कार लोन कितना मिल सकता है — नई कार पर बैंक आमतौर पर ऑन-रोड कीमत का 90% से 100% तक देते हैं। SBI, HDFC बैंक और ICICI बैंक 100% तक फ़ाइनेंस करते हैं (HDFC चुनिंदा मॉडलों पर, ICICI पात्र ग्राहकों को), जबकि Bank of Baroda और Canara Bank 90% तक। पुरानी कार पर यह हिस्सा 60% से 85% रह जाता है। कीमत के बाद असली छत आपकी आय है: SBI की न्यू कार स्कीम में वेतनभोगी श्रेणी (केंद्रीय PSU, रक्षा-अर्धसैनिक सैलरी पैकेज) को नेट मासिक आय का 48 गुना तक और कारोबारियों को सालाना शुद्ध मुनाफ़े का 4 गुना तक।
यानी ₹40,000 नेट सैलरी पर काग़ज़ पर ₹19.2 लाख तक की गुंजाइश बनती है — पर इतनी रकम की EMI आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाएगी, इसलिए बैंक मौजूदा EMI और क्रेडिट स्कोर देखकर रकम घटा सकता है। बैंकों के नियम उनकी साइटों पर 8 अक्टूबर 2026 को पढ़कर लिखे गए हैं, और किस्तों की गणना हमारी है। दूसरे लोन से तुलना करनी हो तो लोन की रकम तय करने वाले नियमों पर मुख्य गाइड पढ़ें।
कार लोन की तीन छतें: कार की कीमत, आपकी आय और बैंक की सीमा
हर कार लोन तीन जाँचों से गुज़रता है:
- कार की कीमत का कितना हिस्सा? नई कार पर 90–100%, पुरानी पर 60–85%। बाकी डाउन पेमेंट है।
- आपकी आय कितना उठा सकती है? कोई बैंक आय का गुणक (multiple) लगाता है, कोई कुल कटौतियों की सीमा (FOIR)।
- बैंक या स्कीम की अधिकतम रकम। जैसे HDFC बैंक की Xpress Car Loan में नई कार पर अधिकतम ₹25 लाख, Bank of Baroda में निजी कार के लिए ₹5 करोड़, Canara Bank में नई गाड़ी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं।
तीनों में सबसे कम रकम ही मंज़ूर होती है; ICICI बैंक के शब्दों में 100% फ़ंडिंग आय, वित्तीय स्थिरता, FOIR, CIBIL और बैंक की अंदरूनी जाँच पर निर्भर है।
ऑन-रोड कीमत या एक्स-शोरूम: लोन किस पर बनता है?
एक्स-शोरूम कीमत में रजिस्ट्रेशन और बीमा नहीं जुड़ते; ऑन-रोड कीमत में जुड़ते हैं। SBI अपनी न्यू कार स्कीम में साफ़ लिखता है कि वह "ऑन-रोड कीमत" पर फ़ाइनेंस करता है और इसमें रजिस्ट्रेशन व बीमा शामिल है। Bank of Baroda भी 90% ऑन-रोड कीमत पर देता है। Canara Bank नई गाड़ी की लागत का 90% देता है और एक्सेसरी के लिए अधिकतम ₹25,000 तक।
ऑन-रोड पर फ़ाइनेंस करने वाले बैंक में जेब से कम पैसा जाता है, पर "100% ऑन-रोड" हर मॉडल पर नहीं — HDFC इसे चुनिंदा मॉडलों तक रखता है।
बैंकवार तुलना: नई कार पर कितना लोन
| बैंक | कीमत का अधिकतम हिस्सा | अधिकतम अवधि | ब्याज दर (वेबसाइट पर) | न्यूनतम आय |
|---|---|---|---|---|
| SBI | ऑन-रोड का 100% तक | 7 साल | 8.40%–9.35% (फ़िक्स्ड) | ₹3 लाख सालाना नेट |
| HDFC बैंक | चुनिंदा मॉडल पर ऑन-रोड का 100%; Xpress में ₹25 लाख तक | 84 महीने (EV पर 8 साल) | रैक दर 9% से | ₹3 लाख सालाना |
| ICICI बैंक | पात्र ग्राहकों को ऑन-रोड का 100% | 84 महीने | 8.40% से (36 महीने से लंबे लोन) | वेतनभोगी ₹30,000/माह |
| Bank of Baroda | ऑन-रोड का 90%; अधिकतम ₹5 करोड़ | 84 महीने | फ़िक्स्ड 8.50%–11.20%; फ़्लोटिंग पेज पर 7.60%–11.30%, नए BRLLR पर 7.85%–11.55% | FOIR से तय; स्कोर 701+ |
| Canara Bank | लागत का 90%; कोई ऊपरी सीमा नहीं | 84 महीने | — | ₹3 लाख सालाना ग्रॉस |
Canara Bank का मार्जिन रकम के साथ बढ़ता है: ₹10 लाख तक सबके लिए 10%; ₹10–25 लाख पर सरकारी/PSU कर्मचारियों के लिए 10% और बाकी के लिए 15%; ₹25 लाख से ऊपर सबके लिए 20%। ताज़ा दरों की तुलना हमारे ब्याज दर पेज पर है, और पर्सनल व होम लोन समेत बैंकों की कुल सीमाओं की तुलना बैंकवार तुलना वाले लेख में।
सैलरी के हिसाब से कार लोन कितना मिलेगा?
