पर्सनल लोन कितना मिल सकता है — ज़्यादातर बैंक इसे महीने की तनख़्वाह के गुणक से तय करते हैं, जो प्रकाशित योजनाओं में 20 से 30 के बीच है, और फिर जाँचते हैं कि सारी किस्तें मिलाकर आय की तय सीमा के भीतर रहें। SBI शुद्ध मासिक आय का 30 गुना या 65% EMI सीमा (जो कम हो) मानता है, PNB सकल मासिक वेतन का 24 गुना (अधिकतम ₹20 लाख) और Indian Bank 20 गुना। इस हिसाब से ₹50,000 की आय पर बैंक से लगभग ₹10 लाख से ₹14.8 लाख तक की पात्रता बनती है। ऐप और NBFC की ऊपरी सीमा अलग है, पर उनकी दर भी अलग।
पर्सनल लोन में कुछ गिरवी नहीं रखा जाता, इसलिए लेंडर के पास सिर्फ़ तीन चीज़ें होती हैं: आपकी आय, आपकी चालू किस्तें और आपका क्रेडिट रिकॉर्ड। बैंकों के नियम 8 अक्टूबर 2026 को उनके आधिकारिक पेजों से लिए गए हैं; ऐप और NBFC के आँकड़े BankCreds के सत्यापित डेटाबेस से हैं। होम, गोल्ड, कार और बाक़ी लोन के नियम एक जगह देखने हों तो हर लोन की सीमा वाली मुख्य गाइड खोलिए।
पर्सनल लोन की रकम तय करने वाले तीन नियम
नियम 1: सैलरी का कितना गुना
कुछ बैंक साफ़ लिखते हैं कि वे सैलरी के कितने गुना तक लोन देंगे। ध्यान दीजिए कि कोई शुद्ध (हाथ में आने वाली) आय पर गिनता है और कोई सकल वेतन पर:
| बैंक / योजना | गुणक | किस आय पर | अधिकतम रकम |
|---|---|---|---|
| SBI पर्सनल लोन (सैलरी पैकेज खाता ज़रूरी) | 30 गुना | शुद्ध मासिक आय (NMI) | ₹50 लाख (न्यूनतम ₹1 लाख) |
| PNB — आम लोगों के लिए पर्सनल लोन (सैलरी PNB में) | 24 गुना | सकल मासिक वेतन | ₹20 लाख |
| PNB — स्वरोज़गार पेशेवर | 10 गुना | पिछले दो साल की औसत सकल मासिक आय | ₹5 लाख |
| Indian Bank — वेतनभोगी क्लीन लोन | 20 गुना | सकल मासिक वेतन | ₹50 लाख (बिना चेक-ऑफ़ वाली श्रेणी में) |
HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis बैंक कोई गुणक नहीं छापते; ICICI बैंक के शब्दों में अंतिम पात्रता "internal assessment and verification" से तय होती है। Bank of Baroda अपने Baroda Personal Loan के लिए ₹1 लाख से ₹20 लाख की रेंज बताता है।
नियम 2: EMI आय का कितना हिस्सा ले सकती है
गुणक अकेला काफ़ी नहीं। SBI की शर्त है कि EMI/NMI अनुपात 65% से ऊपर न जाए, और 30 गुना व 65% में से जो भी कम रकम दे, वही मंज़ूर होगी। Indian Bank उल्टा हिसाब लगाता है — वह देखता है कि नई किस्त कटने पर तनख़्वाह का कितना हिस्सा घर पहुँचेगा, और यह हिस्सा ग्रॉस का 40% या उससे ज़्यादा होना चाहिए। यह प्रतिशत अलग-अलग अवधि और दर पर रुपयों में कैसे बदलता है, यह गणित FOIR और EMI प्रतिशत वाले लेख में विस्तार से है।
नियम 3: CIBIL और भुगतान का इतिहास
RBI के नियम के अनुसार हर क्रेडिट ब्यूरो का स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। बैंक इसे दो जगह इस्तेमाल करते हैं — हाँ या ना में, और दर तय करने में। PNB की स्वरोज़गार पेशेवरों वाली योजना में CIC स्कोर 750 या उससे ऊपर होना ज़रूरी है; SBI "decent Credit score" लिखता है। HDFC बैंक बताता है कि दर CIBIL स्कोर, भुगतान इतिहास, रकम और अवधि पर निर्भर है — और उसका अपना आँकड़ा दिखाता है कि यह फ़र्क़ कितना बड़ा है: अप्रैल–जून 2026 में उसके पर्सनल लोन का APR न्यूनतम 9.99%, अधिकतम 33.94% और औसत 11.18% रहा।
स्कोर कमज़ोर हो तो विकल्प सीमित होते हैं; ऐसे में हमारा कम CIBIL पर पर्सनल लोन वाला पेज देखिए।
बैंक, NBFC और ऐप: किसकी ऊपरी सीमा कितनी?
