क्रेडिट कार्ड से कितना लोन मिल सकता है, यह इस पर निर्भर है कि आप कौन-सा रास्ता चुनते हैं। लिमिट के अंदर वाला लोन आमतौर पर बची हुई लिमिट जितना होता है — ICICI Bank बची लिमिट का 90% तक देता है। लिमिट से ऊपर वाला प्री-अप्रूव्ड लोन कार्ड लिमिट से अलग मिलता है — HDFC Bank के उदाहरण में ₹4 लाख की लिमिट पर ₹4 लाख या उससे ज़्यादा; कार्ड लोन की कुल सीमा ICICI Bank में ₹20 लाख और Axis Bank में ₹25 लाख है। ATM से कैश लिमिट का सिर्फ़ एक हिस्सा निकलता है — HDFC Bank में क्रेडिट लिमिट का 40%। और EMI कन्वर्ज़न में नया पैसा नहीं मिलता, सिर्फ़ की गई खरीद किस्तों में बदलती है।
रकम से भी बड़ा फ़र्क़ लागत का है। अप्रैल–जून 2026 में बैंकों ने कार्ड लोन पर औसतन 12% से 15% के बीच ब्याज वसूला, जबकि कैश एडवांस पर पहले दिन से 45% सालाना ब्याज और ऊपर से निकासी फीस लगती है। हर आँकड़ा 8 अक्टूबर 2026 को SBI Card, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और RBI की अपनी वेबसाइटों से लिया गया है। पर्सनल, होम या गोल्ड लोन की रकम किन नियमों से तय होती है, इसके लिए हमारा लोन कितना मिल सकता है वाला गाइड देखें।
कार्ड से पैसा लेने के चार रास्ते: एक नज़र में
| रास्ता | कितनी रकम | ब्याज | मुख्य फीस | कार्ड लिमिट पर असर |
|---|---|---|---|---|
| लिमिट के अंदर लोन | बची लिमिट तक (ICICI: 90% तक) | 10.08%–20.76% (HDFC Insta) | ₹1,999 तक (HDFC), 2% (SBI Encash) | रकम ब्लॉक |
| लिमिट से ऊपर लोन | लिमिट से अलग, बैंक के ऑफ़र जितना | 10.08%–19.44% (HDFC Jumbo) | ₹1,999 तक (HDFC), 1% (ICICI) | लिमिट वैसी रहती है |
| कैश एडवांस (ATM) | कैश लिमिट तक (HDFC: लिमिट का 40%) | 3.75% मासिक (SBI Card), पहले दिन से | 2.5% या ₹500 | लिमिट घटती है |
| EMI कन्वर्ज़न | की गई खरीद जितनी | ऑफ़र के अनुसार | शून्य से 2% तक | खरीद पहले ही लिमिट से कट चुकी |
लिमिट के अंदर वाला लोन: कितना मिलेगा
इस लोन में बैंक आपकी बची हुई (available) क्रेडिट लिमिट को ही नक़द में बदल देता है। HDFC Bank के Insta Loan की शर्तें साफ़ कहती हैं कि लोन की रकम उस समय की उपलब्ध लिमिट के बराबर या उससे कम होगी और लिमिट से ब्लॉक कर दी जाएगी। HDFC इस दौरान कैश लिमिट शून्य कर देता है — लोन पूरा चुकने या प्री-क्लोज़ होने तक ATM से कैश नहीं निकलेगा।
HDFC Bank का अपना उदाहरण: अगर कार्ड लिमिट ₹1,50,000 है तो लोन लिमिट ₹1,20,000 तक हो सकती है; अगर ₹50,000 पहले ही ख़र्च हो चुके हैं, तो अधिकतम ₹1,00,000 मिलेगा। ICICI Bank के "Within the Limit" लोन में बची लिमिट का 90% तक मिल सकता है। SBI Card का Encash Inline भी मौजूदा लिमिट के अंदर का ऑफ़र है।
उदाहरण: ₹2 लाख की लिमिट, ₹50,000 ख़र्च