SBI का गुणक नियम (न्यू कार लोन स्कीम, उम्र 21 से 70 साल):
| श्रेणी (जैसा SBI ने लिखा है) | न्यूनतम आय | अधिकतम लोन |
|---|---|---|
| केंद्रीय PSU (महारत्न/नवरत्न/मिनीरत्न) के नियमित कर्मचारी; रक्षा, अर्धसैनिक और तटरक्षक सैलरी पैकेज ग्राहक | आवेदक/सह-आवेदक मिलाकर ₹3 लाख सालाना नेट | नेट मासिक आय का 48 गुना |
| प्रोफ़ेशनल, स्वरोज़गार, कारोबारी, फ़र्म (आयकरदाता) | ₹3 लाख सालाना शुद्ध मुनाफ़ा या टैक्सेबल आय | ITR के मुनाफ़े/टैक्सेबल आय का 4 गुना (मूल्यह्रास वापस जोड़कर, मौजूदा लोन की अदायगी को ध्यान में रखकर) |
| खेती और संबंधित काम (ITR ज़रूरी नहीं) | ₹4 लाख सालाना नेट | सालाना आय का 3 गुना |
48 गुना कितना बड़ा है? 9% ब्याज और 7 साल (उदाहरण) पर हमारा हिसाब:
| नेट मासिक आय | 48 गुना लोन | उस लोन की EMI | EMI आय का |
|---|---|---|---|
| ₹30,000 | ₹14,40,000 | ₹23,168 | 77% |
| ₹50,000 | ₹24,00,000 | ₹38,614 | 77% |
| ₹75,000 | ₹36,00,000 | ₹57,921 | 77% |
| ₹1,00,000 | ₹48,00,000 | ₹77,228 | 77% |
यानी 48 गुना की पूरी रकम लेने पर EMI नेट आय की करीब तीन-चौथाई बनती है। गुणक को छत मानिए; घर चलाने के बाद जितनी EMI बचती है, वही असली सीमा है।
Bank of Baroda का FOIR नियम: वेतनभोगियों की प्रस्तावित EMI समेत कुल कटौतियाँ — ₹50,000 से कम ग्रॉस मासिक आय पर 60%, ₹50,000 से ₹1.5 लाख पर 70% और ₹1.5 लाख या उससे ऊपर 80% से ज़्यादा नहीं। दूसरे आवेदकों के लिए पिछले 2 साल की औसत सालाना आय ₹6 लाख से कम हो तो 60%, वरना 80%। सैलरी के प्रतिशत का पूरा गणित आय के अनुपात से लोन वाले लेख में है, और अपनी पात्रता का अनुमान हमारे एलिजिबिलिटी पेज पर लगाया जा सकता है।
दो उदाहरण: काग़ज़ की सीमा बनाम असली EMI
उदाहरण 1: Bank of Baroda से ₹10 लाख की कार
नेहा की ग्रॉस मासिक सैलरी ₹50,000 है। PF, टैक्स और एक छोटी EMI मिलाकर उसकी मौजूदा कटौतियाँ ₹12,000 हैं। कार की ऑन-रोड कीमत ₹10 लाख है; ब्याज 9% (उदाहरण, BoB की फ़िक्स्ड दर 8.50%–11.20% के भीतर)।
| जाँच | हिसाब | नतीजा |
|---|---|---|
| कुल कटौती की सीमा (70%) | ₹50,000 × 70% | ₹35,000 |
| नई EMI की गुंजाइश | ₹35,000 − ₹12,000 | ₹23,000 |
| उस EMI से बनने वाला लोन | 9%, 84 महीने | ₹14,29,541 |
| कीमत की सीमा (ऑन-रोड का 90%) | ₹10 लाख × 90% | ₹9,00,000 |
| मंज़ूर हो सकने वाली रकम | सबसे कम | ₹9 लाख |
यहाँ कीमत वाली सीमा पहले लगती है; डाउन पेमेंट ₹1 लाख। ₹9 लाख की EMI 7 साल में ₹14,480 (कुल ब्याज ₹3,16,334) और 5 साल में ₹18,683 (कुल ब्याज ₹2,20,951) बनती है — दोनों नेहा की ₹23,000 की गुंजाइश के भीतर हैं।
उदाहरण 2: SBI से ₹15 लाख की कार, ₹40,000 नेट आय
रवि रक्षा सैलरी पैकेज वाले ग्राहक हैं, नेट मासिक आय ₹40,000। 48 गुना = ₹19,20,000, और SBI ऑन-रोड का 100% तक देता है, इसलिए ₹15 लाख की कार पर पूरी रकम काग़ज़ पर संभव है। पर EMI देखिए (SBI की स्कोर-आधारित दर, 721–756 स्कोर वाले स्लैब पर):