नीचे की रकम हर लेंडर की प्रकाशित ऊपरी-निचली सीमा है — आपको इतनी ही मिलेगी, यह ज़रूरी नहीं।
| लेंडर | प्रकार | सालाना दर | रकम की रेंज | न्यूनतम मासिक आय |
|---|---|---|---|---|
| SBI | सरकारी बैंक | 10.00% – 15.00% | ₹1 लाख – ₹50 लाख | ₹20,000 (सरकारी/रक्षा), ₹25,000 (कॉर्पोरेट) |
| HDFC बैंक | निजी बैंक | 9.99% – 24.00% | ₹25,000 – ₹50 लाख (कुछ मामलों में ₹75 लाख) | ₹25,000 (शुद्ध) |
| ICICI बैंक | निजी बैंक | 9.99% – 16.50% | ₹50 लाख तक | ₹30,000 |
| Axis बैंक | निजी बैंक | 9.99% – 22% | ₹50 लाख तक | ₹15,000 (Axis ग्राहक), ₹25,000 (बाक़ी) |
| बजाज फाइनेंस | NBFC | 10% – 30.5% | ₹40,000 – ₹55 लाख | — |
| Tata Capital | NBFC | 10.99% – 33% | ₹35 लाख तक | — |
| Aditya Birla Capital | NBFC | 10% – 28% | ₹50,000 – ₹50 लाख | ₹20,000 |
| Navi | NBFC ऐप | 9.90% – 29% | ₹10,000 – ₹20 लाख | ₹20,000 |
| MoneyView | ऐप (पार्टनर लेंडर) | 14% – 24% | ₹5,000 – ₹10 लाख | ₹25,000 |
| KreditBee | ऐप (पार्टनर लेंडर) | 12% – 28.5% | ₹6,000 – ₹10 लाख | ₹10,000 |
| Fibe | ऐप (पार्टनर लेंडर) | 18% – 36% | ₹8,000 – ₹10 लाख | ₹20,000 |
| mPokket | ऐप (पार्टनर लेंडर) | 22% – 36% | ₹1,000 – ₹2,00,000 | ₹9,000 |
"—" का मतलब है कि लेंडर की वेबसाइट या हमारे डेटाबेस में आँकड़ा पुष्ट नहीं हुआ। दरें 8 अक्टूबर 2026 की स्थिति हैं; RBI की 7 अक्टूबर वाली नीति बैठक में रेपो रेट 5.50% कर दिया गया, इसलिए बेंचमार्क से जुड़ी दरें आगे बढ़ सकती हैं — आवेदन के दिन की दर मंज़ूरी पत्र में ही देखिए। होम और कार लोन समेत बैंकों की आपसी तुलना अलग लेख में है। HDFC बैंक के पर्सनल लोन के अलावा उसके दूसरे लोन की लिमिट भी हमने जाँची है, और बजाज फाइनेंस की बाक़ी शर्तें भी।
सैलरी के हिसाब से कितना पर्सनल लोन: ₹15,000 से ₹1 लाख तक
पहली तालिका प्रकाशित गुणकों और SBI की EMI शर्त को चार सैलरी स्तरों पर लगाती है। आख़िरी कॉलम हमारी गणना है: 65% EMI, 11.54% (SBI का Q1 2026-27 का घोषित औसत) और 5 साल।
| मासिक सैलरी | Indian Bank: 20 गुना (सकल) | PNB: 24 गुना (सकल) | SBI: 30 गुना (शुद्ध) | SBI: 65% EMI से 5 साल में |
|---|---|---|---|---|
| ₹15,000 | ₹3,00,000 | ₹3,60,000 | SBI की न्यूनतम आय से कम | — |
| ₹25,000 | ₹5,00,000 | ₹6,00,000 | ₹7,50,000 | ₹7,38,210 (EMI ₹16,250) |
| ₹50,000 | ₹10,00,000 | ₹12,00,000 | ₹15,00,000 | ₹14,76,421 (EMI ₹32,500) |
