घर पर कितना लोन मिल सकता है: प्रॉपर्टी लोन, होम लोन टॉप-अप और किराये पर लोन का हिसाब

अपने घर को गिरवी रखने पर बैंक आमतौर पर उसके बाज़ार मूल्य का 60% से 75% तक लोन देते हैं, और आख़िरी रकम आपकी आय की EMI सीमा से तय होती है। जानिए लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, होम लोन टॉप-अप और किराये के बदले लोन में कितना मिलता है, किस बैंक की क्या शर्त है और किन ग़लतियों से बचना है।

8 अक्टूबर 2026 12 मिनट का पाठ · जानकारी 8 अक्टूबर 2026 तक जाँची गई

एक नज़र में मुख्य बातें

  • अपने घर पर लोन (लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी या मॉर्गेज लोन) में बैंक आमतौर पर बाज़ार मूल्य का 60% से 75% देते हैं: SBI ₹1 करोड़ तक 65%, HDFC बैंक 65% तक, ICICI बैंक 75% तक।
  • कमर्शियल प्रॉपर्टी पर हिस्सा घटता है: Bank of Baroda आवासीय प्रॉपर्टी पर 25% मार्जिन रखता है, कमर्शियल पर 35% और औद्योगिक पर 50%।
  • प्रॉपर्टी की सीमा के बाद आय की जाँच होती है: SBI सालाना नेट आय के हिसाब से EMI को नेट मासिक आय के 50%, 55% या 60% तक रखता है, और न्यूनतम नेट आय ₹25,000 माँगता है।
  • होम लोन चल रहा हो तो टॉप-अप मिलता है: HDFC बैंक में मूल मंज़ूर रकम या ₹1 करोड़ तक, पर बकाया और टॉप-अप मिलाकर घर की कीमत के 80% (₹75 लाख तक) या 75% के भीतर।
  • किराये पर चल रही प्रॉपर्टी पर SBI Rent Plus में बचे हुए किराये (कटौतियों के बाद) का 75% तक लोन मिलता है, अधिकतम 10 साल के लिए।
  • RBI नियम: फ़्लोटिंग रेट पर व्यक्तिगत (गैर-कारोबारी) लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज नहीं, और लोन चुकने के 30 दिन में मूल काग़ज़ लौटाना ज़रूरी — देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन मुआवज़ा।

घर पर कितना लोन मिल सकता है, इसका छोटा उत्तर यह है: अपने नाम के घर को गिरवी रखकर (लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी या मॉर्गेज लोन) बैंक आमतौर पर उसके बाज़ार मूल्य का 60% से 75% तक देते हैं। SBI ₹1 करोड़ तक के लोन पर 65% और उससे बड़े लोन पर 60%, HDFC बैंक 65% तक, ICICI बैंक 75% तक, और Bank of Baroda आवासीय प्रॉपर्टी पर 75% व कमर्शियल पर 65% तक। यह छत है, वादा नहीं: इसके बाद बैंक आपकी आय से EMI की सीमा निकालता है, और इन दोनों में से छोटी रकम मंज़ूर होती है।

उसी घर पर होम लोन चल रहा हो तो रास्ता टॉप-अप का है, जहाँ पुराना बकाया और नया टॉप-अप मिलाकर घर की कीमत के 75–80% के भीतर रहना होता है; प्रॉपर्टी किराये पर हो तो कुछ बैंक भविष्य के किराये के बदले भी लोन देते हैं।

नया घर ख़रीदने वाले होम लोन की पात्रता वाली गाइड पढ़ें; हर तरह के लोन का हिसाब पात्रता पर हमारी मुख्य गाइड में है। सारे आँकड़े बैंकों और RBI की साइटों से 8 अक्टूबर 2026 को मिलाए गए हैं; EMI की गणना हमने ख़ुद की है।

