एलआईसी पॉलिसी पर कितना लोन मिल सकता है: सरेंडर वैल्यू का कितना प्रतिशत, किस प्लान पर और किस ब्याज पर

LIC पॉलिसी पर लोन सरेंडर वैल्यू के भीतर मिलता है — पुरानी पॉलिसी पर 90% तक, जबकि 2024 के नए प्लान वर्ज़न में 50% से 80% तक। जानिए आपके प्लान पर कितना बनेगा, 9.5% ब्याज असल में कितना पड़ता है, और कस्टमर पोर्टल से ऑनलाइन लोन कैसे माँगें।

8 अक्टूबर 2026 13 मिनट का पाठ · जानकारी 8 अक्टूबर 2026 तक जाँची गई

एक नज़र में मुख्य बातें

  • LIC पॉलिसी पर लोन बीमा राशि पर नहीं, सरेंडर वैल्यू पर मिलता है। LIC की वेबसाइट का सामान्य नियम 90% (पेड-अप पॉलिसी पर 85%) है, बोनस की कैश वैल्यू समेत।
  • 2024 में आए नए प्लान वर्ज़न (जैसे न्यू जीवन आनंद 715, जीवन लाभ 736) में सीमा 50% से 80% है — दो साल का पूरा प्रीमियम भरने से पहले 50%, उसके बाद 75% या 80%।
  • LIC के 2026 के प्लान डॉक्यूमेंट 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 के बीच मंज़ूर लोन पर 9.5% सालाना ब्याज (छमाही चक्रवृद्धि) बताते हैं। पुरानी पॉलिसी पर दर प्लान के हिसाब से अलग हो सकती है।
  • टर्म प्लान (जैसे न्यू टेक-टर्म) और यूलिप पर लोन नहीं मिलता। IRDAI ने यूनिट-लिंक्ड प्रोडक्ट में लोन की अनुमति ही नहीं दी है।
  • ऑनलाइन लोन अनुरोध सिर्फ़ प्रीमियर सर्विस में रजिस्टर्ड ग्राहक कर सकते हैं; अनुरोध के बाद दस्तावेज़ नज़दीकी शाखा में जमा होते हैं और पैसा NEFT से खाते में आता है।
  • ब्याज न भरने पर बकाया चक्रवृद्धि से बढ़ता है; सरेंडर वैल्यू से आगे निकलते ही LIC पॉलिसी बंद (foreclose) कर सकता है, और बकाया क्लेम की रकम से कटता है।

एलआईसी पॉलिसी पर लोन आमतौर पर सरेंडर वैल्यू का 90% तक मिलता है — यह LIC की अपनी वेबसाइट पर लिखा सामान्य नियम है, जिसमें पेड-अप पॉलिसी के लिए सीमा 85% है और बोनस की कैश वैल्यू भी गिनी जाती है। लेकिन 2024 में आए नए प्लान वर्ज़न (जैसे न्यू जीवन आनंद 715 और जीवन लाभ 736) में यह सीमा 50% से 80% है, और यह इस पर टिकी है कि आपने दो साल का पूरा प्रीमियम भरा है या नहीं। 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 के बीच मंज़ूर लोन पर LIC के नए प्लान डॉक्यूमेंट 9.5% सालाना (छमाही चक्रवृद्धि) ब्याज बताते हैं।

तो असली सवाल यह है कि आपकी पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू कितनी है और आपके प्लान की शर्त कितना प्रतिशत देती है। licindia.in और LIC के पॉलिसी डॉक्यूमेंट से हर नियम हमने 8 अक्टूबर 2026 को मिलाया है। पर्सनल, होम, गोल्ड या कार — हर लोन की सीमा किन पैमानों पर बनती है, यह हमारी लोन की सीमा वाली मुख्य गाइड बताती है।