| ₹1,00,000 | ₹20,00,000 | ₹20,00,000 (योजना की सीमा) | ₹30,00,000 | ₹29,52,842 (EMI ₹65,000) |
SBI में आख़िरी दोनों कॉलम में से छोटी रकम लागू होती है, इसलिए ₹50,000 पर अनुमान लगभग ₹14.8 लाख है, ₹15 लाख नहीं। Indian Bank और PNB के गुणक सकल वेतन पर हैं, इसलिए आपकी शुद्ध सैलरी यही हो तो असली रकम थोड़ी ऊपर भी जा सकती है।
दूसरी तालिका बताती है कि किस सैलरी पर किसकी न्यूनतम आय की शर्त पूरी होती है:
| मासिक सैलरी | न्यूनतम आय की शर्त पूरी (बैंक) | न्यूनतम आय की शर्त पूरी (ऐप/NBFC, हमारा डेटाबेस) |
|---|---|---|
| ₹15,000 | Axis बैंक (सिर्फ़ अपने ग्राहक) | KreditBee, mPokket, Kissht, Zype, Stashfin |
| ₹25,000 | ऊपर वाले + SBI (कॉर्पोरेट), HDFC बैंक, Axis बैंक (सभी) | ऊपर वाले + Navi, Fibe, Aditya Birla Capital, MoneyView |
| ₹50,000 | ऊपर वाले + ICICI बैंक | ऊपर वाले + CASHe, LazyPay, Freo |
| ₹1,00,000 | सभी बड़े बैंक | सभी |
₹15,000 की सैलरी पर अपनी जेब का हिसाब ख़ुद लगाइए। अगर आप ₹5,000 से ज़्यादा EMI नहीं रखना चाहते, तो 24% की दर (उदाहरण) पर 12 महीने में लगभग ₹52,900 और 24 महीने में लगभग ₹94,500 का लोन ही चुकाया जा सकता है। इस आय के लिए हमारा ₹15,000 सैलरी पर पर्सनल लोन वाला पेज भी उपयोगी है।
तीन उदाहरण: EMI कितनी बनेगी और रकम कहाँ अटकेगी
उदाहरण 1: ₹25,000 सैलरी, ₹3 लाख का लोन
SBI की दर रेंज 10.00%–15.00% के भीतर तीन दरों पर हमारी गणना:
| दर | 3 साल की EMI | 3 साल का कुल ब्याज | 5 साल की EMI | 5 साल का कुल ब्याज |
|---|---|---|---|---|
| 10.00% | ₹9,680 | ₹48,486 | ₹6,374 | ₹82,447 |
| 11.54% | ₹9,899 | ₹56,346 | ₹6,604 | ₹96,228 |
| 15.00% | ₹10,400 | ₹74,386 | ₹7,137 | ₹1,28,219 |
5 साल पर 11.54% की EMI सैलरी का लगभग 26% है, जो 65% की सीमा से बहुत नीचे है — यानी लोन आराम से पात्रता में आता है। 3 साल पर यही EMI सैलरी का लगभग 40% हो जाती है, पर कुल ब्याज ₹39,882 कम लगता है। छोटी अवधि महँगी किस्त, पर सस्ता लोन है।
उदाहरण 2: ₹40,000 सैलरी और ₹8,000 की चालू EMI
SBI के फ़ॉर्मूले पर 65% की EMI सीमा ₹26,000 बनती है। ₹8,000 पहले से किसी बाइक या फ़ोन की किस्त में जा रहे हैं, तो नए लोन के लिए ₹18,000 बचते हैं:
| स्थिति | नई EMI की गुंजाइश | 11.54%, 5 साल में रकम | 30 गुना की सीमा | अनुमानित पात्रता |
|---|---|---|---|---|
