गोल्ड लोन ब्याज दर आज – भारत में प्रति ग्राम गोल्ड लोन रेट
अपडेट: 2026-10-25
आज 24k का अनुमानित संदर्भ भाव ₹14163 प्रति ग्राम है। इस हिसाब से
22 कैरेट पर प्रति ग्राम गोल्ड लोन छोटे लोन (85% LTV) पर ₹11,027 तक
और 75% की सीमा पर ₹9,730 तक बनता है। नीचे शुद्धता के हिसाब से
प्रति ग्राम टेबल, लाइव गोल्ड लोन कैलकुलेटर और 18 लेंडर की ब्याज दरों की तुलना है। साथ में 30 दिन का रुझान, उसका
विश्लेषण, और 1 से 100 ग्राम तक की टेबल भी है। सब आंकड़े अनुमानित हैं — असली रकम शाखा की जाँच और आपके Key Fact
Statement से तय होती है।
सिर्फ तुलना के लिए अनुमानित आंकड़े। BankCreds लेंडर नहीं है — बैंक या NBFC की मौजूदा दर-सूची और आपका Key Fact Statement ही मान्य आंकड़े हैं।
आज का प्रति ग्राम गोल्ड लोन रेट
आज प्रति ग्राम गोल्ड लोन हर जगह एक ही फ़ॉर्मूले से तय होता है: बाज़ार का संदर्भ भाव, फिर शुद्धता की कटौती, फिर RBI की LTV सीमा। 2026-10-25 के 24k संदर्भ भाव ₹14163/ग्राम पर, 22 कैरेट गहनों के एक ग्राम की लोन योग्य कीमत ₹12,973 बनती है। नियम इसका ₹2.5 लाख से कम के लोन पर 85% तक, ₹5 लाख तक 80%, और उससे ऊपर 75% तक देने देता है। इसीलिए "प्रति ग्राम" रेट शुद्धता के साथ-साथ लोन की रकम से भी बदलता है। नीचे की टेबल कोई बढ़ा-चढ़ा आंकड़ा नहीं, पूरी ईमानदार रेंज दिखाती है। लेंडर की स्कीम इन सीमाओं से कम दे सकती है, ज़्यादा कोई नहीं दे सकता।
शुद्धता के हिसाब से प्रति ग्राम लोन
| शुद्धता | कीमत/ग्राम | अधिकतम/ग्राम (85%) | 75% पर |
|---|---|---|---|
| 24k | ₹14,163 | ₹12,039 | ₹10,622 |
| 22k | ₹12,973 | ₹11,027 | ₹9,730 |
| 20k | ₹11,798 | ₹10,028 | ₹8,848 |
| 18k | ₹10,622 | ₹9,029 | ₹7,967 |
85% सीमा ₹2.5 लाख तक के लोन पर; 80% ₹5 लाख तक; उससे ऊपर 75% (RBI के 2026 के स्तर)।
30 दिन का भाव रुझान (24k ₹/ग्राम)
₹1 लाख के गोल्ड लोन के लिए कितना सोना चाहिए?