एलआईसी पॉलिसी पर कितना लोन मिल सकता है: तीन चीज़ें तय करती हैं

  1. सरेंडर वैल्यू — आज पॉलिसी बंद करने पर LIC जितनी रकम लौटाएगा। लोन इसी के भीतर मिलता है, बीमा राशि (sum assured) के हिसाब से नहीं।
  2. आपका प्लान और उसका वर्ज़न — हर प्लान के पॉलिसी डॉक्यूमेंट में लोन का प्रतिशत अलग लिखा है। LIC के शब्दों में, लोन "Conditions and Privileges printed on the back of the Policy Bond" के अनुसार दिया जाता है, और पॉलिसी में ही लिखा होता है कि उस पर लोन सुविधा है या नहीं।
  3. पॉलिसी की स्थिति — चालू (in-force) पॉलिसी पर ज़्यादा प्रतिशत, पेड-अप (प्रीमियम बंद) पॉलिसी पर कम।

नए प्लानों में सरेंडर वैल्यू, Guaranteed Surrender Value (GSV) और Special Surrender Value (SSV) में से जो बड़ी हो, वही होती है। GSV भरे गए प्रीमियम (एक्स्ट्रा प्रीमियम, राइडर और टैक्स घटाकर) पर एक तय फ़ैक्टर लगाकर निकलती है, इसलिए शुरुआती सालों में सरेंडर वैल्यू — और लोन — भरे गए प्रीमियम से काफ़ी कम रहता है।

पुरानी और नई पॉलिसी में बड़ा फ़र्क़

LIC ने 2024 में अपने कई प्लान नए वर्ज़न में बदले, जिनके UIN के आख़िर में V03 है। पुराने वर्ज़न अब LIC की "withdrawn plans" सूची में हैं, पर जिनके पास वे पॉलिसी हैं, उन पर उन्हीं की शर्तें चलती हैं।

पुराना वर्ज़न (जैसे जीवन आनंद 915, जीवन लाभ 936) नया वर्ज़न (जैसे न्यू जीवन आनंद 715, जीवन लाभ 736)
लोन कब से कम से कम दो साल का पूरा प्रीमियम भरने के बाद पहला पॉलिसी वर्ष पूरा होने और एक साल का पूरा प्रीमियम भरने पर
चालू पॉलिसी सरेंडर वैल्यू का 90% तक 2 साल से पहले 50%; बाद में 75% या 80%
पेड-अप पॉलिसी सरेंडर वैल्यू का 80% तक 2 साल से पहले 40%; बाद में 65% से 75%
ब्याज दर "IRDAI द्वारा स्वीकृत तरीके" से, लोन के समय तय हर 1 मई–30 अप्रैल अवधि के लिए घोषित; 2026-27 के लिए 9.5%

एक विरोधाभास जो जानना ज़रूरी है: LIC की "Policy Conditions" पेज पेड-अप पॉलिसी पर 85% लिखता है, जबकि जीवन आनंद 915 और जीवन लाभ 936 के अपने पॉलिसी डॉक्यूमेंट 80% बताते हैं। ऐसे में आपकी पॉलिसी बॉन्ड की शर्त ही लागू होगी — इसलिए आवेदन से पहले शाखा या कस्टमर ज़ोन से लोन कोटेशन लें।

अपना वर्ज़न पहचानना आसान है: पॉलिसी बॉन्ड पर प्लान नंबर और UIN देखिए। जैसे न्यू जीवन आनंद का पुराना वर्ज़न प्लान 915 (UIN 512N279V02) है और मौजूदा वर्ज़न प्लान 715 (UIN 512N279V03)।

किस LIC प्लान पर कितना लोन: मौजूदा प्लानों की तालिका

ये सीमाएँ licindia.in पर उपलब्ध मौजूदा पॉलिसी डॉक्यूमेंट और ब्रोशर से हैं, सरेंडर वैल्यू के प्रतिशत में:

