होम लोन कितना मिल सकता है, यह दो सीमाओं से तय होता है — और दोनों में से जो छोटी हो, वही आपकी रकम है। पहली सीमा RBI की है: ₹30 लाख तक के लोन पर घर की कीमत का अधिकतम 90%, ₹30 लाख से ₹75 लाख तक के लोन पर 80% और ₹75 लाख से ऊपर के लोन पर 75%। दूसरी सीमा आपकी आय तय करती है — जैसे Bank of Baroda सैलरी वालों की सभी कटौतियाँ (नई EMI समेत) आय के 40% से 75% के भीतर रखता है। उदाहरण के तौर पर ₹50,000 की नेट सैलरी, 8.5% ब्याज और 30 साल की अवधि पर आय वाली सीमा करीब ₹42 लाख बैठती है, अगर आप पर कोई दूसरी EMI नहीं है।
आगे का हर नियम RBI या संबंधित बैंक की साइट पर 8 अक्टूबर 2026 को मिलाया गया है, और EMI-पात्रता की गणना हमने ख़ुद की है। पर्सनल, कार या गोल्ड लोन की सीमाएँ भी जाननी हों तो सभी तरह के लोन वाली हमारी मुख्य गाइड देखें।
होम लोन कितना मिल सकता है: दो सीमाएँ, जो कम हो वही आपकी रकम
बैंक आपकी फ़ाइल पर दो अलग सवाल पूछता है:
- घर की कीमत के हिसाब से अधिकतम कितना? इसे LTV (Loan-to-Value) कहते हैं। बची हुई रकम डाउन पेमेंट है, जो आपको अपनी जेब से देनी होती है।
- आपकी आय से कितनी EMI निकल सकती है? इसे FOIR या EMI/NMI अनुपात कहते हैं। यही EMI ब्याज दर और अवधि के साथ मिलकर लोन की रकम बनती है।
Canara Bank यही बात सीधे लिखता है: होम लोन की कोई ऊपरी सीमा नहीं, पात्र रकम आय, चुकाने की क्षमता, वित्तीय प्रोफ़ाइल और प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर है।
घर की कीमत का कितना प्रतिशत होम लोन मिलता है?
RBI ने बैंकों के लिए नीचे की तालिका तय की है (मास्टर सर्कुलर – हाउसिंग फाइनेंस, 1 अप्रैल 2025)। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) के लिए RBI के निर्देशों में भी यही तीन स्तर हैं।
| लोन की रकम | अधिकतम LTV | आपका न्यूनतम हिस्सा |
|---|---|---|
| ₹30 लाख तक | 90% | 10% |
| ₹30 लाख से ₹75 लाख तक | 80% | 20% |
| ₹75 लाख से ऊपर | 75% | 25% |
ध्यान दीजिए, स्तर लोन की रकम से तय होते हैं, घर की कीमत से नहीं। इसलिए कुछ कीमतों पर नतीजा उम्मीद से अलग निकलता है। RBI की तालिका पर हमारा हिसाब:
| घर की कीमत (उदाहरण) | अधिकतम लोन | कम से कम डाउन पेमेंट |
|---|---|---|
| ₹25 लाख | ₹22,50,000 (90%) | ₹2,50,000 |
| ₹40 लाख | ₹32,00,000 (80%) | ₹8,00,000 |
| ₹60 लाख | ₹48,00,000 (80%) | ₹12,00,000 |
| ₹90 लाख | ₹72,00,000 (80%) | ₹18,00,000 |
| ₹1 करोड़ | ₹75,00,000 (75%) | ₹25,00,000 |
| ₹1.2 करोड़ | ₹90,00,000 (75%) | ₹30,00,000 |
₹40 लाख के घर पर 90% यानी ₹36 लाख नहीं मिलेगा, क्योंकि ₹30 लाख से बड़ा लोन 80% वाली श्रेणी में चला जाता है। यह ऊपरी सीमा है — बैंक इससे कम भी दे सकता है। मसलन Canara Bank 10 साल से पुराने मकान या फ़्लैट पर हर रकम के लिए 25% मार्जिन माँगता है, यानी वहाँ अधिकतम 75% ही।
स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का पैसा ख़ुद क्यों लगाना पड़ता है
RBI का निर्देश है कि बैंक घर की लागत में स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दूसरे दस्तावेज़ शुल्क न जोड़ें, ताकि LTV का नियम कमज़ोर न हो। अपवाद: जिस घर की कीमत ₹10 लाख या उससे कम है, उस पर ये शुल्क LTV गिनने के लिए लागत में जोड़े जा सकते हैं।
मतलब ₹60 लाख के फ़्लैट पर ₹12 लाख डाउन पेमेंट के ऊपर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का पैसा अलग से जुटाना है, जिसकी दर हर राज्य में अलग है।
सैलरी के हिसाब से होम लोन कितना मिलेगा?