अपने घर पर पैसा उठाने के तीन रास्ते

रास्ता किसके लिए रकम किस आधार पर
लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP / मॉर्गेज लोन) जिसके नाम पर बिना कर्ज़ वाला घर या दुकान हो प्रॉपर्टी के बाज़ार मूल्य का तय प्रतिशत + आय
होम लोन टॉप-अप जिसका उसी घर पर होम लोन चल रहा हो घर की कीमत, पुराना बकाया और चुकौती का रिकॉर्ड
किराये के बदले लोन (Rent Plus / LARR) जिसकी प्रॉपर्टी किसी कंपनी या बैंक को किराये पर हो बचे हुए किराये की रकम और प्रॉपर्टी का मूल्य

RBI की परिभाषा में यह फ़र्क़ अहम है: हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए घर ख़रीदने, बनाने या मरम्मत के अलावा किसी काम के लिए प्रॉपर्टी गिरवी रखकर दिया गया लोन "नॉन-हाउसिंग" लोन है। RBI की 90/80/75% वाली तालिका व्यक्तिगत होम लोन के लिए है; LAP में बैंक अपनी नीति से प्रतिशत तय करते हैं, जो आमतौर पर कम होता है।

घर के बाज़ार मूल्य का कितना प्रतिशत लोन मिलता है?

बैंकों ने अपनी वेबसाइट पर ये सीमाएँ प्रकाशित की हैं:

बैंक / कंपनी अधिकतम हिस्सा रकम की सीमा अधिकतम अवधि
SBI (Loans Against Property) 65% (लोन ₹1 करोड़ तक), 60% (इससे बड़े लोन) ₹10 लाख से ₹7.5 करोड़ 15 साल
HDFC बैंक बाज़ार मूल्य का 65% तक प्रोफ़ाइल के अनुसार 15 साल
ICICI बैंक बाज़ार मूल्य का 75% तक (प्रॉपर्टी के प्रकार पर निर्भर) प्रोफ़ाइल के अनुसार 15 साल
Bank of Baroda (मॉर्गेज लोन) आवासीय 75%, कमर्शियल 65%, औद्योगिक 50% ₹2 लाख से ₹25 करोड़ (मेट्रो) 180 महीने
Bajaj Housing Finance प्रोफ़ाइल और प्रॉपर्टी के अनुसार ₹5 करोड़ या पात्रता पर अधिक 15 साल

SBI के दो पेज, दो आँकड़े: "Loans Against Property" पेज अधिकतम ₹7.5 करोड़ बताता है, जबकि "Loan Against Mortgage of Immovable Property" पेज ₹5 करोड़, वह भी शहर के हिसाब से — NCR, मुंबई, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद में ₹5 करोड़, दूसरे बड़े केंद्रों में ₹2 करोड़, बाकी शहरों में ₹1 करोड़, और 1 लाख तक आबादी वाली जगहों पर स्कीम नहीं। अपनी शाखा से पूछें कि आप पर कौन-सी सीमा लागू है।

बाज़ार मूल्य बैंक का वैल्यूअर तय करता है, आपका अनुमान नहीं; SBI तीन महीने से पुरानी रिपोर्ट नहीं मानता और ₹1 करोड़ या उससे बड़े लोन पर दो रिपोर्ट लेता है।

आवासीय बनाम कमर्शियल प्रॉपर्टी: फ़र्क़ कितना है?

Bank of Baroda का मॉर्गेज लोन यह फ़र्क़ सबसे साफ़ दिखाता है। उसकी शर्तों में "रियलाइज़ेबल वैल्यू" पर मार्जिन इस तरह है:

प्रॉपर्टी का प्रकार बैंक का मार्जिन ₹1 करोड़ मूल्य पर अधिकतम लोन
आवासीय (मकान/फ़्लैट) 25% ₹75,00,000
कमर्शियल (दुकान, दफ़्तर) 35% ₹65,00,000
औद्योगिक 50% ₹50,00,000
दूसरी ग़ैर-कृषि प्रॉपर्टी (जैसे प्लॉट) 50% ₹50,00,000