| अवधि और दर | EMI | आय का हिस्सा | कुल ब्याज |
|---|---|---|---|
| 5 साल, 8.90% | ₹31,065 | 77.7% | ₹3,63,887 |
| 7 साल, 9.00% | ₹24,134 | 60.3% | ₹5,27,224 |
₹40,000 की आय में से ₹24,000–₹31,000 की किस्त घर चलाने की गुंजाइश लगभग ख़त्म कर देती है। व्यावहारिक रास्ता है सस्ती कार या बड़ा डाउन पेमेंट — सीमा मिलना और उसे उठा पाना, दो अलग बातें हैं। SBI के बाकी लोन की सीमाएँ SBI वाली गाइड में हैं और HDFC बैंक की HDFC बैंक वाली गाइड में।
पुरानी कार पर कितना लोन मिलता है?
| बैंक | कितना हिस्सा | रकम | अवधि की शर्त | दर (वेबसाइट पर) |
|---|---|---|---|---|
| SBI (सर्टिफ़ाइड प्री-ओन्ड) | वैल्यूएशन का 85% | ₹2 लाख–₹1.5 करोड़ | (10 साल − कार की उम्र), अधिकतम 5 साल | 10.45%–15.60% |
| Bank of Baroda | बाज़ार मूल्य/एग्रीमेंट वैल्यू का 75% या IDV का 100%, जो कम हो | ₹2 लाख–₹50 लाख | 60 महीने; अवधि + कार की उम्र ≤ 96 महीने | फ़िक्स्ड 11.90%–14.65%; फ़्लोटिंग 10.20%–12.95% (दर-पेज पर 10.65%–13.40%) |
| Canara Bank (3 साल तक पुरानी) | तय कीमत/मूल्य का 60% | अधिकतम ₹50 लाख | 60 महीने या बची उपयोगी उम्र | — |
| ICICI बैंक | — | — | — | 9.75% से |
SBI के पेज पर एक विरोधाभास है: पात्रता में "LTV 85%" लिखा है, जबकि नियम-शर्तों में "Margin 20%" — यानी 80%। Bank of Baroda सिर्फ़ कार कंपनियों (OEM) के मंज़ूर सर्टिफ़ाइड प्री-ओन्ड डीलरों से ख़रीदी कार पर लोन देता है; सब-डीलर, ब्रोकर या एजेंट का कोटेशन नहीं मानता।
उदाहरण 3: 3 साल पुरानी कार, मूल्य ₹6 लाख
| बैंक | हिस्सा | लोन | अधिकतम अवधि |
|---|---|---|---|
| SBI | 85% | ₹5,10,000 | 10 − 3 = 7 साल, पर सीमा 5 साल |
| Bank of Baroda | 75% | ₹4,50,000 | 96 − 36 = 60 महीने |
| Canara Bank | 60% | ₹3,60,000 | 60 महीने |
5 साल पर EMI: Bank of Baroda के ₹4.5 लाख पर 11.90% से ₹9,987 (कुल ब्याज ₹1,49,237); SBI के ₹5.1 लाख पर 10.45% से ₹10,949 (कुल ब्याज ₹1,46,956)। पुरानी कार पर दर नई कार से आमतौर पर 2% या उससे ज़्यादा ऊँची है (SBI में 8.40% बनाम 10.45% से शुरू), इसलिए छोटी अवधि चुनना और भी ज़रूरी है।
5 साल या 7 साल: अवधि का असर
₹8 लाख के लोन पर 9% ब्याज (उदाहरण) से हमारा हिसाब:
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 3 साल | ₹25,440 | ₹1,15,832 | ₹9,15,832 |
| 5 साल | ₹16,607 | ₹1,96,401 | ₹9,96,401 |
| 7 साल | ₹12,871 | ₹2,81,186 | ₹10,81,186 |
7 साल की अवधि EMI घटाती है और ज़्यादा रकम के लिए पात्र बनाती है, पर 5 साल की तुलना में ₹84,785 ज़्यादा ब्याज लगता है — और कार की क़ीमत इस बीच लगातार घटती है। अपनी रकम पर किस्त EMI कैलकुलेटर से देख लें।
कार लोन के लिए कौन-से काग़ज़ लगते हैं?