आज के भाव पर ₹1 लाख के लोन के लिए लगभग 9.1 ग्राम 22 कैरेट गहने चाहिए। 24k सिक्के और बार हों, तो 8.3 ग्राम काफ़ी हैं। हिसाब सीधा है। आज के 1 ग्राम गोल्ड लोन रेट पर, 22k के हर ग्राम की आंकी गई कीमत ₹12,973 है। ₹2.5 लाख से कम के लोन पर 85% LTV स्तर इस पर ₹11,027 तक लोन देता है। ₹1,00,000 को इस प्रति ग्राम रकम से भाग दें, तो ज़रूरी ग्राम निकल आते हैं। यही हिसाब उल्टा चलाएँ, तो "1 ग्राम सोने पर कितना लोन मिलता है" का जवाब मिलता है। आज साफ़ 22k का एक ग्राम ₹11,027 तक का लोन दिलाता है।
इसी तरह आगे बढ़ें: 10 ग्राम सोने (22k) पर लोन लगभग ₹1,10,271 तक पहुँचता है, और बीस ग्राम पर लगभग ₹2,20,541। 1 से 100 ग्राम तक की पूरी टेबल नीचे है। शाखा जाने से पहले दो काम की बातें। पहली, 22 कैरेट का प्रति ग्राम आंकड़ा नेट वज़न पर लगता है — जाँच में नग, लाह और टांका घटा दिए जाते हैं। दूसरी, कम से कम ज़रूरत से 15–20% ज़्यादा वज़न गिरवी रखें। इससे आपका LTV सीमा से आराम से नीचे रहता है, और भाव की आम गिरावट पर टॉप-अप के फ़ोन नहीं आते।
साथ में दिया गोल्ड लोन कैलकुलेटर किसी भी रकम का हिसाब कर देता है। ज़रूरी रकम डालें, और यह आपकी शुद्धता पर ज़रूरी ग्राम बता देगा। इसमें आज का ₹14163/ग्राम भाव और सही RBI स्तर लगता है। अगर आपके पास पहले से सोना है, तो हमारे गोल्ड लोन पात्रता कैलकुलेटर में अपने ग्राम से शुरू करें। किस्त का हिसाब गोल्ड लोन EMI कैलकुलेटर लगाता है, चाहे गिरवी से जितना भी लोन मिले।
गोल्ड लोन कैलकुलेटर: आपकी रकम के लिए कितना सोना चाहिए
अनुमानित आंकड़े, 2026-10-25 के ₹14,163/ग्राम (24k) संदर्भ भाव पर। RBI की LTV सीमा: ₹2.5 लाख तक 85%, ₹5 लाख तक 80%, उससे ऊपर 75%। लेंडर की स्कीम इससे कम दे सकती है; नग और टांके का वज़न नहीं गिना जाता।
इसमें आज का संदर्भ भाव और RBI का LTV स्तर लगता है (₹2.5 लाख तक 85%, ₹5 लाख तक 80%, उससे ऊपर 75%)। असली रकम शाखा में नेट वज़न और शुद्धता की जाँच से तय होती है।
कितना लोन मिलेगा? 1 से 100 ग्राम सोने पर गोल्ड लोन
यह टेबल 22 कैरेट गहनों के वज़न को आज के अनुमानित अधिकतम लोन में बदलती है। हर वज़न पर सही RBI LTV स्तर लगाया गया है। इसीलिए ₹2.5 लाख (85% → 80%) और ₹5 लाख (80% → 75%) पार होते ही लोन का प्रतिशत चुपचाप घट जाता है। आंकड़े साफ़, बिना नग वाले 22k सोने और आज के ₹14163/ग्राम 24k भाव पर हैं। 24k सिक्कों पर प्रति ग्राम लगभग 9% ज़्यादा, और 18k गहनों पर लगभग 18% कम मिलता है।
| सोना (22k) | आंकी गई कीमत | LTV स्तर | अनुमानित अधिकतम लोन |
|---|---|---|---|
| 1 ग्राम | ₹12,973 | 85% | ₹11,027 |
| 2 ग्राम | ₹25,946 | 85% | ₹22,054 |
| 5 ग्राम | ₹64,865 | 85% | ₹55,135 |
| 8 ग्राम | ₹1,03,784 | 85% | ₹88,216 |
| 10 ग्राम | ₹1,29,730 | 85% | ₹1,10,271 |
| 15 ग्राम | ₹1,94,595 | 85% | ₹1,65,406 |
| 20 ग्राम | ₹2,59,460 | 85% | ₹2,20,541 |
| 25 ग्राम | ₹3,24,325 | 80% | ₹2,59,460 |
| 30 ग्राम | ₹3,89,190 | 80% | ₹3,11,352 |
| 40 ग्राम | ₹5,18,920 | 80% | ₹4,15,136 |
