बैंक से कितना लोन मिल सकता है — छोटे में कहें तो बड़े बैंक पर्सनल लोन पर ₹20 लाख से ₹1 करोड़ तक की ऊपरी सीमा छापते हैं, होम लोन में प्रॉपर्टी की कीमत का 75% से 90% तक देते हैं और नई कार पर ऑन-रोड कीमत का 85% से 100% तक। पर असल रकम इन सीमाओं से नहीं, आपकी आय से तय होती है: SBI पर्सनल लोन में किस्त आपकी नेट मंथली इनकम (NMI) के 65% तक ही जा सकती है और रकम 30 गुना NMI तक, और PNB ग्रॉस मासिक सैलरी के 24 गुना पर रुक जाता है।
नीचे सात बड़े बैंकों के आँकड़े उनकी अपनी वेबसाइटों पर 8 अक्टूबर 2026 को परखे गए।
एक ताज़ा बदलाव: RBI ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया। होम और कार लोन की ज़्यादातर फ़्लोटिंग दरें रेपो से जुड़ी हैं, और 8 अक्टूबर तक सिर्फ़ Bank of Baroda ने अपनी दरें बदली थीं — बाक़ी बैंकों की दिख रही दरें आगे बढ़ सकती हैं।
बैंक लोन की रकम तय करने वाली तीन सीमाएँ
हर बैंक तीन अलग पैमानों पर हिसाब लगाता है, और तीनों में जो सबसे छोटी रकम निकले, वही आपकी मंज़ूरी बनती है:
- प्रोडक्ट की ऊपरी सीमा — उस लोन के लिए बैंक की तय अधिकतम रकम, जैसे ICICI Bank के पर्सनल लोन में ₹50 लाख।
- आय की सीमा — EMI आपकी आय का कितना हिस्सा हो सकती है (FOIR या EMI/NMI), या सैलरी का कितना गुना। पहले से चल रही हर EMI इसी हिस्से में गिनी जाती है।
- गिरवी की सीमा (LTV) — घर, कार या सोने जैसे सुरक्षित लोन में संपत्ति की कीमत का कितना भाग मिलेगा।
बिना गारंटी वाले पर्सनल लोन में तीसरी सीमा नहीं होती, इसलिए वहाँ आय और क्रेडिट स्कोर ही सब तय करते हैं। हर तरह के लोन पर यह ढाँचा लोन कितना मिल सकता है वाले मुख्य लेख में है।
पर्सनल लोन: किस बैंक से कितना
| बैंक | अधिकतम रकम | ब्याज दर (सालाना) | ख़ास शर्त |
|---|---|---|---|
| SBI | ₹50 लाख | 10.00%–15.00% | सिर्फ़ SBI में सैलरी पैकेज खाता रखने वालों को; NMI का 30 गुना और EMI की 65% हद — दोनों में छोटी रकम |
| HDFC Bank | ₹50 लाख (पात्रता पर ₹75 लाख तक) | 9.99%–24.00% | न्यूनतम NMI ₹25,000 |
| ICICI Bank | ₹50,000 से ₹50 लाख | 9.99%–16.50% | वेतनभोगी की न्यूनतम मासिक आय ₹30,000 |
| Axis Bank | ₹50,000 से ₹50 लाख | 9.99%–22% | न्यूनतम NMI ₹15,000 (Axis ग्राहक) या ₹25,000 (बाक़ी) |
| Kotak Mahindra Bank | ₹1 करोड़ तक | 10.99% से शुरू | अवधि 1 से 6 साल; प्रोसेसिंग फीस 5% तक |
| PNB | ₹20 लाख | 10.25% से शुरू | ग्रॉस मासिक सैलरी का 24 गुना; सैलरी PNB खाते में आनी चाहिए |
| Bank of Baroda | ₹20 लाख (मेट्रो और शहरी) | 10.15%–17.50% | अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में ₹15 लाख; CIBIL 701 से ऊपर |
इस तालिका का सबक़: "अधिकतम" वाला कॉलम आम ग्राहक पर शायद ही लागू होता है। HDFC Bank ने अप्रैल–जून 2026 तिमाही में जितने पर्सनल लोन दिए, उनकी औसत दर (IRR) 10.89% रही, जबकि सबसे ऊँची 24.06% थी। यानी विज्ञापन वाली 9.99% सिर्फ़ सबसे मज़बूत प्रोफ़ाइल को मिलती है।