यहाँ हर बैंक का फ़ॉर्मूला अलग है। तीन बैंकों ने अपना नियम प्रकाशित किया है:
- SBI: FAQ के अनुसार रकम आमतौर पर EMI/NMI अनुपात से तय होती है, जो अलग-अलग आय स्लैब में 20% से 70% तक रहता है। NMI यानी टैक्स और दूसरी कटौतियों के बाद हाथ में आने वाली सैलरी।
- Bank of Baroda: सैलरी वालों के लिए प्रस्तावित EMI समेत कुल कटौतियाँ — ₹25,000 से कम नेट आय पर 40%, ₹25,000 से ₹50,000 पर 60%, ₹50,000 से ₹1 लाख पर 65%, ₹1 से ₹2 लाख पर 70% और ₹2 लाख या उससे ऊपर 75% तक। दूसरे आवेदकों के लिए ₹6 लाख तक की औसत सालाना नेट आय पर 70% और उससे ऊपर 80%।
- Canara Bank: सैलरी वालों को पिछली ग्रॉस मासिक सैलरी का अधिकतम 72 गुना (चुनिंदा मामलों में 96 गुना)। दूसरे आवेदकों को तीन साल की औसत सालाना ग्रॉस आय का 6 गुना, और चुनिंदा मामलों में 8 गुना।
सैलरी के अनुसार होम लोन तालिका
नीचे की तालिका Bank of Baroda की स्लैब पर बनी है। मान लिया गया है कि आप पर कोई और EMI नहीं है और ब्याज दर 8.5% सालाना है (उदाहरण; 8 अक्टूबर 2026 को SBI की वेबसाइट पर होम लोन दर 7.25% से 8.55% और Bank of Baroda की नए BRLLR पर 7.45% से 9.20% थी)।
| नेट मासिक सैलरी | BoB की सीमा | अधिकतम EMI | 20 साल पर लोन | 30 साल पर लोन |
|---|---|---|---|---|
| ₹20,000 | 40% | ₹8,000 | ₹9,21,847 | ₹10,40,429 |
| ₹25,000 | 60% | ₹15,000 | ₹17,28,463 | ₹19,50,805 |
| ₹40,000 | 60% | ₹24,000 | ₹27,65,540 | ₹31,21,287 |
| ₹50,000 | 65% | ₹32,500 | ₹37,45,002 | ₹42,26,743 |
| ₹75,000 | 65% | ₹48,750 | ₹56,17,503 | ₹63,40,115 |
| ₹1,00,000 | 70% | ₹70,000 | ₹80,66,159 | ₹91,03,755 |
| ₹2,00,000 | 75% | ₹1,50,000 | ₹1,72,84,626 | ₹1,95,08,047 |
दो बातें याद रखें। यह सिर्फ़ आय वाली सीमा है; घर की कीमत वाली LTV सीमा इसके साथ अलग से लगेगी। और बैंक की "कुल कटौतियों" में पहले से चल रही हर EMI गिनी जाती है, इसलिए असली आँकड़ा तालिका से कम आ सकता है।
उसी ₹50,000 को Canara के फ़ॉर्मूले पर देखें — अगर यह ग्रॉस सैलरी है तो 72 गुना = ₹36 लाख, और चुनिंदा मामलों में 96 गुना = ₹48 लाख। एक ही आय पर बैंक बदलते ही पात्रता कई लाख ऊपर-नीचे हो जाती है। प्रतिशत वाले इस नियम की पूरी व्याख्या आय के प्रतिशत से लोन निकालने वाले लेख में है।
दो उदाहरण: असली हिसाब कैसे बैठता है