| 50 ग्राम | ₹6,48,650 | 80% | ₹5,18,920 |
| 60 ग्राम | ₹7,78,380 | 75% | ₹5,83,785 |
| 80 ग्राम | ₹10,37,840 | 75% | ₹7,78,380 |
| 100 ग्राम | ₹12,97,300 | 75% | ₹9,72,975 |
2026-10-25 के संदर्भ भाव पर अनुमानित अधिकतम सीमा — लेंडर की स्कीम इससे कम दे सकती है; शाखा की रकम नेट वज़न और जाँची गई शुद्धता से तय होती है। बैंक आमतौर पर एक व्यक्ति के सिक्के 50 ग्राम तक ही लेते हैं।
गोल्ड लोन ब्याज दर आज: 18 लेंडर की तुलना
प्रति ग्राम सीमा नियम से तय है और हर जगह एक जैसी है। लेंडर असल में ब्याज दर पर मुकाबला करते हैं — और फ़र्क बहुत बड़ा है। आज की अनुमानित दरें PSU बैंकों में 8.65% से लेकर NBFC की सुविधा वाली स्कीमों में 27% तक हैं। ₹1 लाख के लोन पर इसका मतलब है, एक जैसे सोने पर हर महीने ₹721 या ₹2,250 ब्याज। हर लेंडर के आगे उसकी पूरी गाइड, रेट स्लैब और प्रति ग्राम पेज का लिंक है।
| लेंडर | ब्याज दर | अनुमानित लोन सीमा | प्रोसेसिंग फीस | अवधि | पेज |
|---|---|---|---|---|---|
| Union Bank | 8.65%–9.9% सालाना | ₹10,000 – ₹30 लाख | 0.5% तक + मूल्यांकन शुल्क | रिटेल लोन 12 महीने तक; कृषि लोन इससे लंबे | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| SBI | 8.75%–9.6% सालाना | ₹20,000 – ₹50 लाख | 0.25–0.5% (कम से कम ₹250; ऑफ़र में माफ़) | 36 महीने तक (स्कीम के हिसाब से) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| PNB | 8.75%–9.25% सालाना | ₹25,000 – ₹25 लाख | 0.30% + मूल्यांकन शुल्क | 12 महीने तक (रिन्यू हो सकता है) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Indian Bank | 8.8%–9.5% सालाना | ₹25,000 – ₹35 लाख | 0.3–0.5% + अप्रेज़र फीस | 12 महीने तक; 35 महीने वाले EMI विकल्प भी | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Federal Bank | 8.99%–13% सालाना | ₹5,000 – ₹1.5 करोड़ | स्कीम के अनुसार शून्य–0.5% | आम तौर पर 6–12 महीने (रिन्यू करा सकते हैं) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Bank of Baroda | 9%–9.4% सालाना | ₹25,000 – ₹50 लाख | 0.25–0.5% + अप्रेज़र (सोना जाँचने वाले) चार्ज | 36 महीने तक | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Canara Bank | 9%–9.25% सालाना | ₹10,000 – ₹35 लाख | स्कीम के अनुसार शून्य से 0.5% + अप्रेज़र फीस | 12 महीने तक (रिन्यू करा सकते हैं); खेती वाले लोन में ज़्यादा | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Kotak Mahindra Bank | 9%–24% सालाना | ₹20,000 – ₹50 लाख | 2% तक | 48 महीने तक (लोन के ढांचे पर निर्भर) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| South Indian Bank | 9%–10.5% सालाना | ₹10,000 – ₹50 लाख | मामूली + अप्रेज़र फीस | 12 महीने तक (रिन्यू हो सकता है) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| ICICI Bank | 9.25%–18% सालाना | ₹50,000 – ₹1 करोड़ (चुनिंदा ब्रांचों में) | 1% तक + वैल्यूएशन चार्ज | 6–12 महीने (रिन्यू करा सकते हैं) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Karur