SBI की सूची आम तौर पर बाकी बैंकों जैसी ही है:
- KYC: पहचान और पते के लिए PAN, पासपोर्ट, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस या आधार नंबर का प्रमाण; SBI में KYC-पूरा खाता हो तो नए काग़ज़ नहीं चाहिए।
- वेतनभोगी: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट, ताज़ा सैलरी स्लिप, साथ में पिछले दो वर्षों का Form 16 अथवा ITR। SBI के सैलरी पैकेज ग्राहकों से बैंक स्टेटमेंट नहीं माँगा जाता, और 12 महीने पुराने सैलरी खाते पर Form 16/ITR भी नहीं।
- कारोबारी और प्रोफ़ेशनल: 2 साल का ITR, ऑडिट की हुई बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाता, और दुकान/कारोबार के रजिस्ट्रेशन का प्रमाण।
- पुरानी कार: वैल्यूएशन रिपोर्ट या कोटेशन, बेचने वाले की RC और बीमे की कॉपी; डिस्बर्समेंट के समय, जहाँ लागू हो, पुराने लोन की हाइपोथिकेशन हटने का पत्र (Form 35)।
ब्याज दर, फीस और फोरक्लोज़र चार्ज
रेपो का असर: अक्टूबर 2026 की नीति-बैठक में RBI ने रेपो को 25 बेसिस पॉइंट ऊपर, 5.50% पर किया और "calibrated tightening" का रुख़ अपनाया। फ़िक्स्ड रेट पर चल रहे कार लोन की किस्त इससे नहीं बदलती, लेकिन नए लोन और फ़्लोटिंग विकल्प महँगे पड़ सकते हैं — बड़ौदा बैंक का रेपो-आधारित BRLLR 8 अक्टूबर से 8.15% है। यहाँ लिखी दरें 8 अक्टूबर 2026 को बैंकों की साइट पर छपी दरें हैं; कुछ पेज अभी पुराने रेपो पर टिके हो सकते हैं।
दर: SBI की न्यू कार लोन दर फ़िक्स्ड है और स्कोर से तय होती है — 800+ स्कोर पर 8.40% (3–5 साल) / 8.50% (5 साल से ज़्यादा), 650–699 पर 9.25% / 9.35%। अप्रैल–जून 2026 तिमाही में SBI की ऑटो लोन औसत दर 9.08% रही। HDFC बैंक के ऑटो लोन इसी तिमाही में 7.60% से 14.00% पर दिए गए, औसत 8.63% (APR औसत 8.78%)।
प्रोसेसिंग फीस:
- SBI: ₹5 लाख तक ₹1,000 (वेतनभोगी) / ₹1,500 (गैर-वेतनभोगी); ₹5–10 लाख पर ₹2,000 / ₹2,500; ₹10 लाख से ऊपर ₹3,000 / ₹4,000 — सब पर GST अलग। सर्टिफ़ाइड प्री-ओन्ड: 1.50%, न्यूनतम ₹3,000, अधिकतम ₹10,000।
- HDFC बैंक: 0.5% तक, न्यूनतम ₹3,500 और अधिकतम ₹8,000; दस्तावेज़ शुल्क ₹700 अलग।
- Bank of Baroda: ₹10 लाख तक ₹1,500 और उससे ऊपर ₹2,000 (+ GST); राज्य/केंद्र/PSU कर्मचारियों के लिए ₹500।
- Canara Bank: 0.25%, न्यूनतम ₹1,000 और अधिकतम ₹5,000 (+ GST) — इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच Canara यह फीस नहीं ले रहा।
फोरक्लोज़र: RBI का प्री-पेमेंट नियम (1 जनवरी 2026 से) सिर्फ़ फ़्लोटिंग रेट पर लिए निजी, गैर-कारोबारी लोन पर चार्ज रोकता है; ज़्यादातर कार लोन फ़िक्स्ड रेट वाले होते हैं, जहाँ बैंक की अपनी नीति लागू होती है। HDFC बैंक 1 दिसंबर 2025 या उसके बाद लिए लोन पर बकाया मूलधन का 5% लेता है — ₹5 लाख बकाया पर ₹25,000। SBI प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लेता और 2 साल बाद फोरक्लोज़र चार्ज भी नहीं। Bank of Baroda फ़्लोटिंग विकल्प पर फोरक्लोज़र चार्ज नहीं लेता।