उदाहरण 1: अकेला आवेदक, पहले से कार की EMI
अमित (32 साल) की नेट सैलरी ₹60,000 है और वह ₹8,000 की कार EMI भर रहा है। उसे ₹55 लाख का फ़्लैट पसंद है। ब्याज 8.5% और अवधि 25 साल मानकर:
| जाँच | हिसाब | नतीजा |
|---|---|---|
| आय की सीमा (BoB स्लैब 65%) | ₹60,000 × 65% | ₹39,000 कुल EMI |
| नई EMI की गुंजाइश | ₹39,000 − ₹8,000 | ₹31,000 |
| उस EMI से बनने वाला लोन | 8.5%, 25 साल | ₹38,49,846 |
| LTV सीमा (₹30–75 लाख श्रेणी) | ₹55 लाख × 80% | ₹44,00,000 |
| मंज़ूर हो सकने वाली रकम | दोनों में कम | करीब ₹38.5 लाख |
यहाँ आय वाली सीमा पहले रुकावट बनती है, इसलिए अमित को करीब ₹16.5 लाख डाउन पेमेंट और स्टांप ड्यूटी-रजिस्ट्रेशन जुटाना होगा। आवेदन से पहले कार लोन चुका दे, तो आय वाली सीमा ₹48,43,354 हो जाती है — तब ₹44 लाख की LTV सीमा ही अंतिम रहती है।
उदाहरण 2: पति-पत्नी साथ में, ₹90 लाख का घर
राहुल की नेट सैलरी ₹60,000 और प्रिया की ₹45,000 है; कोई चालू EMI नहीं। SBI के FAQ के अनुसार पति-पत्नी की सैलरी जोड़ी जा सकती है, जब प्रॉपर्टी संयुक्त नाम हो या जीवनसाथी गारंटर बने।
| जाँच | हिसाब | नतीजा |
|---|---|---|
| संयुक्त नेट आय | ₹60,000 + ₹45,000 | ₹1,05,000 |
| आय की सीमा (BoB स्लैब 70%) | ₹1,05,000 × 70% | ₹73,500 EMI |
| उस EMI से बनने वाला लोन | 8.5%, 25 साल | ₹91,27,860 |
| LTV सीमा (लोन ₹75 लाख तक → 80%) | ₹90 लाख × 80% | ₹72,00,000 |
| मंज़ूर हो सकने वाली रकम | दोनों में कम | ₹72 लाख |
₹72 लाख पर 8.5% और 25 साल की EMI करीब ₹57,976 बनती है। अकेले राहुल की आय पर (65% स्लैब, ₹39,000 EMI) आय वाली सीमा करीब ₹48.4 लाख ही रहती।
उम्र और अवधि से होम लोन की रकम कितनी बदलती है?
SBI में आवेदक कम से कम 18 साल का होना चाहिए, लोन 70 साल की उम्र तक चुकाना होता है और अवधि अधिकतम 30 साल है। Canara Bank 30 साल या 75 साल की उम्र — जो पहले आए — तक देता है। यानी उम्र बढ़ने के साथ अवधि घटती है, और उसी EMI पर रकम भी।
₹31,000 की EMI और 8.5% ब्याज (उदाहरण) पर SBI की 70 साल वाली शर्त से हमारा हिसाब:
| आवेदन के समय उम्र | अधिकतम अवधि | लोन की रकम |
|---|---|---|
| 40 साल तक | 30 साल | ₹40,31,663 |
| 45 साल | 25 साल | ₹38,49,846 |
| 50 साल | 20 साल | ₹35,72,156 |
| 55 साल | 15 साल | ₹31,48,040 |
किन ख़र्चों के लिए होम लोन नहीं मिलता?