Vysya Bank | 9.25%–11% सालाना | ₹10,000 – ₹50 लाख | मामूली, स्कीम के हिसाब से | 12 महीने तक (रिन्यू करा सकते हैं) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| HDFC Bank | 9.3%–17.9% सालाना | ₹25,000 – ₹1 करोड़+ (सबसे बड़ी रकम बैंक से रिश्ते पर निर्भर) | 1% तक (कम से कम ₹500) | 3–42 महीने | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Axis Bank | 9.5%–17% सालाना | ₹25,001 – ₹40 लाख | 0.5–1% + वैल्यूएशन फीस | 3–36 महीने | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Bajaj Finance | 9.5%–26% सालाना | ₹5,000 – ₹2 करोड़ (कंपनी के अनुसार) | कैंपेन में शून्य से मामूली तक | 12 महीने तक (रिन्यू करा सकते हैं) | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| CSB Bank | 9.7%–13% सालाना | ₹10,000 – ₹75 लाख | स्कीम के अनुसार, मामूली | 3–12 महीने | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Manappuram Finance | 9.9%–26% सालाना | ₹1,000 – ₹1.5 करोड़ (कंपनी की घोषित क्षमता) | स्कीम के हिसाब से शून्य से मामूली | आमतौर पर 3–12 महीने; कम अवधि वाली स्कीमें | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| Muthoot Finance | 10.9%–26% सालाना | ₹1,500 – कोई घोषित ऊपरी सीमा नहीं (₹1 करोड़+ के लोन भी होते हैं) | शून्य से मामूली; स्कीम के हिसाब से तय | स्कीम के हिसाब से 7 दिन से 36 महीने | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
| IIFL Finance | 11%–27% सालाना | ₹3,000 – ₹50 लाख+ | स्कीम के हिसाब से; डोरस्टेप सर्विस का ख़र्च क़ीमत में शामिल | 3–24 महीने | गाइड · ब्याज दर · प्रति ग्राम |
दरें और चार्ज अनुमानित हैं, सार्वजनिक दर-सूचियों से जुटाए गए हैं; मंज़ूरी के समय मिला Key Fact Statement ही मान्य है। BankCreds लोन नहीं देता।
टेबल को कर्जदार की नज़र से पढ़ें: सबसे कम दरें सावधान स्कीमों की होती हैं — कम LTV, छोटी अवधि, और अक्सर बैंक के अपने ग्राहक। सबसे ऊँची दरें अधिकतम लोन वाली सुविधा स्कीमों की होती हैं। PSU बैंक (Union Bank और बाकी) लागत में सबसे सस्ते हैं, पर बैंक की रफ़्तार से चलते हैं। गोल्ड-बेल्ट के प्राइवेट बैंक लगभग PSU जैसी दर पर, उसी दिन काम कर देते हैं। NBFC बीस मिनट में सोने को नकद में बदल देती हैं, पर ऊँची दर पर। एक साल से लंबे लोन में दर का फ़र्क हज़ारों रुपये बन जाता है। एक हफ़्ते की छोटी ज़रूरत में रफ़्तार चुनना समझदारी हो सकती है।
मोलभाव, जो सच में काम करता है: गोल्ड लोन की दर स्कीम से तय होती है। इसलिए छूट माँगने की बजाय काउंटर पर कम LTV वाली स्कीम माँगें। पूरी सीमा की बजाय कीमत का 60–65% लेने पर उसी लेंडर से अक्सर साफ़ बेहतर दर मिलती है। गिरवी को दूसरे लेंडर पर ले जाना भी आम है — लोन चुकाएँ, गहने छुड़ाएँ और उसी दिन दोबारा गिरवी रखें। इसलिए लोन लेने के बाद भी ऊपर की टेबल काम की है। मौजूदा लेंडर से कई प्रतिशत का फ़र्क हो, तो बदलना फ़ायदेमंद है; मामूली फ़र्क हो, तो नहीं।
आज गोल्ड लोन रेट क्यों बदला?