जगह भी मायने रखती है: इसी स्कीम में अधिकतम सीमा मेट्रो में ₹25 करोड़, शहरी इलाक़े में ₹10 करोड़, अर्ध-शहरी में ₹5 करोड़ और ग्रामीण इलाक़े में सिर्फ़ ₹25 लाख है।

दूसरे बैंकों के नियम भी अलग हैं। SBI की "Loan Against Mortgage of Immovable Property" स्कीम खुली ज़मीन, कमर्शियल/औद्योगिक प्रॉपर्टी और निर्माणाधीन मकान को गिरवी नहीं लेती, और उसका पैसा कारोबार में नहीं लगाया जा सकता; SBI का दूसरा पेज (Loans Against Property) आवासीय के साथ "चुनिंदा कमर्शियल प्रॉपर्टी" भी स्वीकार करने की बात कहता है। HDFC बैंक और ICICI बैंक आवासीय, कमर्शियल और (ICICI) औद्योगिक प्रॉपर्टी स्वीकार करते हैं, और पैसा निजी या कारोबारी, दोनों कामों में लग सकता है। कारोबार के लिए पैसा चाहिए तो मुद्रा, CGTMSE और कारोबारी लोन की सीमाएँ भी देख लें।

आय की शर्त: घर के मूल्य के बाद EMI की जाँच

प्रॉपर्टी जितनी भी महँगी हो, EMI आय से ही चुकनी है। SBI की प्रकाशित सीमा:

सालाना नेट आय SBI: EMI अधिकतम (नेट मासिक आय का)
₹3 लाख से ₹5 लाख 50%
₹5 लाख से ₹10 लाख 55%
₹10 लाख से ऊपर 60%

SBI न्यूनतम ₹25,000 नेट मासिक आय (₹3 लाख सालाना) माँगता है, और उधारकर्ताओं में जो सबसे उम्रदराज़ है, उसके 70 वर्ष पूरे करने से पहले लोन ख़त्म हो जाना चाहिए। जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता या भाई-बहन सह-उधारकर्ता बनकर आय जुड़वा सकते हैं; संयुक्त प्रॉपर्टी में सभी सह-मालिकों का सह-उधारकर्ता बनना ज़रूरी है।

Bank of Baroda में नेट मासिक आय ₹75,000 तक पर सीमा 50%, ₹75,000 से ₹3 लाख पर 60% और उससे ऊपर 70% है (डॉक्टर और प्रैक्टिसिंग CA के लिए 75–80%); न्यूनतम ₹3 लाख सालाना ग्रॉस आय और तीन साल का काम-काज चाहिए।

उदाहरण 1: ₹80 लाख का घर, ₹70,000 नेट आय

सुनीता का अपना फ़्लैट है जिसकी बाज़ार क़ीमत बैंक ने ₹80 लाख आँकी है। उनकी नेट मासिक आय ₹70,000 (सालाना ₹8.4 लाख) है और कोई चालू EMI नहीं। SBI के नियम और 9.5% ब्याज (उदाहरण; SBI P-LAP की दर 8.95% से 10.50% है) पर हमारा हिसाब:

जाँच हिसाब नतीजा
प्रॉपर्टी की सीमा (₹1 करोड़ तक के लोन पर 65%) ₹80 लाख × 65% ₹52,00,000
आय की सीमा (₹5–10 लाख आय पर 55%) ₹70,000 × 55% ₹38,500 EMI
उस EMI से बनने वाला लोन 9.5%, 15 साल ₹36,86,946
15 साल पर संभावित रकम दोनों में कम करीब ₹36.9 लाख

घर ₹52 लाख की इजाज़त देता है, पर आय ₹36.9 लाख पर रोक देती है — पूरे ₹52 लाख की 15 साल की EMI ₹54,300 बनती, जो आय के 55% से बहुत ऊपर है। पहले से ₹15,000 की कोई EMI होती, तो रकम करीब ₹22.5 लाख ही रहती।

होम लोन टॉप-अप: चल रहे लोन पर कितना और मिलेगा?