प्लान (नंबर) लोन कब से चालू पॉलिसी: 2 साल का प्रीमियम भरने से पहले / बाद पेड-अप पॉलिसी: पहले / बाद
न्यू एंडोमेंट (714) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 75% 40% / 65%
न्यू जीवन आनंद (715) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 75% 40% / 65%
जीवन लाभ (736) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 80% 40% / 70%
जीवन उमंग (745) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 75% (प्रीमियम अवधि में) 40% / 65%
बीमा लक्ष्मी (881) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 75% 40% / 65%
न्यू बीमा ज्योति (890) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 80% 40% / 75%
न्यू मनी बैक (20 साल) पहला वर्ष पूरा होने पर 50% / 75% 40% / 65%

कुछ प्लानों का ढाँचा अलग है:

  • सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट (717): पॉलिसी के 3 महीने या फ़्री-लुक अवधि, जो बाद में ख़त्म हो, उसके बाद लोन। पहले से पाँचवें साल तक सरेंडर वैल्यू का 50%, छठे से नौवें साल तक 60%, और दसवें साल से 80%।
  • जीवन उत्सव: नियमित आय (Regular Income Benefit) शुरू होने वाले वर्ष से पहले चालू पॉलिसी पर 75% और पेड-अप पर 50% तक।
  • न्यू जीवन शांति (758) जैसे पेंशन प्लान: लोन उतना ही मिलता है जिसका सालाना ब्याज आपकी सालाना पेंशन के 50% से ज़्यादा न हो, और किसी हाल में 80% सरेंडर वैल्यू से ऊपर नहीं।
  • टर्म प्लान (जैसे न्यू टेक-टर्म 954): पॉलिसी डॉक्यूमेंट में साफ़ लिखा है — "No loan will be available under this policy"।
  • यूलिप (जैसे न्यू पेंशन प्लस 867): इस प्लान में भी लोन सुविधा नहीं है।

IRDAI के 12 जून 2024 के मास्टर सर्कुलर के अनुसार सरेंडर वैल्यू देने वाले हर नॉन-लिंक्ड सेविंग प्रोडक्ट में पॉलिसी लोन की सुविधा होनी चाहिए, जबकि यूनिट-लिंक्ड प्रोडक्ट में लोन की अनुमति नहीं है।

एलआईसी से कितना लोन मिल सकता है: तीन उदाहरण

इन उदाहरणों में सरेंडर वैल्यू मानी हुई है — आपकी असली रकम पॉलिसी, अवधि और भरे गए प्रीमियम पर निर्भर करेगी। गणना हमारी अपनी है।

उदाहरण 1 — पुरानी जीवन आनंद (915) पॉलिसी। मान लीजिए बोनस समेत सरेंडर वैल्यू ₹2,50,000 है और पॉलिसी चालू है। 90% की सीमा पर लोन ₹2,25,000 तक बन सकता है। अगर प्रीमियम बंद हो चुका है और पॉलिसी पेड-अप है, तो पॉलिसी डॉक्यूमेंट के 80% पर ₹2,00,000 बनेगा (LIC की सामान्य शर्त 85% मानें तो ₹2,12,500)।

उदाहरण 2 — नई जीवन लाभ (736) पॉलिसी। एक साल का प्रीमियम भरने के बाद मान लीजिए सरेंडर वैल्यू ₹40,000 है — 50% पर लोन ₹20,000। तीन साल बाद सरेंडर वैल्यू ₹1,20,000 हो जाए, तो 80% पर लोन ₹96,000। इतनी ही सरेंडर वैल्यू पर न्यू जीवन आनंद (715) में 75% के हिसाब से ₹90,000 मिलता।

उदाहरण 3 — ब्याज असल में कितना पड़ता है। ₹90,000 का लोन, 9.5% सालाना छमाही चक्रवृद्धि पर:

स्थिति गणना रकम
हर छमाही का ब्याज ₹90,000 × 4.75% ₹4,275
समय पर भरें तो साल भर का ब्याज ₹4,275 × 2 ₹8,550
3 साल ब्याज न भरें तो कुल बकाया ₹90,000 × (1.0475)^6 लगभग ₹1,18,896
3.5 साल ब्याज न भरें तो कुल बकाया ₹90,000 × (1.0475)^7 लगभग ₹1,24,543