| मद | रकम |
|---|---|
| कुल क्रेडिट लिमिट | ₹2,00,000 |
| पहले से ख़र्च | ₹50,000 |
| बची लिमिट | ₹1,50,000 |
| ICICI नियम से अधिकतम लोन (90%) | ₹1,35,000 |
| लोन के बाद ख़र्च के लिए बची लिमिट | ₹15,000 |
ध्यान दीजिए: लोन लेते ही कार्ड लगभग पूरा भर जाता है, और उपयोग अनुपात बढ़ने से स्कोर पर असर पड़ सकता है।
लिमिट से ऊपर वाला लोन: बड़ी रकम, अलग शर्तें
यह आपकी कार्ड लिमिट के ऊपर मिलने वाला अलग प्री-अप्रूव्ड लोन है, इसलिए कार्ड पहले की तरह चलता रहता है।
- HDFC Bank Jumbo Loan: बैंक का उदाहरण है कि ₹4,00,000 की लिमिट पर लोन ₹4,00,000 या उससे ज़्यादा हो सकता है। अवधि 12 से 60 महीने। इस लोन की रकम HDFC के ही कार्ड बकाया या किसी HDFC लोन को चुकाने में इस्तेमाल नहीं की जा सकती।
- ICICI Bank: "Over the Limit" लोन लिमिट से ऊपर या नीचे हो सकता है; पूरी योजना में ₹20 लाख तक, अवधि 60 महीने तक। लिमिट से हर महीने बिल हुई EMI जितनी रकम ब्लॉक रहती है, और यह लोन ICICI कार्ड का बकाया चुकाने या शेयर बाज़ार में नहीं लगाया जा सकता।
- Axis Bank: Instant Loan on Credit Card ₹25,000 से ₹25 लाख, अवधि 12 से 48 महीने — पर पेज यह नहीं बताता कि लोन लिमिट के अंदर होगा या ऊपर, इसलिए ऑफ़र स्क्रीन पर यह ज़रूर देखें।
- SBI Card Encash: मौजूदा लिमिट के ऊपर, 12, 24, 36 या 48 महीने में चुकाने का विकल्प; पैसा 3–4 कामकाजी दिनों में NEFT से खाते में आता है।
कितनी रकम का ऑफ़र मिलेगा, यह कोई बैंक फ़ॉर्मूले के रूप में नहीं छापता। ICICI की शर्तें कहती हैं कि अंतिम रकम "कार्ड पर ग्राहक के प्रदर्शन" और उपलब्ध लिमिट पर निर्भर है; SBI Card लिमिट अपने अंदरूनी क्रेडिट मानदंडों से तय करता है। RBI के क्रेडिट कार्ड निर्देश यह भी कहते हैं कि लिमिट तय करते समय कार्ड जारीकर्ता को दूसरे बैंकों से मिली आपकी सारी लिमिट भी देखनी होगी।
ब्याज दर 2026: बैंकों ने असल में कितना वसूला
बैंक अब पिछली तिमाही में दी गई दरों की रेंज ख़ुद प्रकाशित करते हैं। अप्रैल–जून 2026 के आँकड़े:
| बैंक और प्रोडक्ट | न्यूनतम | अधिकतम | औसत |
|---|---|---|---|
| ICICI Bank — कार्ड पर पर्सनल लोन | 11% | 16% | 12.38% |
| HDFC Bank — Jumbo Loan | 10.08% | 19.44% | 13.14% (APR 13.7%) |
| HDFC Bank — Insta Loan | 10.08% | 20.76% | 14.34% (APR 16.26%) |
| Axis Bank — Instant Loan on Credit Card | 9.99% | 21% | 14.38% |
HDFC के पेज पर एक विरोधाभास है: ऊपर "0.84% मासिक से शुरू" लिखा है, जबकि उसी पेज के FAQ में "1.25% मासिक से शुरू"। SBI Card Encash की दर "मौजूदा ऑफ़र के अनुसार" बताता है और प्रकाशित नहीं करता। इसलिए ऑफ़र स्वीकार करने से पहले स्क्रीन पर दिख रही सालाना दर और APR ज़रूर पढ़ें।