RBI की परिभाषा में टॉप-अप वह अतिरिक्त लोन है जो मौजूदा लोन की अवधि में, उसी गिरवी प्रॉपर्टी के भरोसे दिया जाता है; पहले से फ़ाइनेंस किए घर में बदलाव या मरम्मत के लिए बैंक "कुल सीमा के भीतर" अतिरिक्त लोन दे सकते हैं। बैंकों के प्रकाशित नियम:

  • HDFC बैंक: टॉप-अप अधिकतम आपकी मूल मंज़ूर होम लोन रकम या ₹100 लाख, जो कम हो। साथ में बकाया लोन + टॉप-अप मिलाकर घर के बाज़ार मूल्य के 80% (कुल ₹75 लाख तक) या 75% (उससे ऊपर) से ज़्यादा नहीं। आवेदन आख़िरी डिस्बर्समेंट के 12 महीने बाद और घर का कब्ज़ा मिलने पर। अवधि 15 साल तक, उम्र 18–70।
  • Bank of Baroda: टॉप-अप ₹1 लाख से ₹10 करोड़ तक; दोनों लोन जोड़कर वही RBI वाली LTV — कुल ₹30 लाख तक 90%, ₹75 लाख तक 80%, उसके ऊपर 75%। मार्जिन का नियम: मौजूदा होम लोन बकाया का 150% घटाने के बाद घर के बचे मूल्य पर 25%। उम्र और अवधि मिलाकर 70 साल से ज़्यादा नहीं।
  • SBI: YONO पर पहले से चुने गए ग्राहकों के लिए Insta Home Top-up ₹50,000 से ₹8 लाख तक, बिना काग़ज़ के, 8.10% पर और ₹3,000 की फ़्लैट फीस के साथ। SBI के FAQ के अनुसार दूसरे बैंक से होम लोन ट्रांसफ़र कराने के साथ टॉप-अप लेने पर अधिकतम LTV 75% है।

उदाहरण 2: एक ही घर, दो बैंकों का टॉप-अप

विकास के घर का बाज़ार मूल्य ₹60 लाख है। चार साल पहले ₹40 लाख का होम लोन मंज़ूर हुआ था, बकाया ₹28 लाख है, घर का कब्ज़ा मिल चुका है।

जाँच HDFC बैंक का नियम Bank of Baroda (हमारी समझ से)
कुल सीमा ₹60 लाख × 80% = ₹48,00,000 ₹60 लाख × 80% = ₹48,00,000
दूसरी शर्त मूल मंज़ूरी ₹40 लाख या ₹1 करोड़ तक (₹60 लाख − 150% × ₹28 लाख) × 75%
टॉप-अप की गुंजाइश ₹48 लाख − ₹28 लाख = ₹20,00,000 ₹18 लाख × 75% = ₹13,50,000

यानी एक ही घर पर बैंक बदलते ही टॉप-अप ₹6.5 लाख तक ऊपर-नीचे हो सकता है। ₹20 लाख के टॉप-अप पर 9% (उदाहरण; HDFC का फ़ॉर्मूला नए रेपो पर 8.25% से 13.95% बनता है) और 15 साल की EMI ₹20,285 है, कुल ब्याज ₹16,51,360 — और यह पुरानी होम लोन EMI के ऊपर जुड़ेगी।

किराये के बदले लोन: प्रॉपर्टी किराये पर हो तो

SBI Rent Plus उन मालिकों के लिए है जिनकी प्रॉपर्टी MNC, बैंक या बड़ी-मझोली कंपनी को किराये पर है (स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम जैसे किरायेदार नहीं चलेंगे)। रकम इन तीन में सबसे कम होती है:

  1. प्रॉपर्टी के रियलाइज़ेबल मूल्य का 75%;
  2. स्कीम की अधिकतम सीमा — मेट्रो में ₹7.5 करोड़, बाकी जगह ₹5 करोड़ (न्यूनतम ₹50,000);
  3. बची लीज़ अवधि या लोन अवधि (जो कम हो) के कुल किराये में से एडवांस डिपॉज़िट, प्रॉपर्टी टैक्स, TDS और दूसरे बकाया घटाकर बची रकम का 75%।