आख़िरी पंक्ति पर ध्यान दीजिए। अगर सरेंडर वैल्यू ₹1,20,000 के आसपास ही रहे (हमने आसानी के लिए इसे स्थिर माना है), तो साढ़े तीन साल में बकाया उससे आगे निकल जाता है। ठीक इसी स्थिति में LIC पॉलिसी foreclose कर सकता है।

2026 में LIC पॉलिसी लोन पर कितना ब्याज लगता है

LIC के 2026 में जारी पॉलिसी डॉक्यूमेंट — जैसे न्यू बीमा ज्योति और बीमा प्लैटिनम — में लिखा है कि 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 के बीच मंज़ूर लोन पर 9.5% सालाना, छमाही चक्रवृद्धि लगेगा, और यही दर पूरे लोन काल के लिए रहेगी। 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी डॉक्यूमेंट में भी 9.5% ही लिखा था।

दर से जुड़ी बाक़ी बातें:

  • ऊपरी सीमा: नए प्लानों में दर 10 साल के G-Sec यील्ड + 3% या LIC के संबंधित फ़ंड की यील्ड + 1%, जो ज़्यादा हो, उससे ऊपर नहीं जा सकती।
  • दर प्लान-विशेष है: LIC के अनुसार पॉलिसी लोन की दर हर साल घोषित होती है और हर प्लान की अलग होती है। पुरानी पॉलिसी पर मंज़ूरी के समय लिखी दर ही मानें।
  • 9.5% असल में 9.73% के क़रीब: छमाही चक्रवृद्धि में अगर पहली छमाही का ब्याज न भरें, तो साल भर का असर (1.0475)² − 1, यानी लगभग 9.73% होता है।
  • ब्याज कब देना है: पहली किस्त अगली पॉलिसी वर्षगाँठ पर या उससे छह महीने पहले की तारीख़ पर — जो लोन के बाद पहले आए — फिर हर छह महीने।
  • कम से कम छह महीने का ब्याज: LIC के अनुसार लोन की न्यूनतम अवधि छह महीने है। ₹1,00,000 का लोन दो महीने में लौटा दें, तब भी 9.5% पर छह महीने का ₹4,750 ब्याज बनेगा।

ऑनलाइन लोन कैसे लें: कस्टमर पोर्टल के क़दम

LIC की "Policy Loan Options" पेज पर ऑनलाइन लोन अनुरोध के आगे लिखा है: "Through Customer Portal (For Premier Service Registered Customers Only)"। यानी सिर्फ़ पोर्टल का लॉग-इन काफ़ी नहीं, प्रीमियर सर्विस रजिस्ट्रेशन भी चाहिए।

  1. कस्टमर पोर्टल पर रजिस्टर करें — licindia.in पर Customer Portal → New User। पॉलिसी नंबर, किस्त प्रीमियम (पॉलिसी बॉन्ड में छपा), जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ई-मेल चाहिए।
  2. पॉलिसी जोड़ें — "Add Policy" से अपनी और नाबालिग बच्चों की सभी पॉलिसी।
  3. प्रीमियर सर्विस के लिए आवेदन करें — फ़ॉर्म भरकर प्रिंट करें, हस्ताक्षर करें, और उसकी तथा PAN या पासपोर्ट की स्कैन कॉपी (अधिकतम 100 KB) अपलोड करें। LIC के FAQ के अनुसार कस्टमर ज़ोन 3 कार्यदिवस में सत्यापन करता है।
  4. "Online Loan" सर्विस रिक्वेस्ट डालें — LIC के अनुसार अनुरोध दर्ज होने के बाद लोन के दस्तावेज़ "any nearby LIC Branch Office" में जमा किए जा सकते हैं।
  5. NEFT रजिस्टर रखें — LIC पॉलिसी का भुगतान सीधे बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करता है। इसके लिए NEFT मैंडेट फ़ॉर्म के साथ कैंसल्ड चेक या पासबुक के पन्ने की कॉपी देनी होती है।