सरकारी बैंक (SBI, PNB) पर्सनल लोन मुख्य रूप से अपने ही सैलरी खाताधारकों को देते हैं; निजी बैंक दूसरे बैंक में वेतन पाने वालों से भी आवेदन लेते हैं। रिश्ते का असर दर पर दिखता है — Bank of Baroda में दूसरे बैंक से जुड़े निजी कर्मचारी की दर 13.90% से शुरू होती है, जबकि BoB में सैलरी खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी की 10.15% से।
उदाहरण: ₹50,000 शुद्ध सैलरी पर कितना पर्सनल लोन
एक वेतनभोगी का उदाहरण लीजिए: हाथ में ₹50,000 महीना, ग्रॉस सैलरी ₹60,000, कोई चालू EMI नहीं। बैंकों के अपने छपे नियम लगाकर हमारा हिसाब (यह उदाहरण है, मंज़ूरी नहीं):
| बैंक का नियम | गणना | नतीजा |
|---|---|---|
| SBI — आय का 30 गुना | 30 × ₹50,000 | ₹15 लाख |
| SBI: EMI/NMI 65% | अधिकतम EMI ₹32,500; 84 महीने, 11.54% पर | लगभग ₹18,66,992 |
| SBI: अंतिम सीमा | दोनों में से कम | ₹15 लाख |
| PNB: 24 गुना ग्रॉस सैलरी | ₹60,000 × 24 | ₹14.40 लाख |
11.54% SBI की अप्रैल–जून 2026 की औसत दर है। SBI से ₹15 लाख 84 महीनों के लिए इसी दर पर लें तो EMI ₹26,112 बनती है; PNB से ₹14.40 लाख 72 महीनों में 10.25% पर लें तो ₹26,859। दोनों किस्तें आपकी आय के आधे से ऊपर हैं — इसलिए "कितना मिल सकता है" और "कितना आराम से चुका पाएँगे" को अलग-अलग तौलिए।
अब मान लीजिए आप पहले से ₹12,000 की कार लोन EMI भर रहे हैं। EMI/NMI सीमा में आमतौर पर सारी किस्तें गिनी जाती हैं, इसलिए 65% वाली ₹32,500 की गुंजाइश में नई EMI के लिए ₹20,500 बचते हैं, और उसी दर व अवधि पर पात्रता ₹15 लाख से घटकर लगभग ₹11,77,641 रह जाती है। सैलरी-वार तालिका और प्रतिशत वाला नियम पर्सनल लोन कितना मिल सकता है पर उपलब्ध हैं।
बैंक से होम लोन कितना मिल सकता है
| बैंक | अधिकतम रकम | ब्याज दर (8 अक्टूबर को साइट पर) | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|---|
| SBI | कोई तय ऊपरी सीमा नहीं | 7.25%–8.55% | EMI की हद ऊँची आय पर ज़्यादा, 20% से 70% तक |
| HDFC Bank | ₹10 करोड़ तक | 7.75%–13.20% | अवधि 30 साल तक |
| ICICI Bank | ₹10 करोड़ तक | 8.50%–9.80% | प्री-अप्रूव्ड ग्राहकों के लिए 7.55% |
| Axis Bank | ₹5 करोड़ (दर वाले पेज पर ₹10 करोड़) | 8.00%–9.10% | दरें CIBIL 751+ के लिए |
| Kotak Mahindra Bank | ₹40 करोड़ तक | 7.60% से | 90% तक फ़ंडिंग, 25 साल तक |
| PNB | ज़रूरत और चुकाने की क्षमता के अनुसार | 7.20% से | 7.20% वाली दर 1.10.2026–31.12.2026 के अभियान की है |
| Bank of Baroda | ₹20 करोड़ | लगभग 7.45%–9.20% | BRLLR 8.15% पर, 8 अक्टूबर से |
Axis Bank की साइट पर ही दो आँकड़े हैं — मुख्य पेज ₹5 करोड़ कहता है, दरों वाला पेज "₹3 लाख से ₹10 करोड़"। मंज़ूरी पत्र में जो लिखा हो, वही मानिए।