आज का संदर्भ भाव कल के मुकाबले ₹14163/ग्राम पर स्थिर रहा, और प्रति ग्राम लोन भी उसी के साथ बदला। 24k भाव में हर ₹1 के बदलाव से, 85% स्तर पर 22k का लोन लगभग ₹0.78 बदलता है। पिछले एक महीने में संदर्भ भाव ₹1,048/ग्राम (-6.9%) घटा है — ₹15211 से ₹14163। इस दौरान 30 दिन की रेंज ₹14163–₹15211 रही। नरम महीने में गिरवी पर मिलने वाली रकम थोड़ी घटती है। वही गहने चार हफ़्ते पहले से थोड़ा कम लोन दिलाते हैं। जो कर्जदार LTV सीमा के करीब हैं, वे अपना बफ़र देखते रहें — हमारा नीलामी जोखिम कैलकुलेटर ठीक यही जाँचता है।
यह आंकड़ा असल में चार चीज़ों से बदलता है। पहली, अंतरराष्ट्रीय सोने का भाव। डॉलर में सोना अमेरिकी ब्याज दरों, महंगाई के आंकड़ों और भू-राजनीतिक जोखिम पर चलता है — यही सबसे बड़ा कारण है। दूसरी, रुपया। रुपया कमज़ोर हो, तो वही डॉलर वाला सोना भारत में महँगा पड़ता है। इसलिए दुनिया में भाव स्थिर रहने पर भी रुपये में सोना चढ़ सकता है। तीसरी, इंपोर्ट ड्यूटी और स्थानीय टैक्स। ड्यूटी बदलते ही पूरे भारतीय बाज़ार का भाव रातों-रात बदल जाता है। चौथी, देश में मांग के मौसम। त्योहार और शादी के महीनों में असली सोने पर प्रीमियम बढ़ जाता है। लेंडर की दर-सूची यह सब संदर्भ भाव के ज़रिए समेट लेती है। ज़्यादातर लेंडर RBI के दिशा-निर्देश के मुताबिक 30 दिन का औसत लगाते हैं। इसीलिए प्रति ग्राम रेट बाज़ार की अचानक तेज़ी या गिरावट से, दोनों तरफ़, पीछे चलता है।
कर्जदार के लिए इसका सीधा मतलब: भाव बढ़ने पर आपके सोने पर ज़्यादा लोन मिलता है, और मौजूदा गिरवी का सुरक्षा मार्जिन बढ़ता है। भाव गिरने पर यह बफ़र सिकुड़ता है। इसीलिए यह पेज और इस साइट की हर गाइड अधिकतम सीमा से 15–20% कम लोन लेने की सलाह देती है। ब्याज दरें बिल्कुल अलग घड़ी पर चलती हैं। वे लेंडर की पैसे की लागत और रेपो दर के चक्र से बदलती हैं, सोने के रोज़ के भाव से नहीं। इसीलिए ऊपर की दर वाली टेबल कम बदलती है, जबकि प्रति ग्राम आंकड़े रोज़ बदलते हैं।
आज के रेट से हाथ में नकद तक: गोल्ड लोन कैसे लें
प्रति ग्राम टेबल उम्मीद तय करती है; असली रकम शाखा में तय होती है। जाँचकर्ता हर गहने को तौलता है और शुद्धता जाँचता है। हॉलमार्क वाला 22k सबसे जल्दी जँचता है; पुराने गहने कसौटी या XRF जाँच से गुज़रते हैं। फिर नग और टांका घटाकर, नेट सोने के वज़न को लेंडर की रोज़ की दर-सूची और स्कीम के LTV से गुणा किया जाता है। उसी दिन पैसा मिलना आम है — NBFC काउंटर पर मिनटों में, बैंकों में घंटों में। न आय का सबूत चाहिए, न CIBIL की कोई न्यूनतम सीमा, क्योंकि गहने ही ज़मानत हैं। फिर भी यह लोन क्रेडिट ब्यूरो में दर्ज होता है। इसलिए समय पर चुकाने से आपकी क्रेडिट फ़ाइल चुपचाप बेहतर बनती है।