पोर्टल के "Loan status" विकल्प में दिखता है कि पॉलिसी पर कुल कितना लोन बकाया है और ब्याज किस तारीख़ तक भरा जा चुका है।

शाखा में किन काग़ज़ों की ज़रूरत पड़ती है

LIC की वेबसाइट तीन ज़रूरतें बताती है: लोन की शर्तों के एंडोर्समेंट के साथ आवेदन, पॉलिसी का LIC के पक्ष में पूर्ण असाइनमेंट, और लोन राशि की रसीद। "Download Forms" पेज पर इनके फ़ॉर्म हैं — 5205 (आवेदन), 5200 (रसीद) और 5198 (असाइनमेंट); आवेदन फ़ॉर्म के अनुसार असाइन की गई मूल पॉलिसी साथ लगती है। इन ज़रूरतों में आय प्रमाण या क्रेडिट स्कोर का ज़िक्र नहीं है — ज़मानत पॉलिसी ख़ुद है।

लोन कैसे चुकाएँ, और न चुकाएँ तो क्या होता है

  • ऑनलाइन भुगतान: कस्टमर पोर्टल के "Online Payments" टैब से, या बिना लॉग-इन "Pay Direct" से। लोन और लोन का ब्याज सिर्फ़ UPI, नेट बैंकिंग और डेबिट कार्ड से भरा जा सकता है — क्रेडिट कार्ड से नहीं।
  • एक दिन में दो भुगतान नहीं: LIC चेतावनी देता है कि एक ही दिन दो बार लोन चुकाने का प्रयास ब्याज की ग़लत गणना या दोहरी एंट्री करा सकता है।
  • EMI नहीं, छमाही ब्याज: हमने जो पॉलिसी डॉक्यूमेंट पढ़े, उनमें मासिक किस्त का कोई प्रावधान नहीं है — ब्याज हर छह महीने देना होता है। पर LIC 3 महीने का नोटिस देकर पूरा लोन ब्याज सहित वापस माँग सकता है।
  • foreclosure: बकाया लोन और ब्याज सरेंडर वैल्यू से ज़्यादा होते ही LIC पॉलिसी बंद कर सकता है; तब सिर्फ़ दोनों का अंतर मिलता है।
  • क्लेम से कटौती: मैच्योरिटी, सरेंडर या मृत्यु पर बकाया ब्याज सहित पॉलिसी की रकम से कटता है।

LIC लोन बनाम पर्सनल लोन

LIC पॉलिसी लोन बैंक/NBFC पर्सनल लोन
रकम का आधार पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू आय, मौजूदा EMI और क्रेडिट स्कोर
भुगतान छमाही ब्याज; मूलधन बाद में या क्लेम से हर महीने तय EMI
ज़मानत पॉलिसी LIC के नाम असाइन आमतौर पर कोई नहीं
सबसे बड़ा जोखिम पॉलिसी foreclose होना, क्लेम घटना चूक पर क्रेडिट स्कोर ख़राब होना

सरेंडर वैल्यू ज़रूरत से कम पड़े, तो सैलरी के आधार पर बनने वाली रकम पर्सनल लोन के हिसाब से और बड़े बैंकों की प्रकाशित सीमाएँ बैंकों की तुलना से समझें। सोना हो तो सोने के वज़न से लोन का हिसाब और गोल्ड लोन पेज, कार्डधारक हों तो कार्ड पर लोन और कैश-एडवांस की सीमा, और अपना मकान हो तो मकान गिरवी रखकर मिलने वाला लोन देखें। किस्त पहले EMI कैलकुलेटर पर जाँच लें।

एक भ्रम भी: LIC Housing Finance का होम लोन पॉलिसी लोन नहीं है — वह घर ख़रीदने का अलग लोन है, जिसकी दरें LIC होम लोन ब्याज दर पेज पर हैं।