उदाहरण: ₹1 लाख, 36 महीने
HDFC Bank ख़ुद बताता है कि 0.84% मासिक (10.08% सालाना) पर ₹1,00,000 की EMI ₹3,231 बनती है — हमारी गणना भी ₹3,230 आती है। औसत दरों पर हमारा हिसाब:
| दर | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 10.08% (HDFC की शुरुआती दर) | ₹3,231 | ₹16,297 |
| 12.38% (ICICI औसत) | ₹3,340 | ₹20,226 |
| 14.38% (Axis औसत) | ₹3,436 | ₹23,705 |
ICICI की औसत दर पर कुल ख़र्च सिर्फ़ ब्याज नहीं है: ब्याज पर 18% GST लगभग ₹3,641 और 1% प्रोसेसिंग फीस ₹1,000 + ₹180 GST जोड़ें, तो तीन साल में लगभग ₹25,047 अतिरिक्त चुकाने होंगे। अपनी दर पर हिसाब EMI कैलकुलेटर से लगाइए।
फीस और चार्ज: कार्ड लोन की असली लागत
- प्रोसेसिंग फीस: HDFC Bank ₹1,999 तक + GST (हर रकम पर फ्लैट); ICICI Bank 1%; Axis Bank 2% या ₹500, जो ज़्यादा हो, + GST; SBI Card Encash 2%, कम से कम ₹499 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹3,000।
- ब्याज पर GST: HDFC और ICICI की शर्तों के अनुसार हर EMI के ब्याज वाले हिस्से पर GST अलग से लगता है।
- प्री-क्लोज़र: HDFC Bank बकाया मूलधन का 3% + GST; ICICI 3% तक, और 15 दिन की "कूलिंग-ऑफ़" अवधि के बाद अगले महीने का ब्याज भी; Axis 3% या ₹300, जो ज़्यादा हो; SBI Encash और Flexipay 3%।
- आंशिक भुगतान नहीं: HDFC Jumbo Loan में आंशिक प्री-पेमेंट की अनुमति नहीं है — या तो पूरी EMI, या पूरा प्री-क्लोज़र।
- देरी पर: HDFC Jumbo और ICICI, दोनों में लेट फीस बकाया के स्लैब से ₹100 से ₹1,300 तक है।
SBI Card Encash पर फीस की सीमा का असर:
| Encash रकम | 2% फीस | असल फीस |
|---|---|---|
| ₹20,000 | ₹400 | ₹499 (न्यूनतम) |
| ₹1,00,000 | ₹2,000 | ₹2,000 |
| ₹2,00,000 | ₹4,000 | ₹3,000 (अधिकतम) |
कैश एडवांस: कितना निकाल सकते हैं और कितना महँगा
ATM से कार्ड का कैश निकालना लोन नहीं, बल्कि सबसे महँगा उधार है।
- कितना: SBI Card के MITC के अनुसार कैश लिमिट कुल क्रेडिट लिमिट का हिस्सा है और हर स्टेटमेंट में लिखी होती है; ATM से एक दिन में अधिकतम ₹15,000, और काउंटर पर कैश नहीं। HDFC Bank में कैश लिमिट क्रेडिट लिमिट का 40% है।
- फीस: दोनों बैंकों में निकासी का 2.5% या ₹500, जो ज़्यादा हो।
- ब्याज: SBI Card में 3.75% मासिक (45% सालाना), निकासी के दिन से पूरा भुगतान होने तक — उसके शब्दों में कैश पर "Free Credit Period: Nil"। शौर्य, डिफ़ेंस और सिक्योर्ड कार्ड पर दर 2.75% मासिक है। HDFC Bank भी कैश पर वही ब्याज लेता है जो रिवॉल्विंग बकाया पर।
- GST: फीस और ब्याज, दोनों पर 18%।
उदाहरण: SBI Card से ₹15,000, 30 दिन के लिए
| मद | रकम |
|---|---|