ब्याज के अलावा खर्च छोटे हैं, पर असली हैं: जाँच शुल्क, थोड़ी प्रोसेसिंग फीस (लेंडर टेबल देखें), स्टांप ड्यूटी, और रिन्यू कराने पर रिन्यूअल फीस। ये सब मंज़ूरी से पहले अनिवार्य Key Fact Statement में बताए जाते हैं, और पैसा मिलने से पहले कभी नहीं लिए जाते। कुल खर्च पर चुकाने के तरीके का असर ज़्यादातर दरों के फ़र्क से भी बड़ा होता है। EMI स्कीम में कुल ब्याज सबसे कम लगता है। सिर्फ ब्याज भरने वाली स्कीम में बकाया जस का तस रहता है। पूरी बुलेट स्कीम में ब्याज आपके खिलाफ़ जुड़ता जाता है और LTV की गुंजाइश खाता जाता है। हमारा चुकाने के तरीकों की तुलना वाला कैलकुलेटर तीनों को साथ-साथ दिखाता है। नीलामी जोखिम कैलकुलेटर बताता है कि हर तरीके में भाव गिरने का कितना सहारा बचता है।
और सुरक्षा की बात, एक बार, सीधे शब्दों में। रेगुलेटेड लेंडर गिरवी को बीमा वाले, दोहरी निगरानी (ड्युअल कस्टडी) वाले पैकेट में रखते हैं। भाव गिरने पर पहले टॉप-अप की बात होती है, ज़ब्ती नहीं। नीलामी से पहले नोटिस, चुकाने का मौका और रिज़र्व प्राइस वाली सार्वजनिक बिक्री ज़रूरी है, और बची रकम आपको लौटाई जाती है। हर गहने का वज़न और शुद्धता लिखी गिरवी रसीद ही आपका दावा है। गहनों की फ़ोटो लें, रसीद जाँचें और छुड़ाते समय सील देखें। ऐसे संभालें, तो गोल्ड लोन वही है जो आज के आंकड़े बताते हैं: ज़्यादातर भारतीय परिवारों के लिए सबसे तेज़ और सबसे सस्ता ज़मानत वाला कर्ज।
गोल्ड लोन ब्याज दर आज — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज गोल्ड लोन का रेट क्या है?
आज प्रति ग्राम गोल्ड लोन रेट क्या है?
1 ग्राम सोने पर कितना लोन मिलता है?
10 ग्राम 22 कैरेट सोने पर कितना लोन मिलता है?
आज 22 कैरेट सोने पर गोल्ड लोन रेट क्या है?
कौन सा बैंक प्रति ग्राम सबसे ज़्यादा गोल्ड लोन देता है?
किस बैंक में गोल्ड लोन की ब्याज दर सबसे कम है?
क्या गोल्ड लोन की रकम रोज़ बदलती है?
क्या सोने का भाव और प्रति ग्राम गोल्ड लोन एक ही है?
प्रति ग्राम गोल्ड लोन का हिसाब कैसे होता है?
₹1 लाख के गोल्ड लोन के लिए कितना सोना चाहिए?
क्या सोने की शुद्धता से गोल्ड लोन की रकम बदलती है?
सोने की तुलना दूसरे कर्ज से कर रहे हैं?
वे पर्सनल लोन ऑफ़र देखें, जिनके लिए आप सच में पात्र हैं — सॉफ़्ट चेक, दो मिनट।