लो क्रेडिट स्कोर पर कौन सा ऐप लोन देता है: पूरी सूची और ब्याज दरें

स्कोर 650 है तो लोन मिल जाएगा, पर दर महँगी मिलेगी — PNB की अपनी तालिका में 800+ वालों को 10.60% और 681 से कम वालों को 13.10% मिलती है। जानिए कौन-से ऐप इस बैंड पर विचार करते हैं।

23 सितंबर 2026 9 मिनट का पाठ · जानकारी 23 सितंबर 2026 तक जाँची गई

एक नज़र में मुख्य बातें

  • CIBIL और CRIF के अनुसार 700 से ऊपर का स्कोर आम तौर पर अच्छा माना जाता है; एक्सपीरियन 750 से ऊपर को बेहतर बताता है। इससे नीचे लोन मिलता तो है, पर दर ऊँची पड़ती है।
  • हमारी तालिका में 650 के स्कोर पर विचार करने वाले प्रोडक्ट: Navi (9.90%–29%), Kissht (14%–30%), LendingPlate (12%–30%), Zype (18%–34%) और Aditya Birla (10%–28%)।
  • स्कोर का असर सीधे दर पर पड़ता है — PNB की प्रकाशित तालिका में सरकारी कर्मचारी को 800+ पर 10.60% और 681 से नीचे 13.10% दर मिलती है।
  • एक साथ कई ऐप में आवेदन मत कीजिए। हर आवेदन रिपोर्ट में दर्ज होता है और लगातार पूछताछ स्कोर घटा देती है।
  • साल में एक बार हर ब्यूरो से नि:शुल्क रिपोर्ट लेने का अधिकार है — आवेदन से पहले यही सबसे सस्ता क़दम है।

स्कोर 640 या 670 होना उतना बुरा नहीं जितना लोग मान लेते हैं। यह "खराब" वाली श्रेणी नहीं है — यह वह बीच की श्रेणी है जहाँ लोन मिल जाता है, पर कीमत चुकानी पड़ती है। और वह कीमत अक्सर लोगों को तब दिखती है जब मंज़ूरी पत्र हाथ में आता है।

यह लेख ख़ास तौर पर उन लोगों के लिए है जिनका स्कोर लगभग 600 से 700 के बीच है। अगर रिपोर्ट में कोई डिफ़ॉल्ट या "सेटल्ड" खाता दर्ज है तो खराब CIBIL वाला लेख ज़्यादा काम का है, और अगर स्कोर बना ही नहीं है तो बिना क्रेडिट स्कोर वाला लेख देखिए।

पहले यह समझिए: "अच्छा स्कोर" कितना होता है

CIBIL और CRIF, दोनों की जानकारी के अनुसार आम तौर पर 700 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। एक्सपीरियन 750 और उससे ऊपर को बेहतर बताता है।

इंटरनेट पर जो चार खानों वाली तालिका हर जगह दिखती है — 300–549 खराब, 550–649 ठीक-ठाक, 650–749 अच्छा, 750–900 उत्कृष्ट — उसे कोई ब्यूरो आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं करता। इसलिए हम वह तालिका नहीं दे रहे। व्यावहारिक रूप से इतना जान लेना काफ़ी है: 700 पार करते ही दरें साफ़ बेहतर होने लगती हैं।

स्कोर का असर दर पर: एक असली उदाहरण

सबसे साफ़ सबूत PNB की अपनी प्रकाशित तालिका है, जो RLLR 8.10% (1 जुलाई 2026 से प्रभावी) पर आधारित है:

स्कोर सरकारी कर्मचारी के लिए दर
800 और उससे ऊपर 10.60%
681 से कम 13.10%

ढाई प्रतिशत का यह अंतर छोटा लगता है, पर ₹5 लाख के पाँच साल के कर्ज़ पर यह हज़ारों रुपये का फ़र्क़ बनाता है। ऐप-आधारित ऋणदाताओं में यह अंतर और बड़ा होता है, जहाँ ऊपरी दरें 34% या उससे ऊपर तक जाती हैं।

600–700 के बैंड पर कौन-से ऐप विचार करते हैं

हमारी अपनी लेंडर तालिका से, न्यूनतम स्कोर शर्त के साथ:

ऐप / ऋणदाता न्यूनतम स्कोर ब्याज दर रकम अवधि
MoneyView 600 14% – 24% ₹5,000 – ₹10 लाख 3 – 60 माह
Ram Fincorp 600 15% – 35% ₹5,000 – ₹2 लाख 3 – 12 माह
Navi 650 9.90% – 29% ₹10,000 – ₹20 लाख 3 – 72 माह
Aditya Birla पर्सनल लोन 650 10% – 28% ₹50,000 – ₹55 लाख 12 – 84 माह
LendingPlate 650 12% – 30% ₹10,000 – ₹2.5 लाख 3 – 15 माह
Kissht 650 14% – 30% ₹30,000 – ₹5 लाख 3 – 60 माह
Zype 650 18% – 34% ₹3,000 – ₹5 लाख 6 – 36 माह
Stashfin 650 11.99% – 59.99% ₹1,000 – ₹5 लाख 3 – 36 माह
Unity SFB 675 16% – 30% ₹1 लाख – ₹5 लाख 6 – 36 माह
Nira 681 24% – 36% ₹5,000 – ₹1 लाख 3 – 12 माह
Bajaj Finserv 685 ₹40,000 – ₹55 लाख 12 – 96 माह
DMI Finance 700 13.99% – 24.90% ₹50,000 – ₹10 लाख 6 – 48 माह

तालिका पढ़ने का तरीका: न्यूनतम स्कोर का मतलब यह नहीं कि उसी स्कोर पर सबसे नीची दर मिल जाएगी। 650 पर Navi विचार कर सकता है, पर 9.90% वाली दर उन्हीं को मिलती है जिनका प्रोफ़ाइल मज़बूत है। कम स्कोर वालों को आम तौर पर बैंड का ऊपरी सिरा मिलता है।

हर ऐप का विस्तृत विश्लेषण — शुल्क, शिकायत प्रक्रिया और उपयोगकर्ताओं की राय — हमारे लोन ऐप रिव्यू सेक्शन में है।

आवेदन से पहले तीन काम

  1. नि:शुल्क रिपोर्ट लीजिए। RBI के नियम के अनुसार हर क्रेडिट सूचना कंपनी से साल में एक बार पूरी रिपोर्ट, स्कोर सहित, मुफ़्त मिलती है। चार ब्यूरो हैं, यानी चार मुफ़्त रिपोर्ट तक।
  2. गलती दिखे तो पहले सुधरवाइए। विवाद का निपटारा 30 दिन में होना चाहिए और देर होने पर ₹100 प्रतिदिन मुआवज़ा देय है। कभी-कभी चुकाया हुआ खाता "चालू" दिखने भर से स्कोर दबा रहता है।
  3. एक ही जगह आवेदन कीजिए। हर आवेदन पर पूछताछ दर्ज होती है। दस ऐप में एक साथ आवेदन करने से मंज़ूरी की संभावना बढ़ती नहीं, घटती है।

दर घटाने के व्यावहारिक तरीक़े

स्कोर 650 है और पैसा तुरंत नहीं चाहिए, तो कुछ महीने रुककर आप बेहतर दर पा सकते हैं:

  • क्रेडिट कार्ड का उपयोग घटाइए। CRIF की सलाह है कि सीमा का 30–35% तक ही इस्तेमाल हो। बिल चुकाने का दिन नहीं, बल्कि बैंक की स्टेटमेंट तारीख़ मायने रखती है — उससे पहले बकाया घटा दीजिए।
  • हर EMI समय पर। भुगतान इतिहास सबसे भारी कारक है, और एक चूक कई महीनों की मेहनत पर भारी पड़ती है।
  • पुराने कार्ड बंद मत कीजिए। लंबा इतिहास स्कोर के पक्ष में जाता है।
  • छोटा सुरक्षित कर्ज़ लेकर चुकाइए — जैसे FD पर लोन। इससे अच्छा भुगतान रिकॉर्ड बनता है।
  • सह-आवेदक पर विचार कीजिए। अच्छे स्कोर वाला सह-आवेदक दर सुधार सकता है, पर ज़िम्मेदारी उस पर भी आती है।

सस्ता विकल्प, जो अक्सर छूट जाता है

650 के स्कोर पर 25% वाला पर्सनल लोन लेने से पहले यह देख लीजिए कि घर में गहने या FD है या नहीं। हमारी तालिका में गोल्ड लोन की दरें यूनियन बैंक 8.65%, PNB 8.75% और SBI 8.75% से शुरू होती हैं, और इनमें स्कोर की शर्त प्रायः नहीं होती।

अंतर समझिए: ₹2 लाख के तीन साल के कर्ज़ पर 9% और 25% की दर के बीच ब्याज का फ़र्क़ लाख रुपये के क़रीब बैठता है। अपनी रकम पर हिसाब EMI कैलकुलेटर से लगाइए, और गोल्ड लोन की तुलना यहाँ देखिए।

इन दावों से सावधान रहिए

कम स्कोर वाले लोगों को निशाना बनाकर कई तरह के झाँसे चलते हैं:

  • "स्कोर ठीक करवा देंगे, इतने पैसे दीजिए।" कोई भी एजेंसी आपके रिपोर्ट की सही जानकारी नहीं हटवा सकती। जो हट सकती है वह सिर्फ़ गलत जानकारी है, और उसके लिए विवाद दर्ज करना नि:शुल्क है।
  • "बिना CIBIL चेक, रिपोर्ट में नहीं दिखेगा।" RBI के डिजिटल लेंडिंग निर्देश, 2025 के तहत ऐप से दिया गया हर लोन ब्यूरो को रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
  • लोन से पहले फीस। असली ऋणदाता शुल्क रकम से काटता है, पहले UPI पर नहीं मँगवाता।
  • दिन के हिसाब से ब्याज। "सिर्फ़ 0.1% रोज़" का मतलब सालाना 36% से ऊपर होता है।

ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए।

मंज़ूरी की संभावना बढ़ाने के तरीक़े

स्कोर वही रहते हुए भी कुछ बातें आपके पक्ष में जाती हैं, क्योंकि ऋणदाता सिर्फ़ स्कोर नहीं देखता:

  • नौकरी की स्थिरता। एक ही नियोक्ता के साथ लंबा समय मंज़ूरी की संभावना बढ़ाता है। कुछ महीनों में नौकरी बदली हो तो कुछ समय रुक जाना बेहतर है।
  • वेतन खाते वाला बैंक। जिस बैंक में वेतन आता है, वहाँ आपका लेनदेन इतिहास दिखता है — इसलिए वहाँ शर्तें अक्सर नरम मिलती हैं।
  • छोटी रकम माँगिए। ₹5 लाख के बजाय ₹1 लाख की माँग पर मंज़ूरी आसान होती है, और चुकाने पर अगली बार सीमा बढ़ जाती है।
  • मौजूदा कर्ज़ घटाइए। चालू EMI जितनी कम होंगी, नई EMI के लिए गुंजाइश उतनी ज़्यादा।
  • दस्तावेज़ पूरे रखिए। वेतन पर्ची, बैंक स्टेटमेंट और पते का प्रमाण तैयार हो तो प्रक्रिया अटकती नहीं।

मंज़ूरी पत्र में यह ज़रूर देखिए

कम स्कोर पर मिलने वाले प्रस्ताव में शर्तें अक्सर सख़्त होती हैं, इसलिए हस्ताक्षर से पहले चार चीज़ें जाँचिए:

  1. APR, सिर्फ़ ब्याज दर नहीं। RBI के नियमों के तहत मुख्य तथ्य विवरण में सभी शुल्क मिलाकर APR लिखा होना चाहिए — और जो शुल्क वहाँ नहीं लिखा, वह बाद में वसूला नहीं जा सकता।
  2. प्रोसेसिंग फीस रुपये में। प्रतिशत सुनने में छोटा लगता है; रुपये में देखने पर असली असर दिखता है।
  3. फोरक्लोज़र की शर्त। समय से पहले चुकाने पर कितना शुल्क लगेगा और कब से छूट मिलेगी।
  4. दंड शुल्क। देर से भुगतान पर एकमुश्त शुल्क लगना चाहिए, ब्याज पर ब्याज नहीं।

ऐप में दिखने वाला "तुरंत मंज़ूर" वाला आँकड़ा अंतिम नहीं होता — मान्य वही है जो मंज़ूरी पत्र और KFS में लिखा है।

जिन बातों पर कम स्कोर वाले सबसे ज़्यादा ठगे जाते हैं

कम स्कोर वाले लोगों को निशाना बनाने वाले प्रस्ताव लगभग एक जैसे दिखते हैं: "गारंटीड अप्रूवल", "स्कोर की चिंता नहीं", "सिर्फ़ आधार से लोन"। इनमें से कोई भी वाक्य अपने आप में अवैध नहीं है, पर इनके साथ जब डिस्बर्सल से पहले फीस माँगी जाए, ऋणदाता का नाम न बताया जाए, या ऐप प्ले स्टोर पर न मिले, तब मामला साफ़ है। ऐसे में आवेदन रोक दीजिए और ज़रूरत हो तो 1930 पर शिकायत कीजिए।

स्कोर 700 पार करने पर कितना बचता है

मान लीजिए ₹3 लाख का कर्ज़ तीन साल के लिए है (हमारी गणना, शुल्क अलग):

दर मासिक EMI कुल ब्याज
13% (कम स्कोर पर आम) ₹10,108 ₹63,895
11% (स्कोर सुधरने पर) ₹9,822 ₹53,578

दो प्रतिशत के अंतर से तीन साल में लगभग ₹10,000 बचते हैं — और बड़ी रकम या लंबी अवधि पर यह बचत और बढ़ती है। इसलिए अगर ज़रूरत कुछ महीने टल सकती है, तो स्कोर सुधारकर आवेदन करना सीधा मुनाफ़ा है।