अवधि अधिकतम 10 साल या बची लीज़, जो कम हो। प्रोसेसिंग फीस 2.02% है, अधिकतम ₹1,01,865।

उदाहरण 3: एक दुकान बैंक को ₹80,000 महीने पर किराये पर है और लीज़ के 72 महीने बचे हैं। कुल किराया ₹57,60,000; मान लीजिए डिपॉज़िट, टैक्स और TDS के ₹9,60,000 घटते हैं, तो बचे ₹48,00,000 का 75% = ₹36,00,000। दुकान के ₹1.5 करोड़ मूल्य का 75% (₹1,12,50,000) इससे बहुत ऊपर है, इसलिए किराया ही सीमा तय करता है: करीब ₹36 लाख, 6 साल के लिए।

HDFC बैंक का Loan Against Rent Receivables कमर्शियल प्रॉपर्टी के मूल्य का 50% तक देता है।

ब्याज दर और फीस: घर पर लोन कितना महँगा है

रेपो में बढ़ोतरी: रिज़र्व बैंक की 5–7 अक्टूबर 2026 की नीति-बैठक के बाद पॉलिसी रेपो 5.50% हो गया है और रुख़ अब "calibrated tightening" है। LAP और टॉप-अप आम तौर पर फ़्लोटिंग होते हैं, तो इनकी दर ऊपर खिसक सकती है। बड़ौदा बैंक का BRLLR 8 अक्टूबर से 8.15% है, जबकि HDFC का टॉप-अप पेज अभी पुराना 5.25% रेपो दिखाता है। तालिका में 8 अक्टूबर को साइटों पर छपी दरें हैं; जहाँ बैंक ने फ़ॉर्मूला छापा है, वहाँ नए रेपो पर हमारी गणना भी।

प्रोडक्ट ब्याज दर (वेबसाइट पर) प्रोसेसिंग फीस
SBI P-LAP 8.95%–10.50% 1.01%, अधिकतम ₹50,933 (फीस पेज)
SBI होम टॉप-अप 7.75%–10.50% कार्ड दर पर 50% छूट (फीस पेज, 1 अक्टूबर 2026)
HDFC बैंक LAP 8.55% से —
HDFC बैंक टॉप-अप पेज पर 8.00%–13.70% (5.25% रेपो पर); 5.50% रेपो पर 8.25%–13.95% —
Bank of Baroda मॉर्गेज लोन पेज पर 8.90%–11.50% (पुराने BRLLR पर); नए BRLLR 8.15% पर 9.15%–11.75% 1%, न्यूनतम ₹8,500, अधिकतम ₹1,50,000
Bank of Baroda टॉप-अप लिंक्ड होम लोन दर + 0.25% + 0.60% 0.35%, न्यूनतम ₹5,000, अधिकतम ₹12,500
Bajaj Housing Finance LAP 9.30% से (स्वरोज़गार) लोन राशि के स्लैब पर

Bank of Baroda की दरें ₹7.5 करोड़ और 120 महीने तक के लोन की हैं; लंबी अवधि पर 0.25% और जुड़ता है। अवधि का असर बड़ा है: ₹30 लाख के LAP पर 8.95% की EMI 15 साल में ₹30,339 और 10 साल में ₹37,922 है, पर कुल ब्याज ₹24,60,989 से घटकर ₹15,50,592 रह जाता है (हमारा हिसाब)।

अपनी रकम पर किस्त EMI कैलकुलेटर से जाँचें। इन दोनों बैंकों के बाकी लोन की सीमाएँ हमारी SBI वाली गाइड और HDFC बैंक वाली गाइड में हैं; NBFC से प्रॉपर्टी लोन का विकल्प बजाज फाइनेंस के लोन विकल्पों वाले लेख में।