पाँच आम ग़लतियाँ

  1. बीमा राशि देखकर उम्मीद लगाना। ₹10 लाख की बीमा राशि का मतलब ₹10 लाख का लोन नहीं; आधार सरेंडर वैल्यू है।
  2. छमाही ब्याज भूल जाना। बिना भरा ब्याज मूलधन में जुड़ता है और अगली छमाही उस पर भी ब्याज लगता है।
  3. कुछ हफ़्तों के लिए लोन लेना। छह महीने का न्यूनतम ब्याज तो देना ही होगा।
  4. परिवार को न बताना। क्लेम के समय बकाया कटेगा; नॉमिनी को यह पता होना चाहिए।
  5. लोन के बाद प्रीमियम बंद करना। पेड-अप होते ही सीमा का प्रतिशत घटता है और बकाया सरेंडर वैल्यू के क़रीब पहुँच जाता है।

धोखाधड़ी से बचाव

LIC की "Spurious Calls" सूचना में साफ़ लिखा है कि LIC फ़ोन पर बोनस की जानकारी नहीं देता और कभी पॉलिसी बंद करने को प्रोत्साहित नहीं करता। उसी सूचना के निर्देश:

  • अनजान कॉल पर पॉलिसी का विवरण न बताएँ, और "अतिरिक्त बोनस" या बढ़े हुए लाभ के वादों में न आएँ।
  • अगर कोई पॉलिसी सरेंडर करके "ज़्यादा फ़ायदा" दिलाने को कहे, तो उस कॉल को नज़रअंदाज़ करें।
  • संदिग्ध कॉल की शिकायत spuriouscalls@licindia.com पर करें और अपने थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराएँ।

हमारी सलाह: लोन का अनुरोध सिर्फ़ licindia.in के कस्टमर पोर्टल या अपनी शाखा से करें। हमने जो लोन शर्तें पढ़ीं, उनमें ब्याज के अलावा कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं लिखी — "लोन जल्दी पास कराने" के नाम पर किसी को UPI पर पैसे न भेजें। मदद: LIC कॉल सेंटर 022-6827 6827 (24×7), या "LICHELP" लिखकर 92224 92224 पर SMS।

ज़्यादा लोन पाने के तरीके

  1. दो साल का प्रीमियम पूरा होने दें — नए प्लानों में चालू पॉलिसी की सीमा 50% से 75% या 80% हो जाती है।
  2. पॉलिसी चालू रखें — पेड-अप होने पर वही सरेंडर वैल्यू 5 से 10 प्रतिशत अंक कम लोन देती है।
  3. हर पॉलिसी का कोटेशन अलग लें — लोन हर पॉलिसी की अपनी सरेंडर वैल्यू के भीतर तय होता है।
  4. पुराना बकाया पहले चुकाएँ — चालू लोन उसी सरेंडर वैल्यू में जगह घेरता है।

निष्कर्ष

एलआईसी पॉलिसी लोन में न आय प्रमाण की शर्त है, न मासिक EMI — पर सीमा सरेंडर वैल्यू है, बीमा राशि नहीं: पुरानी पॉलिसी पर 90% तक, 2024 के नए प्लानों में 50% से 80%, और 2026-27 में नए प्लानों पर 9.5% छमाही चक्रवृद्धि ब्याज। आवेदन से पहले प्लान नंबर और UIN देखें, लोन कोटेशन लें, और तय करें कि हर छह महीने का ब्याज समय पर भर पाएँगे — वरना यही लोन आपकी बीमा सुरक्षा छीन सकता है।