| कोई चालू EMI नहीं | ₹26,000 | ₹11,81,137 | ₹12,00,000 | ₹11.8 लाख |
| ₹8,000 की चालू EMI | ₹18,000 | ₹8,17,710 | ₹12,00,000 | ₹8.2 लाख |
एक मामूली किस्त पात्रता को ₹3.6 लाख से ज़्यादा घटा देती है। इसलिए बड़ा लोन लेने से पहले छोटी किस्तें बंद करना अक्सर सबसे तेज़ असर वाला क़दम होता है।
उदाहरण 3: ₹1 लाख — बैंक जैसी दर बनाम ऊँची दर
दो साल के लिए ₹1 लाख, दो दरों पर जो हमारे डेटाबेस की रेंज के भीतर हैं (KreditBee 12%–28.5%, MoneyView 14%–24%):
| दर (उदाहरण) | मासिक EMI | 2 साल का कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 12% | ₹4,707 | ₹12,976 |
| 24% | ₹5,287 | ₹26,891 |
ब्याज का फ़र्क़ लगभग ₹13,900 है, और यह प्रोसेसिंग फीस से पहले का हिसाब है। ऐप की फीस अक्सर लोन से पहले ही काट ली जाती है — MoneyView के मामले में यह 2% से शुरू होती है, यानी ₹1 लाख पर कम से कम ₹2,000 कम हाथ में आएँगे। किस्तें बदलकर देखने के लिए EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल कीजिए।
पात्रता और दस्तावेज़: आवेदन से पहले क्या जाँचें
उम्र और नौकरी:
- SBI: 21–60 वर्ष; सरकारी/रक्षा कर्मचारियों की न्यूनतम सेवा 6 महीने, कॉर्पोरेट की 12 महीने; सैलरी पैकेज खाता SBI में होना चाहिए।
- HDFC बैंक: 21–60 वर्ष; कुल 2 साल का अनुभव, जिसमें 1 साल मौजूदा संस्था में।
- ICICI बैंक: वेतनभोगी 58 वर्ष तक; 2 साल का अनुभव।
- Axis बैंक: कम से कम 21 वर्ष, और लोन ख़त्म होते समय अधिकतम 60 वर्ष।
दस्तावेज़: SBI पैन, 6 महीने की सैलरी स्लिप, नियोक्ता का पहचान पत्र या सेवा प्रमाणपत्र, ताज़ा ITR या Form 16 और 6 महीने का सैलरी खाता स्टेटमेंट माँगता है। Axis बैंक की सूची में पिछले 3 महीने के बैंक स्टेटमेंट, 3 ताज़ा सैलरी स्लिप के साथ Form 16 और KYC दस्तावेज़ हैं।
फीस और असली लागत
दर के साथ फीस भी जोड़िए, क्योंकि वह आपके हाथ में आने वाली रकम घटाती है:
- SBI: 1.50% तक; न्यूनतम सीमा ₹1,000 और अधिकतम ₹15,000; GST अलग।
- HDFC बैंक: ₹6,500 तक + GST।
- ICICI बैंक: 2% तक + टैक्स; समय से पहले बंद करने पर बकाया मूलधन का 3%, पर 24 EMI भरने के बाद शून्य।
- Axis बैंक: 2% तक + GST।
- बजाज फाइनेंस: 4.13% तक (टैक्स सहित)।
- ऐप: हमारे डेटाबेस में KreditBee 4.7% तक + GST और mPokket 3.75% + GST — अक्सर रकम से पहले ही कटती है।
पर्सनल लोन की सीमा कैसे बढ़ाएँ
- छोटी चालू किस्तें बंद कीजिए। उदाहरण 2 में ₹8,000 की किस्त ने पात्रता ₹3.6 लाख घटाई थी।