अवधि, उम्र और मकान की उम्र

  • ज़्यादातर बैंकों में अधिकतम अवधि 15 साल है; SBI की स्कीम में न्यूनतम 5 साल।
  • SBI में मकान की बची उम्र (इंजीनियर/आर्किटेक्ट के प्रमाणपत्र से) लोन अवधि से कम से कम 5 साल ज़्यादा होनी चाहिए — यानी पुराने मकान पर अवधि छोटी हो सकती है।
  • ICICI में वेतनभोगी 20–65 और स्वरोज़गार 21–70 साल के हों और क्रेडिट स्कोर 700+ हो; Bajaj Housing Finance में लोन ख़त्म होने तक वेतनभोगी की उम्र 58 और स्वरोज़गार की 70 से ज़्यादा न हो।

RBI के नियम जो आपके काम आएँगे

  • प्री-पेमेंट चार्ज नहीं: 1 जनवरी 2026 के बाद मंज़ूर फ़्लोटिंग रेट लोन पर, अगर लोन व्यक्ति को गैर-कारोबारी काम के लिए है, प्री-पेमेंट चार्ज नहीं; कारोबारी काम वाले फ़्लोटिंग लोन पर भी कमर्शियल बैंक (स्मॉल फ़ाइनेंस और ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) यह चार्ज नहीं ले सकते। Bank of Baroda के पेज पर अब भी "12 महीने के भीतर 2%" लिखा है, इसलिए मंज़ूरी पत्र देखें। फ़िक्स्ड रेट वाले हिस्से (जैसे Bajaj Housing Finance के पहले 3 साल) पर लेंडर की नीति चलती है।
  • काग़ज़ 30 दिन में वापस: आख़िरी किस्त के बाद एक महीने के अंदर बैंक को आपकी रजिस्ट्री समेत सारे मूल काग़ज़ सौंपने और गिरवी का दर्ज चार्ज हटवाना है; ढिलाई बैंक की हो तो वह हर दिन के ₹5,000 चुकाएगा। काग़ज़ गुम हों तो डुप्लीकेट का ख़र्च भी बैंक का।
  • KFS और APR: मंज़ूरी से पहले मिलने वाले Key Facts Statement में ब्याज के साथ हर शुल्क जोड़कर निकाली गई सालाना लागत (APR) दर्ज होती है; उसमें न लिखा कोई चार्ज आपकी स्पष्ट मंज़ूरी के बिना वसूला नहीं जा सकता।

आम ग़लतियाँ और धोखाधड़ी के संकेत

  • "बाज़ार मूल्य" को अपना अनुमान मान लेना। बैंक का वैल्यूअर कम आँक सकता है; रकम उसी पर बनेगी।
  • छोटे काम के लिए घर दाँव पर लगाना। चूक पर बैंक प्रॉपर्टी पर कार्रवाई कर सकता है; कुछ लाख की ज़रूरत हो तो गोल्ड लोन कम जोखिम वाला हो सकता है — गहनों पर कितना मिलता है, यह सोने के वज़न के हिसाब से लोन वाले लेख में है।
  • "रजिस्ट्री पर तुरंत लोन, बिना आय प्रमाण" वाले एजेंट। बैंक आय, वैल्यूएशन और कानूनी जाँच के बिना प्रॉपर्टी लोन नहीं देते। मूल रजिस्ट्री सिर्फ़ बैंक शाखा में, रसीद लेकर जमा करें — किसी एजेंट को नहीं।
  • पहले से फीस माँगना। फीस सिर्फ़ बैंक के खाते में जाए। असली हेल्पलाइन नंबरों के लिए हमारा कस्टमर केयर पेज देखें; ऑनलाइन ठगी हो तो राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

निष्कर्ष

घर पर कितना लोन मिलेगा, यह तीन क़दमों में निकलता है: बैंक के वैल्यूअर के आँके मूल्य पर बैंक का प्रतिशत लगाइए (आवासीय पर आमतौर पर 60–75%, कमर्शियल पर कम), फिर अपनी नेट आय पर EMI सीमा लगाइए, और दोनों में जो रकम कम आए, वही असल में मिलेगी। होम लोन पहले से चल रहा हो तो टॉप-अप सस्ता पड़ सकता है, पर बकाया और नई रकम मिलाकर घर के 75–80% की सीमा रहती है। गिरवी आपका घर है, इसलिए उतना ही लीजिए जितनी EMI आराम से निकल सके।