एलआईसी पॉलिसी लोन — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एलआईसी पॉलिसी पर कितना लोन मिल सकता है?
LIC की "Policy Conditions" पेज के अनुसार अधिकतम लोन सरेंडर वैल्यू का 90% है, और पेड-अप पॉलिसी पर 85%, बोनस की कैश वैल्यू समेत। पर यह सामान्य नियम है। 2024 के नए प्लान वर्ज़न में दो साल का पूरा प्रीमियम भरने से पहले 50% और बाद में 75% या 80% मिलता है। आपकी पॉलिसी बॉन्ड में छपी शर्त ही अंतिम है, इसलिए शाखा से लोन कोटेशन लेकर पुष्टि करें।
एलआईसी से कितना लोन मिल सकता है अगर पॉलिसी सिर्फ़ एक साल पुरानी है?
नए प्लानों (जैसे 714, 715, 736) में पहला पॉलिसी वर्ष पूरा होने और एक साल का पूरा प्रीमियम भरने के बाद लोन मिल सकता है — तब सरेंडर वैल्यू का 50% तक। पर इतनी जल्दी सरेंडर वैल्यू छोटी होती है, इसलिए रकम भी कम बनेगी। पुराने वर्ज़न (जैसे 915, 936) में कम से कम दो साल का पूरा प्रीमियम भरना ज़रूरी था। सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट (717) में 3 महीने या फ़्री-लुक अवधि के बाद ही लोन मिल जाता है।
LIC पॉलिसी लोन पर इस समय कौन-सी दर लागू है?
LIC के 2026 में जारी पॉलिसी डॉक्यूमेंट (जैसे न्यू बीमा ज्योति और बीमा प्लैटिनम) के अनुसार 1 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 के बीच मंज़ूर लोन पर 9.5% सालाना, छमाही चक्रवृद्धि लगेगा, जो पूरे लोन काल के लिए रहेगा। ब्याज हर छह महीने देना होता है। LIC की वेबसाइट कहती है कि दर हर साल घोषित होती है और प्लान के हिसाब से अलग होती है, इसलिए पुरानी पॉलिसी पर मंज़ूरी के समय लिखी दर देखें।
क्या टर्म प्लान या यूलिप पर LIC लोन देता है?
नहीं। न्यू टेक-टर्म के पॉलिसी डॉक्यूमेंट में साफ़ लिखा है कि इस पॉलिसी पर कोई लोन उपलब्ध नहीं होगा, और यूलिप प्लान न्यू पेंशन प्लस में भी लोन सुविधा नहीं है। IRDAI के 12 जून 2024 के मास्टर सर्कुलर के अनुसार यूनिट-लिंक्ड प्रोडक्ट में लोन की अनुमति नहीं है, जबकि सरेंडर वैल्यू देने वाले नॉन-लिंक्ड सेविंग प्रोडक्ट में पॉलिसी लोन की सुविधा होनी ही चाहिए।
LIC पॉलिसी लोन ऑनलाइन कैसे लें?
पहले licindia.in के कस्टमर पोर्टल पर रजिस्टर करें, फिर प्रीमियर सर्विस के लिए आवेदन करें — साइन किया फ़ॉर्म और PAN या पासपोर्ट की स्कैन कॉपी (100 KB तक) अपलोड करनी होती है, और सत्यापन 3 कार्यदिवस में होता है। इसके बाद "Online Loan" सर्विस रिक्वेस्ट डालें। LIC के अनुसार अनुरोध दर्ज होने के बाद लोन के दस्तावेज़ किसी भी नज़दीकी शाखा में जमा किए जा सकते हैं। रकम NEFT से बैंक खाते में आती है।
अगर LIC लोन का ब्याज न भरें तो क्या होगा?
बिना भरा ब्याज छमाही चक्रवृद्धि से जुड़ता जाता है। उदाहरण के लिए ₹90,000 का लोन 9.5% पर तीन साल बिना ब्याज भरे लगभग ₹1,18,896 हो जाता है। पॉलिसी डॉक्यूमेंट के अनुसार जब बकाया लोन और ब्याज सरेंडर वैल्यू से ज़्यादा हो जाए, तो LIC पॉलिसी foreclose कर सकता है; तब सिर्फ़ सरेंडर वैल्यू और बकाये का अंतर मिलता है और बीमा कवर ख़त्म हो जाता है।
एलआईसी पर कितना लोन मिल सकता है अगर पॉलिसी पेड-अप हो गई है?
पेड-अप यानी प्रीमियम बंद हो चुकी पॉलिसी पर भी लोन मिलता है, पर प्रतिशत कम होता है। नए प्लानों में दो साल का प्रीमियम भरा हो तो 65% से 75% (प्लान के अनुसार), वरना 40%। पुराने जीवन आनंद 915 और जीवन लाभ 936 के डॉक्यूमेंट में 80% लिखा है, जबकि LIC की सामान्य शर्त 85% बताती है। इसलिए अपनी पॉलिसी की शर्त शाखा से लिखित में पुष्टि कराएँ।
क्या लोन दो महीने में चुका दें तो ब्याज कम लगेगा?
नहीं, पूरी तरह नहीं। LIC की वेबसाइट के अनुसार पॉलिसी लोन की न्यूनतम अवधि छह महीने है, और उससे पहले चुकाने पर भी छह महीने का ब्याज देना होगा। ₹1,00,000 के लोन पर 9.5% की दर से यह ₹4,750 बनता है, चाहे आप दो महीने में ही लौटा दें। अगर ज़रूरत बहुत छोटी अवधि की है, तो यह हिसाब पहले लगा लें।