- स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज़ शुल्क — RBI नियम से घर की लागत में नहीं गिने जाते (₹10 लाख तक के घर का अपवाद छोड़कर)।
- फ़र्नीचर और साज-सज्जा — हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए RBI ऐसे लोन को "हाउसिंग फाइनेंस" नहीं, नॉन-हाउसिंग लोन मानता है। कुछ बैंक अलग से देते हैं: Canara Bank फ़र्नीचर और स्थायी फ़िटिंग के लिए लोन का 25% या ₹50 लाख, जो कम हो।
- मरम्मत और रेनोवेशन की सीमा अलग है: Canara Bank में ₹15 लाख, Union Bank में ₹30 लाख और UCO Bank में ₹50 लाख तक।
बैंक और HFC: ब्याज दर और रकम की शर्तें
ब्याज दरों पर ताज़ा अपडेट: 5–7 अक्टूबर 2026 की बैठक में मौद्रिक नीति समिति ने पॉलिसी रेपो को 5.25% से 5.50% पर पहुँचाया और आगे के लिए "calibrated tightening" का रुख़ चुना। ज़्यादातर फ़्लोटिंग होम लोन इसी रेपो से बँधे हैं, यानी इनकी दर ऊपर जा सकती है। बड़ौदा बैंक अपना रेपो-आधारित BRLLR 8 अक्टूबर से 8.15% कर चुका है, जबकि SBI या HDFC के पेज शायद अभी पुराने रेपो वाली दरें ही दिखा रहे हों।
तालिका की दरें बैंकों की साइट (8 अक्टूबर 2026) या हमारे लेंडर डेटाबेस (सितंबर 2026) से ली गई हैं; ताज़ा दरें हमारे होम लोन ब्याज दर पेज पर।
| लेंडर | ब्याज दर (सालाना) | रकम या आय की प्रकाशित शर्त |
|---|---|---|
| SBI | 7.25%–8.55% | उम्र 18–70, अवधि 30 साल तक |
| Bank of Baroda | 7.45%–9.20% (नए BRLLR 8.15% पर) | मुंबई ₹20 करोड़; दिल्ली NCR, हैदराबाद, बेंगलुरु ₹7.5 करोड़; अर्ध-शहरी व ग्रामीण ₹1 करोड़ |
| Canara Bank | 7.15%–10.00% | कोई ऊपरी सीमा नहीं; सैलरी का 72 गुना |
| HDFC Bank | 7.75%–13.20% | न्यूनतम सैलरी ₹10,000/माह या कारोबारी आय ₹2 लाख/साल |
| ICICI Bank | 8.50%–9.80% | सैलरी वाले 20–65 साल; 700+ क्रेडिट स्कोर आदर्श |
| PNB Housing Finance | 7.50%–10.05% | न्यूनतम आय ₹15,000/माह |
| Bajaj Housing Finance | 7.25%–10.65% | पात्रता के अनुसार ₹15 करोड़ तक; अवधि 32 साल |
| Aadhar Housing Finance | 11.75%–17.00% | ₹75 लाख या प्रॉपर्टी वैल्यू का 80% तक |
सबसे कम दर हर किसी को नहीं मिलती, और छोटा फ़र्क़ भी भारी पड़ता है: ₹40 लाख के 20 साल के लोन पर 7.25% की EMI ₹31,615 और 9.50% की ₹37,285 बनती है — कुल ब्याज में करीब ₹13.6 लाख का अंतर (हमारा हिसाब)।
किसी भी रकम की मासिक किस्त हमारे EMI कैलकुलेटर पर निकालें, या ₹50 लाख के होम लोन की EMI तालिका देखें। पर्सनल, होम और कार लोन पर प्रमुख बैंकों की सीमाएँ बैंकवार तुलना वाले लेख में हैं, और SBI के हर लोन की ऊपरी सीमा SBI वाली गाइड में।
होम लोन की रकम कैसे बढ़ाएँ
- कमाने वाला सह-आवेदक जोड़ें। उदाहरण 2 में यही सबसे बड़ा फ़र्क़ था।
- महिला को सह-आवेदक बनाएँ। SBI महिला मुख्य आवेदक या सह-आवेदक होने पर दर 0.05% कम करता है; Bank of Maharashtra और UCO Bank भी 0.05% की छूट देते हैं।
- छोटी EMI पहले बंद करें। उदाहरण 1 में ₹8,000 की कार EMI ने पात्रता करीब ₹10 लाख घटा दी थी।
- LTV की सीमा-रेखा पहचानें। ₹35 लाख के घर पर 80% से ₹28 लाख बनता है, पर ₹30 लाख का लोन (करीब 86%) 90% वाली श्रेणी में आ जाता है — डाउन पेमेंट ₹7 लाख की जगह ₹5 लाख।