निष्कर्ष

600 से 700 के बीच का स्कोर दरवाज़ा बंद नहीं करता — वह सिर्फ़ क़ीमत बढ़ा देता है। इसलिए दो ही काम मायने रखते हैं: आवेदन से पहले रिपोर्ट देखकर गलतियाँ सुधारना, और महँगे असुरक्षित कर्ज़ से पहले ज़मानत वाले सस्ते विकल्प देखना।

और अगर ज़रूरत टल सकती है, तो तीन-चार महीने अनुशासन में चलाकर स्कोर 700 के पार ले जाइए। उसके बाद वही कर्ज़ काफ़ी सस्ता मिलेगा।

लो क्रेडिट स्कोर पर लोन — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

650 के क्रेडिट स्कोर पर कौन-से ऐप लोन देते हैं?
हमारी लेंडर तालिका के अनुसार 650 की न्यूनतम शर्त वाले प्रोडक्ट में Navi (9.90%–29% सालाना), Kissht (14%–30%), LendingPlate (12%–30%), Zype (18%–34%), Stashfin (11.99%–59.99%) और Aditya Birla पर्सनल लोन (10%–28%) शामिल हैं। MoneyView और Ram Fincorp की शर्त 600 से शुरू होती है।
कितना स्कोर "अच्छा" माना जाता है?
CIBIL और CRIF, दोनों के अनुसार आम तौर पर 700 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि एक्सपीरियन 750 और उससे ऊपर को बेहतर बताता है। इंटरनेट पर जो चार-खाने वाली तालिका (300–549 खराब, 550–649 ठीक-ठाक आदि) घूमती है, उसे कोई ब्यूरो आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं करता, इसलिए हमने वह यहाँ नहीं दी।
कम स्कोर पर ब्याज कितना ज़्यादा लगता है?
PNB की प्रकाशित तालिका इसका सबसे साफ़ उदाहरण है: सरकारी कर्मचारी को 800+ स्कोर पर 10.60% और 681 से कम स्कोर पर 13.10% दर मिलती है — यानी ढाई प्रतिशत का सीधा अंतर। ऐप-आधारित ऋणदाताओं में यह अंतर और बड़ा होता है, जहाँ दरें 34% या उससे ऊपर तक जाती हैं।
क्या एक साथ कई ऐप में आवेदन करना चाहिए?
नहीं। हर आवेदन पर ऋणदाता आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखता है और वह पूछताछ रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है। कम समय में कई पूछताछ स्कोर को और नीचे ले जाती हैं, जिससे अगली बार दर और महँगी मिलती है। एक बार में एक ही जगह आवेदन कीजिए।
कम स्कोर पर सबसे सस्ता विकल्प क्या है?
ज़मानत वाला कर्ज़। गोल्ड लोन की दरें हमारी तालिका में 8.65% से शुरू होती हैं और उसमें स्कोर की शर्त प्रायः नहीं होती; FD पर लोन जमा दर से लगभग 1% ऊपर पड़ता है। 25% वाले पर्सनल लोन के मुक़ाबले यह अंतर बहुत बड़ा है।
स्कोर सुधारने के लिए क्या करें?
ब्यूरो की अपनी सलाह के अनुसार: हर भुगतान समय पर कीजिए, क्रेडिट सीमा का सीमित उपयोग कीजिए (CRIF के अनुसार 30–35% तक), कम समय में कई नए खाते न खोलिए, पुराना खाता चालू रखिए और सुरक्षित व असुरक्षित कर्ज़ का संतुलन रखिए। "इतने दिन में इतने अंक" जैसा कोई आधिकारिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।
क्या कम स्कोर पर सह-आवेदक जोड़ने से फ़ायदा होता है?
कई ऋणदाता सह-आवेदक या गारंटर स्वीकार करते हैं, और अच्छे स्कोर वाले सह-आवेदक से मंज़ूरी की संभावना तथा दर, दोनों बेहतर हो सकती हैं। पर याद रखिए कि चूक होने पर ज़िम्मेदारी और स्कोर पर असर, दोनों सह-आवेदक पर भी पड़ता है।

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जानकारी कहाँ से ली गई है

इस लेख की हर दर, राशि और शर्त बैंक या सरकार की अपनी आधिकारिक वेबसाइट से 23 सितंबर 2026 को जाँची गई है। जहाँ कोई आँकड़ा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, वहाँ हमने अनुमान लगाने के बजाय यही लिखा है कि वह उपलब्ध नहीं है। ब्याज दरें और योजनाएँ बदलती रहती हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

स्रोत

  • https://www.rbi.org.in/
  • https://bankcreds.com/reviews/
  • https://bankcreds.com/gold-loan/

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