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जानकारी कहाँ से ली गई है

इस लेख की हर दर, राशि और शर्त बैंक या सरकार की अपनी आधिकारिक वेबसाइट से 8 अक्टूबर 2026 को जाँची गई है। जहाँ कोई आँकड़ा सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, वहाँ हमने अनुमान लगाने के बजाय यही लिखा है कि वह उपलब्ध नहीं है। ब्याज दरें और योजनाएँ बदलती रहती हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

स्रोत

  • https://licindia.in/policy-conditions
  • https://licindia.in/policy-loan-options
  • https://licindia.in/web/guest/faqs
  • https://licindia.in/web/guest/policy-status
  • https://licindia.in/alternate-channels-of-premium-collection-for-lic-policies
  • https://licindia.in/web/guest/lic-portal
  • https://licindia.in/web/guest/download-forms
  • https://licindia.in/web/guest/endowment-plans
  • https://licindia.in/web/guest/withdrawn-plans
  • https://licindia.in/documents/20121/1385382/Final+Policy+Document+_LIC%27s+New+Endowment+Plan.pdf/353630dd-dada-cd7e-d3cf-5792ee3cb807?t=1751638574726
  • https://licindia.in/documents/20121/1385382/Modif_Policy+Document+LICs+New+Jeevan+Anand_715.pdf/c63e8ae7-8532-12d6-9a19-73b212881016?t=1751638594161
  • https://licindia.in/documents/20121/1243952/Final_Policy+Docs_LIC%27s+Jeevan+Labh_V03_website.pdf/042e4ba3-075c-b59b-b08d-ff49b406831a?t=1728040449287
  • https://licindia.in/documents/20121/1850013/Policy+Document+LIC%27s+New+Bima+Jyoti_website_100826.pdf/2e703fb3-a976-5f1c-6c05-939953935ef1?t=1786362689439
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  • https://licindia.in/documents/20121/97186/Final-Policy-Doc_New-Jeevan-Anand.pdf/e3b2a0ee-8d74-12ad-582b-180ddb1e8da7?t=1668668065216
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  • https://licindia.in/documents/20121/129511/Spurious-calls_161017.pdf/4d1d93a5-4d24-31c2-de28-9dc19539173c?t=1669367328788
  • https://licindia.in/documents/d/guest/neft_mandate_form__format
  • https://irdai.gov.in/documents/37343/365525/Master+Circular+on+Life+Insurance+Products.pdf/d7ca89f3-b894-8c93-3e53-d8caf67a8ba6?version=1.1&t=1718190178836

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