| निकासी फीस (2.5% = ₹375, पर न्यूनतम ₹500) | ₹500 |
| 30 दिन का ब्याज (45% सालाना) | ₹555 |
| फीस और ब्याज पर 18% GST | ₹190 |
| एक महीने की कुल लागत | ₹1,245 |
यानी सिर्फ़ एक महीने में निकाली रकम का लगभग 8.3%।
कैश बनाम कार्ड लोन: ₹50,000, 12 महीने (मोटा अनुमान)
मान लीजिए दोनों को 12 बराबर किस्तों में चुकाया जाए:
| कैश एडवांस (45%) | कार्ड लोन (Axis औसत 14.38%) | |
|---|---|---|
| ब्याज | ₹13,007 | ₹3,980 |
| ब्याज पर GST | ₹2,341 | ₹716 |
| फीस + GST | ₹1,475 | ₹1,180 |
| कुल अतिरिक्त ख़र्च | ₹16,824 | ₹5,876 |
ज़रूरत बड़ी हो और कार्ड पर लोन का ऑफ़र दिख रहा हो, तो ATM से कैश निकालना लगभग तीन गुना महँगा पड़ता है।
EMI कन्वर्ज़न: खरीद को किस्तों में बदलना
यह नक़द नहीं देता; पहले से की गई खरीद को किस्तों में बाँटता है।
- SBI Card Flexipay: खरीद के 30 दिन के भीतर; ₹200 या उससे बड़ी खरीदें जोड़कर कम से कम ₹2,500 की बुकिंग। 24 और 36 महीने पर प्रोसेसिंग फीस शून्य, बाक़ी अवधि पर 1% या ₹2,000, जो कम हो; प्री-क्लोज़र 3%। डिफ़ॉल्ट या ब्लॉक कार्ड पर सुविधा नहीं।
- ICICI Bank EMI on Call: ₹1,500 या उससे बड़ी खरीद, 30 दिन के भीतर; 3 से 24 महीने; ब्याज अधिकतम 1.5% मासिक; एक बार 2% तक फीस। सोना, गहने और कैश ट्रांज़ैक्शन शामिल नहीं।
- HDFC Bank SmartEMI: हमारे डेटाबेस के अनुसार अप्रैल–जून 2026 में असल दरें 10.80% से 24.96% सालाना रहीं; फीस ₹849 तक + GST; अवधि 6 से 48 महीने। विस्तार हमारे HDFC SmartEMI रिव्यू में है।
उदाहरण: SBI Card के MITC का अपना उदाहरण
SBI Card ₹36,295 की बुकिंग, 9 महीने और 18% सालाना ब्याज पर EMI ₹4,341.24 बताता है — हमारी गणना भी यही आती है। 9 महीने में कुल ब्याज लगभग ₹2,776 बनता है, और 9 महीने की अवधि पर 1% फीस ₹362.95 + GST अलग।
"नो-कॉस्ट EMI" पर RBI का नियम: कन्वर्ज़न से पहले बैंक को मूलधन, ब्याज और व्यापारी या बैंक की छूट अलग-अलग बतानी होगी, और ब्याज वाली EMI को ज़ीरो-इंटरेस्ट या नो-कॉस्ट कहकर नहीं बेचा जा सकता। स्टेटमेंट में भी यह अलग दिखना चाहिए।
कार्ड पर लोन किसे मिलता है
- सिर्फ़ चुनिंदा कार्डधारक। HDFC और SBI Card दोनों कहते हैं कि यह ऑफ़र "select" ग्राहकों को मिलता है; पात्रता बैंक अपनी नीति से तय करता है।
- कार्ड का रिकॉर्ड मायने रखता है। ICICI के अनुसार अंतिम रकम कार्ड पर आपके प्रदर्शन से तय होती है; डिफ़ॉल्ट या ब्लॉक कार्ड पर SBI Card Flexipay तक नहीं देता।
- कोई दस्तावेज़ नहीं। HDFC, SBI Card और Axis के अनुसार प्री-अप्रूव्ड लोन पर कागज़ नहीं लगते। ऑफ़र नेट बैंकिंग, ऐप या कस्टमर केयर पर दिखता है।