घर पर लोन — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घर पर कितना लोन मिल सकता है?
बैंक घर का मूल्यांकन कराते हैं और उसके बाज़ार मूल्य का एक हिस्सा देते हैं: SBI ₹1 करोड़ तक के लोन पर 65% और उससे ऊपर 60%, HDFC बैंक 65% तक, ICICI बैंक 75% तक। Bank of Baroda आवासीय प्रॉपर्टी पर 75% तक देता है। इसके बाद आपकी आय से EMI की सीमा देखी जाती है और दोनों में से छोटी रकम मंज़ूर होती है।
लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी और होम लोन में क्या फ़र्क़ है?
होम लोन घर ख़रीदने या बनाने के लिए होता है और उस पर RBI की 90/80/75% वाली LTV सीमा लगती है। लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी पहले से अपने नाम के घर को गिरवी रखकर किसी दूसरे काम — पढ़ाई, शादी, इलाज, कारोबार — के लिए लिया जाता है। RBI के नियम में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए ऐसा लोन "नॉन-हाउसिंग" गिना जाता है। इसकी दर भी आमतौर पर होम लोन से ऊँची रहती है।
होम लोन टॉप-अप कितना मिल सकता है?
HDFC बैंक में टॉप-अप आपकी मूल मंज़ूर होम लोन रकम या ₹1 करोड़, जो कम हो, तक मिलता है, बशर्ते बकाया लोन और टॉप-अप मिलाकर घर की कीमत के 80% (कुल ₹75 लाख तक) या 75% (उससे ऊपर) से ज़्यादा न हों। आवेदन आख़िरी डिस्बर्समेंट के 12 महीने बाद और घर का कब्ज़ा मिलने पर होता है। SBI का YONO Insta टॉप-अप ₹50,000 से ₹8 लाख तक है।
कमर्शियल प्रॉपर्टी या दुकान पर कितना लोन मिलता है?
आवासीय से कम। Bank of Baroda के मॉर्गेज लोन में आवासीय प्रॉपर्टी पर 25% मार्जिन है, जबकि कमर्शियल पर 35% और औद्योगिक पर 50% — यानी ₹1 करोड़ की दुकान पर अधिकतम ₹65 लाख। HDFC बैंक किराये वाली कमर्शियल प्रॉपर्टी पर Loan Against Rent Receivables में मूल्य का 50% तक देता है। SBI की "Loan Against Mortgage of Immovable Property" स्कीम कमर्शियल प्रॉपर्टी नहीं लेती।
घर पर लोन के लिए कितनी आय चाहिए?
SBI न्यूनतम ₹25,000 नेट मासिक आय (₹3 लाख सालाना) माँगता है और EMI की छत आय पर टिकी है: ₹3–5 लाख सालाना नेट आय वालों के लिए मासिक नेट आय का आधा, ₹5–10 लाख वालों के लिए 55%, और इससे ज़्यादा कमाने वालों के लिए 60%। Bank of Baroda न्यूनतम ₹3 लाख सालाना ग्रॉस आय और तीन साल का कामकाज माँगता है। परिवार के सदस्यों की आय सह-उधारकर्ता बनाकर जोड़ी जा सकती है।
घर पर लोन कितने साल के लिए मिलता है?
ज़्यादातर बैंक अधिकतम 15 साल देते हैं — SBI, HDFC बैंक, ICICI बैंक और Bank of Baroda (180 महीने) सभी में यही सीमा है। SBI में लोन सबसे बड़े उधारकर्ता के 70 साल का होने से पहले चुकना चाहिए, और इंजीनियर के अनुसार मकान की बची उम्र लोन की अवधि से कम से कम 5 साल ज़्यादा होनी चाहिए। किराये वाले लोन (SBI Rent Plus) में अवधि 10 साल या बची लीज़, जो कम हो।
घर पर लोन की ब्याज दर कितनी है?
8 अक्टूबर 2026 को वेबसाइटों पर: SBI P-LAP 8.95% से 10.50%, SBI होम टॉप-अप 7.75% से 10.50%, HDFC बैंक LAP 8.55% से, Bank of Baroda मॉर्गेज लोन नए BRLLR पर 9.15% से 11.75% (हमारा हिसाब), और Bajaj Housing Finance LAP 9.30% से (स्वरोज़गार)। अक्टूबर 2026 में रेपो बढ़ने के बाद फ़्लोटिंग LAP और टॉप-अप और महँगे हो सकते हैं।
लोन चुकाने के बाद घर के काग़ज़ कब वापस मिलते हैं?
RBI के निर्देश के अनुसार पूरा भुगतान या सेटलमेंट होने के 30 दिन के भीतर बैंक को सारे मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज़ लौटाने और रजिस्ट्री में दर्ज चार्ज हटाने होते हैं। देरी बैंक की वजह से हो तो उसे हर दिन ₹5,000 मुआवज़ा देना होगा। काग़ज़ खो जाएँ तो बैंक को डुप्लीकेट बनवाने में मदद करनी और ख़र्च उठाना होगा।