- क्रेडिट स्कोर सुधारें। ICICI 700 या उससे ऊपर के स्कोर को आदर्श बताता है, और SBI गैर-वेतनभोगियों से 825 से कम स्कोर पर 0.10% अतिरिक्त लेता है।
अगर आपके पास पहले से अपना घर है और पैसा किसी दूसरे काम के लिए चाहिए, तो वह अलग प्रोडक्ट है — अपने मौजूदा घर को गिरवी रखकर लोन वाले लेख में लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी और टॉप-अप का हिसाब है।
फीस, चार्ज और प्री-पेमेंट
- SBI: कार्ड दर 0.35% + GST; वेतनभोगियों के लिए न्यूनतम ₹5,000 और अधिकतम ₹15,000, दूसरों के लिए अधिकतम ₹18,000। SBI के फीस पेज (1 अक्टूबर 2026) पर होम लोन और टॉप-अप की कार्ड दर पर 50% छूट लिखी है।
- Bank of Baroda: ₹50 लाख तक 0.50% (न्यूनतम ₹8,500, अधिकतम ₹15,000); उससे ऊपर 0.25% (अधिकतम ₹25,000), GST अलग।
- Canara Bank: 0.50% (न्यूनतम ₹1,500, अधिकतम ₹10,000) + GST; अक्टूबर–दिसंबर 2026 की रिटेल लोन फ़ेस्ट अवधि में यह फीस पूरी तरह माफ़ है।
- HDFC Bank: वेतनभोगी और प्रोफ़ेशनल के लिए 0.50% या ₹4,000, जो ज़्यादा हो; दूसरे स्वरोज़गार वालों के लिए 1.50% या ₹5,000।
- Bajaj Housing Finance: लोन राशि का 4% तक + GST।
प्री-पेमेंट: 1 जनवरी 2026 से लागू RBI निर्देश के तहत किसी व्यक्ति का निजी इस्तेमाल वाला फ़्लोटिंग होम लोन पहले चुकाने पर कोई शुल्क नहीं — रकम का स्रोत कुछ भी हो, कोई लॉक-इन नहीं।
KFS ज़रूर पढ़ें: 1 अक्टूबर 2024 के बाद मंज़ूर हर रिटेल टर्म लोन के साथ बैंक को Key Facts Statement देना होता है। इसमें ब्याज और फीस जोड़कर सालाना असली लागत (APR) छपी होती है, और इस पत्र में न दिखाया गया शुल्क बाद में आपकी स्पष्ट हामी के बिना नहीं जुड़ सकता।
धोखाधड़ी और ग़लत दावों से बचें
- "100% होम लोन" का दावा — RBI की सीमा के रहते यह संभव नहीं; ऐसा कहने वाला कोई दूसरा महँगा लोन जोड़ रहा है या ग़लत बोल रहा है।
- बिल्डर की "EMI हम भरेंगे" योजनाएँ — RBI ने बैंकों को कहा है कि निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में लोन निर्माण के चरणों से जोड़कर दिया जाए, एकमुश्त बिल्डर को नहीं। बिल्डर की देरी से आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ सकता है, क्योंकि लोन आपके नाम है।
- मंज़ूरी से पहले फीस माँगना — प्रोसेसिंग फीस सिर्फ़ बैंक के खाते में और रसीद के साथ दें; किसी एजेंट के निजी UPI पर नहीं।
- सही नंबर पर ही बात करें — बैंकों के असली हेल्पलाइन नंबर कस्टमर केयर पेज पर मिलेंगे, और ऑनलाइन वित्तीय ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज होती है।
निष्कर्ष
होम लोन का कोई एक जवाब नहीं, पर हिसाब का तरीका एक है: पहले घर की कीमत पर RBI की 90/80/75% वाली सीमा लगाइए, फिर अपनी नेट आय पर बैंक की EMI सीमा, और इन दोनों में जो रकम कम निकले, उसे अपनी पात्रता समझिए। उसके ऊपर डाउन पेमेंट, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का पैसा अलग से रखिए। आवेदन से पहले चालू EMI घटाइए, सह-आवेदक जोड़ने पर विचार कीजिए, और मंज़ूरी के समय KFS में लिखी दर, फीस और APR मिलाकर ही हस्ताक्षर कीजिए।