- ऑफ़र न हो तो सामान्य पर्सनल लोन देखिए — सैलरी के हिसाब से उसकी सीमा पर्सनल लोन कितना मिल सकता है और सैलरी के कितने प्रतिशत तक EMI बन सकती है वाले लेखों में समझाई गई है।
कार्ड लोन का ऑफ़र बढ़ाने के व्यावहारिक तरीक़े
- पूरा बिल समय पर भरिए — कार्ड पर अच्छा भुगतान रिकॉर्ड ही बड़े ऑफ़र का आधार है।
- सिर्फ़ मिनिमम ड्यू न भरें। HDFC Insta Loan की EMI मिनिमम अमाउंट ड्यू का हिस्सा बनती है, और बाक़ी बकाया पर ब्याज चढ़ता है (ICICI में 1.25% से 3.75% मासिक)।
- कार्ड का इस्तेमाल लिमिट के 30% के आसपास रखिए — HDFC के अनुसार इससे ज़्यादा इस्तेमाल स्कोर पर असर डाल सकता है।
- लिमिट बढ़ाने की लिखित अर्ज़ी दीजिए। RBI नियम से बैंक बिना आपकी सहमति लिमिट नहीं बढ़ा सकते; आय के नए कागज़ के साथ ख़ुद अनुरोध करना सही रास्ता है।
- दूसरे कर्ज़ घटाइए। लिमिट तय करते समय बैंक दूसरे कार्डों और लोन की लिमिट भी देखते हैं। क्रेडिट रिपोर्ट कहाँ और कैसे देखें, यह PAN से लोन वाली गाइड बताती है।
ये ग़लतियाँ और ठगी महँगी पड़ती हैं
- कार्ड लोन से उसी कार्ड का बिल भरना। HDFC Jumbo और ICICI, दोनों में इसकी अनुमति नहीं है।
- ओवर-लिमिट में फँसना। RBI के अनुसार लिमिट से ऊपर ख़र्च के लिए आपकी स्पष्ट सहमति ज़रूरी है; ICICI में EMI ब्लॉक होने पर लिमिट पार हुई तो 2.5% (कम से कम ₹550) ओवर-लिमिट फीस लगती है।
- कूलिंग-ऑफ़ अवधि भूलना। ICICI में 15 दिन के भीतर बिना पेनल्टी लोन रद्द किया जा सकता है; बाद में प्री-क्लोज़र चार्ज लगेगा।
- OTP से ठगी। SBI Card की चेतावनी है कि ठग कॉल या मैसेज से OTP लेकर ऑनलाइन खाते में घुसते हैं और आपके नाम पर Encash या बैलेंस ट्रांसफ़र जैसे प्रोडक्ट बुक कर लेते हैं। SBI Card यह भी कहता है कि वह कभी कोई थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल करने को नहीं कहता। "लिमिट बढ़ाने" या "लोन चालू करने" के नाम पर OTP या CVV माँगने वाले कॉल को ठगी मानिए।
- ठगी हो जाए तो तुरंत कार्ड ब्लॉक करवाइए, फिर 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कीजिए।
निष्कर्ष
क्रेडिट कार्ड से पैसा चाहिए तो पहले ऐप में देखिए कि लोन का प्री-अप्रूव्ड ऑफ़र है या नहीं — अप्रैल–जून 2026 में उसकी औसत दरें 12% से 15% के बीच रहीं, जबकि ATM कैश पर 45% सालाना ब्याज और ऊपर से फीस लगती है। लिमिट के अंदर वाला लोन कार्ड को भर देता है, लिमिट से ऊपर वाला नहीं; और EMI कन्वर्ज़न सिर्फ़ खरीद के लिए है। ऑफ़र स्वीकार करने से पहले APR, प्रोसेसिंग फीस, ब्याज पर GST और प्री-क्लोज़र चार्ज, चारों पढ़िए।
अलग-अलग कार्डों की फीस और फ़ायदे क्रेडिट कार्ड तुलना पेज पर देखें। Bajaj Finserv का Insta EMI Card क्रेडिट कार्ड नहीं, अलग प्रोडक्ट है — उसकी लिमिट और फीस बजाज कार्ड पर कितना लोन मिल सकता है में समझाई गई है।