होम लोन में असली सीमा: LTV
होम लोन में सबसे पहले प्रॉपर्टी की कीमत रकम को बाँधती है। HDFC Bank अपनी साइट पर यह ढाँचा छापता है: प्रॉपर्टी कीमत का 90% (लोन ₹30 लाख तक), 80% (₹30.01–75 लाख) और 75% (₹75 लाख से बड़े लोन)। PNB के मार्जिन भी इसी ढाँचे पर हैं, बस वह ₹30 लाख तक 90% सिर्फ़ ऊँची दर पर देता है; सामान्य मार्जिन वहाँ भी 20% है। डाउन पेमेंट के अलावा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का ख़र्च भी आम तौर पर आपकी जेब से जाता है — Bank of Baroda ऐसे ख़र्चों के लिए अलग "Home Suvidha Personal Loan" चलाता है, जिसकी दर होम लोन से ऊपर रहती है।
आय की तरफ़ SBI के FAQ में लिखा है कि ऊँची आय वालों के लिए EMI की हद ज़्यादा होती है — आय स्लैब के हिसाब से 20% से 70% तक — और co-applicant जोड़ने पर रकम बढ़ती है।
उदाहरण: ₹60 लाख का फ़्लैट
फ़्लैट ₹60 लाख का है और शुद्ध मासिक आय ₹90,000। उदाहरण के लिए मानिए कि बैंक आधी आय तक की EMI मंज़ूर करता है (SBI के 20%–70% दायरे के बीच) और दर 8.50% है:
- LTV से: लोन ₹30 लाख से ऊपर है, इसलिए 80% — यानी अधिकतम ₹48 लाख। बाक़ी ₹12 लाख आपको लगाने होंगे।
- आय से: EMI की गुंजाइश ₹45,000; 20 साल पर इससे लगभग ₹51,85,388 का लोन चुक सकता है।
- नतीजा: दोनों में कम, यानी ₹48 लाख, जिसकी EMI ₹41,656 बनती है।
अब वही फ़्लैट, पर आय ₹60,000 मान लीजिए। EMI की गुंजाइश ₹30,000 रह जाती है और 20 साल पर पात्रता लगभग ₹34,56,925 — यहाँ आय वाली सीमा LTV से पहले आ जाती है और आपको लगभग ₹25 लाख ख़ुद जुटाने होंगे। घर ख़रीदने के लोन का विस्तार होम लोन कितना मिल सकता है पढ़कर समझिए; बैंकों की दरें एक साथ होम लोन तुलना पेज पर हैं।
कार लोन: ऑन-रोड कीमत का कितना हिस्सा
| बैंक | कितना फ़ाइनेंस | रकम का नियम | दर (सालाना) |
|---|---|---|---|
| SBI | ऑन-रोड कीमत का 100% तक | चुनिंदा वेतनभोगी श्रेणियों में 48 गुना NMI; पेशेवर/व्यापारी को ITR आय का 4 गुना | 8.40%–9.35% |
| HDFC Bank | चुनिंदा मॉडलों पर 100% | नई कार पर अधिकतम ₹25 लाख | रैक दर 9% से; Q1 में औसत 8.63% |
| ICICI Bank | 100% ऑन-रोड तक | कार की कीमत तक, आय और FOIR देखकर | 8.40% से |
| Axis Bank | 100% ऑन-रोड तक | ₹1 लाख से शुरू | 8.80%–11.70% |
| PNB | ऑन-रोड का 85% (टाई-अप डीलर पर 90%) | ग्रॉस मासिक आय का 25 गुना, अधिकतम ₹1 करोड़ | 7.60%/7.65% से |
| Bank of Baroda | डिजिटल कार लोन में 93% तक | Baroda Car Loan ₹5 करोड़ तक; FAQ में व्यक्ति के लिए ₹2 करोड़ | — |
| Kotak | कार की कीमत का 100% तक | न्यूनतम ₹1 लाख; लोन Kotak Mahindra Prime देती है | — |
Kotak का कार लोन असल में बैंक की सहायक NBFC, Kotak Mahindra Prime Ltd देती है — बैंक के ब्रांड के नीचे भी कर्ज़दाता अलग हो सकता है, इसलिए हस्ताक्षर से पहले उसका नाम पढ़िए।