- अवधि सोच-समझकर बढ़ाइए। लंबी अवधि पर EMI घटती है और EMI वाली सीमा ऊपर जाती है, पर SBI में 30 गुना की छत तब भी रहती है — और कुल ब्याज बढ़ता है।
- जहाँ सैलरी आती है, वहीं से शुरू कीजिए। SBI का यह लोन सैलरी पैकेज खाते वालों के लिए है, PNB की योजना PNB से सैलरी लेने वालों के लिए, और Axis बैंक अपने ग्राहकों से ₹15,000 जबकि बाक़ी आवेदकों से ₹25,000 की न्यूनतम आय माँगता है।
- क्रेडिट रिपोर्ट साफ़ रखिए। RBI के नियम से हर ब्यूरो साल में एक पूरी रिपोर्ट मुफ़्त देता है; ग़लती दिखे तो आवेदन से पहले सुधरवाइए।
- एक साथ कई जगह आवेदन मत कीजिए। पहले ऊपर की तालिकाओं से हिसाब लगाइए, फिर उसी लेंडर के पास जाइए जिसकी शर्तें आप पूरी करते हैं।
आम ग़लतियाँ और धोखाधड़ी
- विज्ञापन की ऊपरी सीमा को अपनी रकम मान लेना। "₹50 लाख तक" का मतलब ₹50 लाख नहीं — ऊपर की तालिका के मुताबिक़ इसके लिए SBI में लगभग ₹1.67 लाख की शुद्ध मासिक आय चाहिए।
- सकल और शुद्ध वेतन को मिला देना। SBI शुद्ध आय पर गिनता है; PNB और Indian Bank सकल पर।
- बेहद ऊँची दर पर ध्यान न देना। हमारे डेटाबेस में एक ऐसा ऐप भी दर्ज है जिसकी वेबसाइट रोज़ाना 0.5%–1% ब्याज बताती है, यानी सालाना 182.5%–365% — उसकी जानकारी हम सत्यापित नहीं कर पाए, इसलिए उसे सूची में शामिल नहीं किया। APR देखे बिना किसी ऐप से लोन मत लीजिए।
- लोन से पहले पैसे भेजना। RBI के डिजिटल लेंडिंग निर्देश 2025 कहते हैं कि लेंडर रकम सिर्फ़ उधार लेने वाले के बैंक खाते में डालेगा, किसी एजेंट या तीसरे खाते में नहीं। हर डिजिटल लोन के साथ KFS मिलता है, और कम से कम एक दिन का "कूलिंग-ऑफ़" समय भी, जिसमें सिर्फ़ मूलधन और उतने दिनों का आनुपातिक APR देकर, बिना पेनल्टी लोन लौटाया जा सकता है।
- ठगी हो जाए तो: I4C के अनुसार शिकायत 1930 पर या cybercrime.gov.in पर दर्ज कीजिए।
निष्कर्ष
पर्सनल लोन कितना मिल सकता है, इसका जवाब आपकी सैलरी से शुरू होता है पर वहीं ख़त्म नहीं होता। पहले सैलरी पर बैंक का गुणक लगाइए, फिर EMI की सीमा से चालू किस्तें घटाकर दूसरी रकम निकालिए, और दोनों में छोटी को ही अपनी पात्रता मानिए। उसके बाद लेंडर चुनते समय न्यूनतम आय, दर और फीस तीनों मिलाइए — ऊपरी सीमा सबसे कम ज़रूरी आँकड़ा है।
सैलरी के अलग-अलग स्तरों पर ऑफ़र देखने के लिए हमारा पर्सनल लोन पेज खोलिए, और SBI ग्राहक हों तो SBI पर्सनल लोन की बारीक शर्तें अलग से पढ़िए।