और पढ़ें

जानकारी कहाँ से ली गई है

इस लेख की हर दर, राशि और शर्त बैंक या सरकार की अपनी आधिकारिक वेबसाइट से 8 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। जहाँ कोई आँकड़ा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, वहाँ हमने अनुमान लगाने के बजाय यही लिखा है कि वह उपलब्ध नहीं है। ब्याज दरें और योजनाएँ बदलती रहती हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

स्रोत

  • https://sbi.bank.in/web/personal-banking/loans/loans-against-property/loans-against-property
  • https://sbi.bank.in/web/personal-banking/loans/loans-against-property/loan-against-mortgage-of-immovable-property
  • https://sbi.bank.in/web/personal-banking/loans/loans-against-property/rent-plus
  • https://sbi.bank.in/web/interest-rates/interest-rates/loan-schemes-interest-rates/home-loans-interest-rates-current
  • https://sbi.bank.in/web/interest-rates/interest-rates/processing-fees
  • https://sbi.bank.in/web/interest-rates/interest-rates/mclr
  • https://homeloans.sbi.bank.in/products/view/insta-home-top-up-loan
  • https://homeloans.sbi.bank.in/faq
  • https://www.hdfc.bank.in/loan-against-property
  • https://homeloans.hdfc.bank.in/housing-loans/top-up-loans
  • https://www.icici.bank.in/personal-banking/loans/home-loan/loan-against-property
  • https://bankofbaroda.bank.in/loans/mortgage-loan/baroda-mortgage-loan
  • https://bankofbaroda.bank.in/loans/home-loan/baroda-top-up-loan
  • https://www.bajajhousingfinance.in/loan-against-property
  • https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=11988&Mode=0
  • https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_ViewREwiseDraftDirections.aspx?id=13
  • https://www.rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=12878&Mode=0
  • https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=12535&Mode=0
  • https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=12663&Mode=0
  • https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=63742
  • https://bankofbaroda.bank.in/interest-rate-and-service-charges/retail-loans-interest-rates
  • https://cybercrime.gov.in/Webform/Crime_NodalGrivanceList.aspx

हिंदी ब्लॉग· लोन पात्रता जाँचें· EMI कैलकुलेटर· गोल्ड लोन· English blog

Disclaimer: BankCreds.com is a loan comparison platform and does not directly lend, disburse, or provide any financial products. We aggregate and display loan offers from RBI-registered banks and NBFCs to help you make an informed decision. All loan applications are processed directly by the respective lender. Interest rates, charges, eligibility, and terms shown are indicative and subject to the lender's final assessment. Please read the lender's terms and conditions carefully before applying.