कार लोन की रकम बढ़ाने के तरीक़े और आम ग़लतियाँ
- सह-आवेदक की आय जोड़ें। SBI और HDFC दोनों न्यूनतम आय में आवेदक और सह-आवेदक की आय मिलाकर गिनते हैं।
- क्रेडिट स्कोर सुधारें। SBI में 800+ और 650–699 के बीच दर का फ़र्क़ 0.85% है; Bank of Baroda 701 से कम स्कोर पर लोन नहीं देता।
- मौजूदा बैंक का प्री-अप्रूव्ड ऑफ़र देखें। HDFC मौजूदा ग्राहकों को 10 सेकंड में प्री-अप्रूव्ड कार लोन की बात करता है, और ICICI प्री-अप्रूव्ड ऑफ़र पर ऑफ़र-राशि तक 100% ऑन-रोड देता है।
- कार पर टॉप-अप को सस्ता सुरक्षित लोन न समझें। RBI ने 2023 में निर्देश दिया कि गाड़ी जैसी घटती क़ीमत वाली चीज़ों पर दिए टॉप-अप लोन को क्रेडिट जाँच और सीमाओं के लिए असुरक्षित लोन माना जाए।
- फ़्लेक्सी EMI की शर्त समझें। SBI पहले 6 महीने आधी EMI का विकल्प देता है (36+ महीने के लोन पर), पर बाद की किस्तें पूरी होंगी।
अगर कार लोन की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो पर्सनल लोन महँगा विकल्प है — उसकी सीमा बिना गिरवी वाले पर्सनल लोन की गाइड में देखें, और दोनों की कुल लागत मिलाकर ही फ़ैसला करें।
धोखाधड़ी से बचाव
- नक़द लेन-देन नहीं। HDFC बैंक अपनी फीस-सूची में ही चेतावनी देता है कि बैंक के सेल्स एजेंटों से नक़द, बेयरर चेक या किसी तरह का भुगतान न करें।
- "प्री-अप्रूव्ड कार लोन" के कॉल पर फीस न भरें। असली प्री-अप्रूव्ड ऑफ़र बैंक की नेटबैंकिंग या ऐप में दिखता है।
- डीलर का लोन भी पढ़कर लें। KFS में ब्याज दर, APR, प्रोसेसिंग फीस और फोरक्लोज़र शर्त देखें; KFS से बाहर का कोई चार्ज आपकी मंज़ूरी के बिना लोन में नहीं जोड़ा जा सकता।
- लोन चुकाकर हाइपोथिकेशन हटवाएँ। RBI के निर्देश में पूरा पैसा चुकने के 30 दिन में गिरवी चीज़ के असली काग़ज़ लौटाना और RC जैसी रजिस्ट्री से बैंक का charge हटवाना बैंक की ज़िम्मेदारी है; ग़लती बैंक की हो तो हर दिन की देरी के ₹5,000 मिलते हैं।
- बैंकों के सही संपर्क नंबर कस्टमर केयर सूची में हैं; साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर फ़ोन करें।
निष्कर्ष
कार लोन की रकम निकालने का क्रम सीधा है: पहले कार की ऑन-रोड कीमत पर बैंक का प्रतिशत (90% या 100%) लगाइए, फिर अपनी आय पर बैंक का गुणक या FOIR, और देखिए कि बची EMI आपके बजट में कितनी आराम से बैठती है। तीनों में से सबसे छोटी रकम लीजिए, अवधि उतनी ही रखिए जितनी ज़रूरी हो, और फ़िक्स्ड रेट लोन पर फोरक्लोज़र चार्ज पहले से जान लीजिए — क्योंकि कार की क़ीमत घटती है, लोन का ब्याज नहीं।