उदाहरण: ₹10 लाख ऑन-रोड कार, ₹40,000 ग्रॉस सैलरी
- PNB: 25 × ₹40,000 = ₹10 लाख की सीमा बनती है, पर 15% मार्जिन के कारण लोन ₹8.50 लाख पर रुकेगा। 84 महीने, 7.65% पर EMI ₹13,101; डाउन पेमेंट ₹1.50 लाख।
- Axis Bank (100% फ़ाइनेंस मिलने पर): ₹10 लाख, 84 महीने, 8.80% पर EMI ₹15,988; डाउन पेमेंट शून्य।
पूरी फ़ंडिंग का मतलब हर महीने ₹2,887 ज़्यादा किस्त और कुल ब्याज लगभग ₹92,500 ज़्यादा। नई और पुरानी कार के बाक़ी नियम कार लोन कितना मिल सकता है में विस्तार से हैं।
बैंक बनाम NBFC बनाम लोन ऐप
बैंक तभी सबसे सस्ते हैं जब आपकी प्रोफ़ाइल उनकी शर्तों में बैठे। हमारे सत्यापित डेटाबेस से कुछ NBFC और ऐप के आँकड़े:
| कहाँ से | रकम | ब्याज दर | प्रोसेसिंग फीस |
|---|---|---|---|
| HDFC / ICICI / Axis (बैंक) | ₹50 लाख तक | 9.99% से | ₹6,500 या 2% तक |
| Bajaj Finserv (NBFC) | ₹55 लाख तक | 10%–30.5% | 4.13% तक |
| Tata Capital (NBFC) | ₹35 लाख तक | 10.99%–33% | 5% + GST तक |
| MoneyView (ऐप) | ₹5,000 से ₹10 लाख | 14%–24% | 2% से |
| KreditBee (ऐप) | ₹6,000 से ₹10 लाख | 12%–28.5% | 4.7% + GST तक |
NBFC और ऐप छोटी रकम, कम दस्तावेज़ और कमज़ोर स्कोर पर ज़्यादा लचीले हैं, पर उनकी ऊपरी दर 30% के पार जाती है और फीस भी ऊँची है। किसी ऐप से पहले उसकी समीक्षा हमारे लोन ऐप रिव्यू पेज पर देखिए।
बैंक लोन देने से पहले क्या-क्या जाँचते हैं
- क्रेडिट स्कोर: Bank of Baroda पर्सनल लोन के लिए 701 से ऊपर का स्कोर माँगता है, और Axis की होम लोन दरें 751+ स्कोर के लिए छपी हैं। स्कोर गिरते ही दर चढ़ती है — SBI कार लोन इसका उदाहरण है।
- आय और नौकरी का इतिहास: HDFC Bank पर्सनल लोन के लिए कुल 2 साल का अनुभव और मौजूदा कंपनी में 1 साल माँगता है। PNB सरकारी, PSU और प्रतिष्ठित संस्थानों के कर्मचारियों से 2 साल और बाक़ी से 3 साल की सेवा माँगता है।
- काग़ज़: ICICI Bank पर्सनल लोन में पिछले तीन महीनों की सैलरी स्लिप व बैंक स्टेटमेंट माँगता है, SBI छह-छह महीनों के; HDFC प्री-अप्रूव्ड ग्राहकों से कोई दस्तावेज़ नहीं लेता।
- चालू कर्ज़: हर मौजूदा EMI और कार्ड बकाया गुंजाइश घटाता है; HDFC Bank साफ़ लिखता है कि वह कर्ज़-से-आय (debt-to-income) अनुपात देखकर पात्रता तय करता है।
बैंक से ज़्यादा लोन कैसे मिल सकता है
- कमाने वाला सह-आवेदक जोड़िए। SBI होम लोन में जीवनसाथी की आय जोड़ने की अनुमति देता है; PNB कार लोन में माता-पिता, जीवनसाथी या कमाऊ संतान में से एक की आय जोड़ता है।
- चालू EMI पहले घटाइए। ऊपर के उदाहरण में ₹12,000 की एक कार लोन EMI ने SBI की पात्रता ₹3 लाख से ज़्यादा घटा दी।
- अवधि सोच-समझकर बढ़ाइए। लंबी अवधि से EMI घटती है और पात्रता बढ़ती है, पर कुल ब्याज भी बढ़ता है।
