिछड़ा वर्ग के लिए ₹1,00,000 है।
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में कितनी राशि मिलती है?
सामाजिक न्याय विभाग की वेबसाइट के अनुसार कुल ₹55,000 — इसमें ₹49,000 बेटी के खाते में गृहस्थी बसाने के लिए और ₹6,000 आयोजक निकाय को कार्यक्रम के ख़र्च के लिए दिए जाते हैं। यह सहायता सामूहिक विवाह सम्मेलन के ज़रिए मिलती है। कुछ ज़िला वेबसाइटों पर अब भी पुराना ₹51,000 वाला आँकड़ा दिखता है।
हरियाणा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में कितना पैसा मिलता है?
श्रेणी के अनुसार: अनुसूचित जाति/जनजाति (BPL) को ₹71,000; विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित या अनाथ बेटी को ₹51,000; सामूहिक विवाह में ₹51,000; दिव्यांगजन को ₹31,000 से ₹51,000; BPL (ग़ैर-SC) को ₹31,000; और खिलाड़ी महिलाओं को ₹31,000। अधिकांश श्रेणियों में कुछ रकम शादी से पहले और बाक़ी विवाह पंजीकरण के बाद मिलती है।
क्या सुकन्या समृद्धि योजना से शादी के लिए लोन मिल सकता है?
नहीं। सुकन्या समृद्धि एक बचत योजना है, लोन योजना नहीं — इसमें आप ख़ुद पैसा जमा करते हैं और ब्याज कमाते हैं। बेटी के 18 वर्ष की होने पर शादी के लिए आंशिक निकासी की सुविधा है, लेकिन खाते पर लोन नहीं मिलता। इसे "शादी के लिए सरकारी लोन" बताने वाली जानकारी ग़लत है।
क्या केंद्र सरकार की शादी शगुन योजना अब भी चल रही है?
नहीं। अल्पसंख्यक बेटियों के लिए चलने वाली शादी शगुन योजना मौलाना आज़ाद एजुकेशन फ़ाउंडेशन के ज़रिए चलती थी, जिसे 7 फ़रवरी 2024 को बंद करने का आदेश हुआ और 16 अप्रैल 2024 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसके ख़िलाफ़ याचिका ख़ारिज कर दी। फ़ाउंडेशन की वेबसाइट अब काम नहीं करती। इस नाम से रजिस्ट्रेशन कराने का दावा करने वाली कोई भी वेबसाइट भरोसे लायक नहीं है।
अनुदान और बैंक लोन में क्या फ़र्क़ है?
अनुदान सरकार की एकमुश्त सहायता है — न ब्याज, न किस्त, न वापसी। बैंक का "मैरिज लोन" असल में पर्सनल लोन है, जिस पर ब्याज लगता है और हर महीने EMI चुकानी पड़ती है। अनुदान की रकम आमतौर पर ₹20,000 से ₹71,000 के बीच होती है, इसलिए बड़ी शादी का पूरा ख़र्च उससे नहीं निकलता — दोनों को मिलाकर योजना बनानी पड़ती है।
क्या आवेदन के लिए कोई फीस देनी पड़ती है?
बिल्कुल नहीं। उत्तर प्रदेश के आधिकारिक निर्देश-पत्र में लिखा है: "योजनान्तर्गत आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतया निःशुल्क है।" अगर कोई व्यक्ति, एजेंट या कर्मचारी अनुदान दिलाने के नाम पर पैसे माँगे तो यह सीधे धोखाधड़ी है — तुरंत ज़िलाधिकारी या ज़िला समाज कल्याण कार्यालय में शिकायत करें।

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जानकारी कहाँ से ली गई है

इस लेख की हर दर, राशि और शर्त बैंक या सरकार की अपनी आधिकारिक वेबसाइट से 23 सितंबर 2026 को जाँची गई है। जहाँ कोई आँकड़ा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, वहाँ हमने अनुमान लगाने के बजाय यही लिखा है कि वह उपलब्ध नहीं है। ब्याज दरें और योजनाएँ बदलती रहती हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

स्रोत

  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/
  • https://shadianudan.upsdc.gov.in/pdf/Instructions.pdf
  • https://socialjustice.mp.gov.in/
  • https://sewa.haryana.gov.in/mukhya-mantri-vivah-shagun-yojna/
  • https://esamajkalyan.gujarat.gov.in/
  • https://dom.karnataka.gov.in/new-page/Bidaai%20(Shaadi%20Scheme)/en
  • https://www.tnsocialwelfare.tn.gov.in/en/specilisationswoman-welfare/marriage-assistance-schemes
  • https://sjsa.maharashtra.gov.in/
  • https://telanganaepass.cgg.gov.in/KalyanLakshmi.do
  • https://igr.assam.gov.in/schemes/arundhati-gold-scheme
  • https://purbamedinipur.gov.in/scheme/rupashree-prakalpa/
  • https://simdega.nic.in/en/social-welfare/
  • https://cyber.delhipolice.gov.in/Fakegovtwebsite.html

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