- सुरक्षित लोन पर विचार कीजिए। गोल्ड, FD या प्रॉपर्टी के बदले लोन में आय की शर्त नरम और दर कम होती है — गहनों पर कितना मिलेगा, इसका हिसाब 10 ग्राम सोने पर कितना लोन में है।
- प्री-अप्रूव्ड ऑफ़र देखिए। SBI ग्राहक "PAPL" लिखकर 567676 पर SMS से पात्रता जाँच सकते हैं; HDFC Bank के मुताबिक़ पहले से चुने ग्राहकों के खाते में रकम 10 सेकंड में आ सकती है।
फीस और चार्ज: सिर्फ़ ब्याज मत देखिए
- SBI: लोन का अधिकतम 1.50% फीस — कम से कम ₹1,000 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹15,000, ऊपर से GST; समय से पहले चुकाने पर प्री-पेड रकम का 2%।
- HDFC Bank: ₹6,500 तक + GST; फोरक्लोज़र 24 EMI तक 4%, 36 तक 3%, फिर 2%।
- ICICI Bank: 2% तक + टैक्स; प्री-पेमेंट 3%, पर 24 EMI के बाद शून्य।
- Axis Bank: 2% तक + GST; 36 EMI तक 3%, फिर 2%।
- Kotak: 5% तक + टैक्स; 3 साल तक 4%, फिर 2%।
- PNB: पर्सनल लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज शून्य।
₹10 लाख के लोन पर 2% फीस का मतलब ₹20,000 + GST और 5% का मतलब ₹50,000 + GST है, जबकि HDFC की सीमा ₹6,500 + GST है। फीस अक्सर लोन से ही कटती है, यानी खाते में पूरी रकम नहीं आती। किस्त EMI कैलकुलेटर से जाँचिए।
आम ग़लतियाँ और धोखाधड़ी से बचाव
- प्री-अप्रूव्ड को मंज़ूरी समझ लेना। SBI ख़ुद लिखता है कि PAPL चुनिंदा ग्राहकों के लिए एक ऑफ़र है, असली सैंक्शन नहीं — वह शर्तें पूरी होने के बाद ही मिलता है।
- OTP या PIN बताना। SBI का साइबर सुरक्षा पेज साफ़ कहता है कि बैंक आपसे लॉग-इन आईडी, पासवर्ड, PIN, कार्ड नंबर या CVV कभी नहीं पूछता।
- इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजना। HDFC Bank की सलाह है कि ऑनलाइन नंबर न खोजें, सिर्फ़ बैंक के दिए नंबर इस्तेमाल करें। सत्यापित नंबर हमारे कस्टमर केयर पेज पर हैं।
- एजेंट को नक़द देना। HDFC Bank का कार लोन पेज चेताता है कि बैंक के डायरेक्ट सेल्स वालों को नक़द में कुछ न दें।
- लोन से पहले "फीस" भरना। असली बैंक प्रोसेसिंग फीस लोन की रकम से काटता है या अपने आधिकारिक चैनल से लेता है; किसी निजी UPI पर पहले पैसे माँगना धोखे का पक्का संकेत है।
ठगी का शक हो या पैसा निकल गया हो, तो देर किए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in का इस्तेमाल करें — SBI और HDFC Bank दोनों अपने सुरक्षा पेज पर यही रास्ता बताते हैं।
निष्कर्ष
बैंक से कितना लोन मिलेगा, यह तीन संख्याएँ तय करती हैं: बैंक की ऊपरी सीमा, आपकी आय से बनने वाली EMI की गुंजाइश, और सुरक्षित लोन में संपत्ति की कीमत का तय हिस्सा। विज्ञापन की ₹50 लाख या ₹1 करोड़ वाली सीमा तभी काम की है जब आय उसे सहारा दे। आवेदन से पहले अपनी शुद्ध आय और चालू EMI लिखकर दो-तीन बैंकों के नियम उस पर लगाइए।
SBI या HDFC Bank के ग्राहक हर लोन की अलग सीमा यहाँ देखें: SBI के सभी लोन की सीमाएँ और HDFC Bank के हर लोन की सीमा।